राजमतीजी आदि ठाणा 3 का हुआ नगर मंगल प्रवेश
हैदराबाद, जैन श्री संघ मलकपेट के तत्वावधान में डॉ. सुमंगलप्रभाजी म.सा. आदि ठाणा-5 की निश्रा में राजमतीजी म.सा., विनयश्रीजी म.सा., नवदीक्षिता जिव्वाश्रीजी म.सा. आदि ठाणा-3 का भव्य त्रयनगर मंगल प्रवेश आज मलकपेट स्थित बम्ब सिंघी भवन में हुआ। डॉ. सुमंगलप्रभाजी म.सा. आदि ठाणा-5 के सान्निध्य में राजमतीजी म.सा. आदि ठाणा की मंगल शोभा यात्रा माणकचंद अशोक कुमार राहुल कुमार सिंघवी के मलकपेट, आनंद नगर स्थित निवास से अल्पाहार के बाद आरंभ हुई।
तत्पश्चात सकल संघ के पदाधिकारियों ने जयकारों के साथ मलकपेट स्थित बम्ब सिंघी भवन में प्रवेश किया। धर्मसभा का शुभारंभ पूज्यश्री के मंगलाचरण से हुआ। डॉ. सुमंगलप्रभाजी म.सा. ने कहा कि मलकपेट संघ को नगर प्रवेश करवाने का निराला और सुनहरा अवसर मिला। संत को जिन वाणी से सींचा है और इस वाणी से चातुर्मास की बगिया में सभी को विचरण कराने आये हैं। प्ज्यूश्री के प्रवेश में सभी का बहुत योगदान रहा, इसलिए सभी को आभार और बधाई।
चातुर्मास: वैराग्य और धर्मजागरण की बेला
चातुर्मास व्यक्ति के जीवन में नया सवेरा लेकर आया है। म.सा. ने कहा कि आगामी चातुर्मास ऐतिहासिक यशस्वी बने, इसके साथ त्रयनगर की धर्म ध्यान की ज्योति जागृत हो। चातुर्मास में धर्म के मर्म का रहस्य, धर्म की भूमिका के धरातल पर होगा, ताकि धर्म के धरातल को मजबूत कर सकें। भीतर धर्म की ज्वाला को उज्ज्वल करने साध्वीजी पधारी हैं। अनमोल बेला में अनमोल सतियाँ विराजमान हैं।
आज 8 सती मंडल का एक ऐसे स्थान पर समागम हुआ, जहाँ भावों की दशा गरिमा महिमा उत्कृष्ट होती है, वहाँ ऐसा माहौल बनता है। भाव की गरिमा ऐसी प्रबल होती है कि संत की क्रिया का ध्यान करते करते मोक्ष की मंजिल को प्राप्त कर सकता है। संत पानी में पात्र को तिराते-तिराते आत्मा का कल्याण कर सकता है। कोई स्नान करते-करते वैराग्य को प्राप्त कर सकता है। ऐसे ही अपने भावों को मन में जगाएँ कि छोटी क्रिया से ही उत्कृष्ट भाव वैराग्य पैदा हो।
आत्मसाक्षात्कार व मोक्षमार्ग की प्रेरणादायी वाणी
भाव में आकर अपने आप के तत्व की पहचान आत्म साक्षात्कार करो, श्रेष्ठी गुण वाले ही कल्याण के मार्ग पर बढ़ सकता है। म.सा. ने कहा कि आज हम साधु संतों की निंदा करते हैं, जो सही नहीं है। जब हम निश्चल मन से धर्म भावना, सरलता, आत्मियता को अपनाते हैं, तो धर्म का विकास होगा। 27 जून को चातुर्मास प्रवेश सिकंदराबाद में होगा। सभी इसमें अवश्य भाग लें।

म.सा. ने कहा कि आगामी 7 सितंबर को पर्वाधिराज पर्युषण के बाद दादा गुरुदेव जयमलजी म.सा. का भव्य जन्मोत्सव का आयोजन धर्म, ध्यान, तप, त्याग आराधना के साथ मनाया जाएगा। सभी इसमें भाग लेने का लक्ष्य रखे। महासती मंडल भी उसमें पधारे। प्रवचन सभा में राजमतीजी म.सा. ने कहा कि भगवान महावीर की देशना स्वयं को तिराने के साथ दूसरों को तिराने की प्रेरणा देने वाली होती है। संतों का समागम भगवान की कृपा से ही होता है।
संसार में जीना है, तो समय का भोग देना होगा। समय का भोग दिये बिना मोक्ष नहीं मिलता। हर कोई मोक्ष में जाना चाहता है, पर ऐसी कोई क्रिया नहीं करता, जो मोक्ष की ओर ले जाए। म.सा. ने कहा कि घमंडी को दूसरों की बुराई करने वाले, निंदा करने वाले को कभी मोक्ष नहीं मिलता। मोक्ष में जाना है, तो आत्मा को भाना पड़ेगा, परमार्थ करना पड़ेगा, सेवा करने वाला होगा तभी मार्ग मिलेगा। आत्मा को टटोलो, तभी वैराग्य होगा।
