विभागीय पदोन्नति समिति के अनुसार हों प्रमोशन : अदालत

हैदराबाद, तेलंगाना उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की सिफारिशों के अनुसार धर्मस्व विभाग में कार्यरत कर्मचारियों को पदोन्नति दी जा सकती है।

हालाँकि अदालत ने यह शर्त लगाई कि यह पदोन्नतियाँ डीपीसी द्वारा जारी अंतिम निर्णय के अधीन होगी। सिकंदराबाद स्टेशन रोड, गणेश मंदिर के कार्यकारी अधिकारी एम. रामकृष्णा राव ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर दावा किया कि राज्य और अधीनस्थ सेवा नियम 1996 के नियम 26 के तहत दायर उनकी अपील का निपटारा किए बिना धर्मस्व विभाग के आयुक्त द्वारा वरिष्ठता सूची की घोषणा करना अमान्य है।

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उच्च न्यायालय की न्यायाधीश टी. माधवी देवी ने याचिका पर सुनवाई की और विवरण पेश करने के लिए प्रतिवादी राजस्व (धर्मस्व) के मुख्य सचिव, धर्मस्व विभाग के आयुक्त और अन्य को नोटिस जारी की। धर्मस्व विभाग के डीपीसी की सिफारिश के अनुसार धर्मस्व विभाग में पदोन्नतियाँ की जा सकती है, लेकिन यह पदोन्नतियाँ डीपीसी द्वारा जारी अंतिम निर्णय के अधीन होगी। इस घोषणा के साथ न्यायाधीश ने मामले की सुनवाई 22 जून तक के लिए स्थगित कर दी।

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