बीसी आरक्षण पर मजबूती से पक्ष रखने की तैयारी

हैदराबाद, स्थानीय निकाय चुनावों में पिछड़ी जातियों के लिए 42 प्रतिशत आरक्षण लागू करने संबंधी राज्य सरकार ने हाल ही में एक सरकारी आदेश जारी किया है। इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर होने के बाद तेलंगाना सरकार सतर्क हो गई है। सरकार सुप्रीम कोर्ट में मजबूत दलीलें रखने की तैयारी में जुट गयी है।

बीसी आरक्षण के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका को लेकर कानूनी विशेषज्ञों से सलाह और सुझाव प्राप्त करके सरकार की ओर से मजबूत तर्क प्रस्तुत किए जाने को सुनिश्चित करने की कवायद सरकार रविवार को दिनभर व्यस्त रही। रविवार की शाम को उप-मुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्का, पिछड़ी जाति कल्याण मंत्री पोन्नम प्रभाकर, वाकिटि श्रीहरि ने शमशाबाद हवाईअड्डे से दिल्ली के रवाना हुए।

इससे पूर्व ने मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, उप-मुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्का और प्रदेश कांग्रेस समिति अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ से भेंटकर ताजा घटनाक्रम से अवगत कराया। अवसर पर मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे लेकर कई सुझाव दिए। उन्होंने आदेश दिया कि सुप्रीम कोर्ट में सरकार की दलीलें मजबूती से रखी जाएं।

बाद में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ ने उप-मुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्का, मंत्री पोन्नम प्रभाकर, वाकिटि श्रीहरि और पीसीसी मामलों की प्रभारी मीनाक्षी नटराजन से चर्चा की। उन्होंने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में स्थानीय निकाय चुनावों पर होने वाली सुनवाई और 8 अत्तूबर को राज्य उच्च न्यायालय में पिछड़ा वर्ग आरक्षण पर होने वाली सुनवाई के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।

यह भी पढ़ें… तेलंगाना निकाय चुनाव में 42% बीसी आरक्षण का जीओ जारी

पिछड़ी जातियों के आरक्षण पर सरकार का रुख

दिल्ली रवाना होने से पूर्व मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार द्वारा पिछड़ी जातियों के लिए 42 आरक्षण लागू करने के लिए उठाये जा रहे कदमों को रोकने की कोशिश हो रही है। उन्होंने एक बार फिर स्पष्ट किया कि पिछड़ी जातियों के आरक्षण से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के आरक्षण को कोई नुकसान नहीं होगा।

साथ ही कहा कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के नेतृत्व में हम राहुल गांधी की सोच के अनुरूप बीसी वर्गों को लाभ दिलाने के उद्देश्य से आरक्षण लागू करने के लिए आगे बढ़ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के बीच मतभेद की स्थिति में कमजोर वर्गों का समर्थन करने के लिए समाज के प्रमुखों को आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि पिछड़ी जातियों को भी संविधान में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के अधिकारों की तरह अधिकार प्राप्त हो।

मंत्री ने याद दिलाया कि पिछड़ी जातियों के आरक्षण विधेयक को सभी राजनीतिक दलों का समर्थन प्राप्त है और यह सर्वसम्मति से पारित किया गया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में वरिष्ठ वकीलों से मिलकर इस मुद्दे पर सलाह ली जायेगी। सरकार सुप्रीम कोर्ट में मजबूती से अपना पक्ष रखेगी। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस पार्टी कमजोर वर्गों को सामाजिक न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।

अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button