संत समागम से जीवन में आता है वैराग्य और मोक्ष
भगवान की आराधना, वचन से सिद्धि होती है, वैराग्य आता है। जब तक कर्म नहीं टूटेगा, तब तक संसार छूटने वाला नहीं है। कर्म छूटेगा तो संसार भी छूटेगा और कर्म के छूटे बिना मोक्ष नहीं मिलेगा। विनयश्रीजी म.सा. ने कहा कि जिस भूमि की मिट्टी पावन होती है, उस क्षेत्र में संतों का समागम होता है। हर जगह संत कभी नहीं जाते। जिस क्षेत्र की भूमि की पुण्यवाणी हो, वहाँ संत का आगमन होता है। जहाँ संत जाते हैं, वहॉ सोना होता।

संत समागम अनंत पुण्यवाणी से मिलता है। पुण्यवाणी न हो, तो संत नजदीक से गुजर जाते हैं, लेकिन आप केवल खड़े रहते हैं। पुण्यवाणी को बढ़ाने वाले संत ही हैं। ऐसी भावना हो कि मेरे घर संत आ जाएँ। जिस दिन आ जाते हैं, जीवन धन्य हो जाता है। मलकपेट में सिंघवी परिवार एवं पोकरणा परिवार ने नगर प्रवेश करवाया, इसकी खुशी है। डॉ. सुमंगलप्रभाजी आदि ठाणा का सानिध्य मिला, जिनसे 6 वर्ष पूर्व मिले थे। चतुर्मास में धर्म की प्रभावना करें और प्रवचन का लाभ लें।
सुवृद्धिश्रीजी म.सा. ने गीतिका से भाव प्रकट करते हुए कहा कि पाप, ताप और अभिशाप संत के दर्शन मात्र से दूर हो जाते हैं।
जिव्वाश्रीजी म.सा. ने कहा कि लोग कहते हैं कि हाथों की लकीरें अच्छी नहीं होती, तो किस्मत अच्छी नहीं होती। हम कहते हैं कि जिसके सिर पर गुरुदेव का हाथ होता है, उन्हें हाथों की लकीरों और किस्मत की कोई जरूरत नहीं होती। आज का दिन पावन है, क्योंकि नगर में गुरुणीवर्या का प्रवेश हुआ है। आपका इंतजार खत्म हो गया। आज संतों का समागम और संतों की वाणी का अवसर मिला है।
चातुर्मास कार्यक्रम व नगरत्रय संघों का आमंत्रण
अवसर पर सभी का स्वागत मंत्री अशोक कुमार सिंघवी ने किया। उन्होंने श्री जैन संघ, मलकपेट को नगर प्रवेश का अवसर देने के लिए कोरा संघ का आभार व्यक्त किया। कोरा श्री संघ के संघपति संपतराज कोठारी ने कहा कि कई दिनों से अभिलाषा थी कि महासती सुमंगलप्रभाजी म.सा. एवं राजमतीजी म.सा. आदि ठाणा का मिलन हो, जो आज मलकपेट पर संभव हुआ। इसके लिए मलकपेट संघ का कोरा संघ आभार व्यक्त करता है। अवसर पर साधु-संतों द्वारा दी गई शुभकामनाएँ प्रेषित कीं गयीं। उन्होंने कहा कि बोलारम एवं मलकपेट क्षेत्र ऐसे हैं, जहाँ बाहर से आने वाले संतों का प्रवेश होता है।

कोरा श्री संघ के महामंत्री गौतमचन्द मुथा ने कहा कि राजमतीजी म.सा. आदि ठाणा का वर्ष-2025 का चातुर्मास कोरा श्री संघ आनंद भवन में शुक्रवार, 4 जुलाई को सुबह 9.31 बजे होगा। नगरत्रय के सकल संघों एवं डॉ. सुमंगलप्रभाजी म.सा. आदि ठाणा-5 से कार्यक्रम में पधारने का आग्रह करते हैं। उन्होंने कहा कि आगामी 3 अगस्त को मरुधर केसरी मिश्रीमलजी म.सा. एवं शेरे राजस्थान रूपचंदजी म.सा. की जन्म जयंती भाग्यनगर गौशाला में मनाई जाएगी। उन्होंने सकल संघ से कार्यक्रम में भाग लेने का आग्रह किया।
विहार सेवा की जानकारी देते हुए कहा कि राजमतीजी म.सा आदि ठाणा गुरुवार, 19 व 20 जून को मलकपेट में विराजेंगी। 21 जून को डबीरपुरा स्थानक, 22 जून को श्रमणोपासक संघ, रामकोट में, 23 जून को अवंतीनगर में, 24 और 25 जून को मारेडपल्ली संघ जैन स्थानक में, 26 जून को महावीर भवन में, 27 जून को जैन स्थानक, सिकंदराबाद में विराजेंगी।सिकंदराबाद श्री संघ के महामंत्री सुरेन्द्र कटारिया ने कहा कि डॉ. सुमगंलप्रभाजी म.सा. आदि ठाणा का मंगल प्रवेश सिकंदराबाद में 27 जून को होगा।
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साध्वीजी का चातुर्मासिक प्रवेश एवं प्रवचन कार्यक्रम
इससे पूर्व साध्वी डॉ. सुमंगलाश्रीजी 19 जून को चैतन्यपुरी में, 20 जून को तारनाका में, 21-22 को ईस्ट मारेडपल्ली में, 22-23 जून को वेस्ट मारेडपल्ली में गौतमचंद गुगलिया के यहाँ, 25 जून को सिकंदराबाद लिजेंड में, 26 जून को सिकंदराबाद महावीर भवन में पदार्पण होगा। अवसर पर राजमतीजी म.सा. एवं डॉ. सुमंगलप्रभाजी म.सा. का सामूहिक प्रवचन होगा। तत्पश्चात पॉट मार्केट में पदार्पण होगा। 27 जून को महासतीजी का पॉट मार्केट से सिकंदराबाद स्थानक में भव्य चातुर्मास प्रवेश होगा। सभी इसमें अधिक से अधिक संख्या में भाग लें।
श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ हैदराबाद के अध्यक्ष दिलीप धारीवाल, श्रमणोपासक संघ के अध्यक्ष किशोर कुमार मुथा, चैतन्यपुरी श्री संघ के चेयरमैन हर्षकुमार मुणोत, ग्रेटर हैदराबाद संघ के महामंत्री पवन कटारिया, श्री जैन सेवा संघ के महामंत्री अशोक मुथा ने शुभकामनाएँ देते हुए चातुर्मास के यशस्वी एवं ऐतिहासिक होने की भावना व्यक्त की। अवसर पर तेजस्वी बहू मंडल, संजय सिंघवी, सुरभि मंडल, जैन महिला मंडल, मलकपेट ने गीतिका के माध्यम से भाव व्यक्त किये।
कार्यक्रम का संचालन पारस डोसी एवं अशोक कुमार सिंघवी ने किया। उपाध्यक्ष ज्ञानचंद रांका ने आभार व्यक्त किया। उन्होंने सभी से 19 व 20 जून को मलकपेट बम्ब सिंघी भवन में राजमतीजी म.सा. आदि ठाणा के प्रवचन का लाभ लेने का आग्रह किया। अवसर पर अल्पाहार एवं गौतम प्रसादी के लाभार्थी परिवार गणपतराज विनोद कुमार, अशोक कुमार सिंघवी, कुशलराज राहुल राजेश सम्यक पोकरना परिवार का सम्मान किया गया।
जैन संघों के पदाधिकारियों की सामूहिक उपस्थिति
अवसर पर श्री जैन श्रावक संघ कोरा (छावनी) के संघपति सम्पतराज कोठारी, अध्यक्ष संजय कटारिया, महामंत्री गौतमचन्द मुथा, जैन श्री संघ मलकपेट के मार्गदर्शक कुशलराज पोकरणा, अध्यक्ष सुरेश गादिया, उपाध्यक्ष गौतमचन्द कोठारी, ज्ञानचंद रांका, गिरिराज सिंघी, मंत्री अशोक कुमार सिंघवी, कोषाध्यक्ष अशोक कोठारी, सह-मंत्री कमल सिंघवी, जैन श्री संघ, मलकपेट के पदाधिकारियों, कार्यकारिणी सदस्यों एवं श्रावक-श्राविकाओं ने सहयोग प्रदान किया।
श्री जैन श्रावक संघ कोरा से संपतराज कोठारी, सुरेश समदड़िया, गौतम सुखानी, सज्जनराज भंडारी, संजय कटारिया, गौतमचंद मुथा, चंद्रप्रकाश लोढ़ा, प्रवीण सुराणा, गौतमचंद बेताला, अनिल तातेड़, अरुण सांखला, ज्ञानचंद कोचेटा, भरत मेहता, श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ मारुति विधि के शान्तिलाल बोहरा, सुरेंद्र कटारिया, गजेन्द्र तातेड़, श्रेणिक डाफरिया, चैतन्यपुरी संघ के हर्ष कुमार मुणोत, श्रीवर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ ग्रेटर हैदराबाद के पवन कटारिया, धर्मेंद नाहर, राजेंद्र कटारिया, श्री जैन श्रावक श्रमणोपासक संघ के किशोर मुथा, रतन कटारिया, डेयरी फॉर्म संघ के आनंद भंसाली, गजराज कवाड़, भंवरलाल छाजेड़, डबीरपुरा संघ के दिलीप धारीवाल, श्री जैन सेवा संघ से योगेश सिंघी, अशोक मुथा, श्री आनन्द जैन युवा मंडल कोरा के विकास कटारिया, सचिन लोढ़ा, पारस नाबरिया, रतनचंद कटारिया, मदनलाल संचेती, श्री वर्धमान महिला मण्डल के पदाधिकारी, सदस्य, विभिन्न संघों के पदाधिकारी एवं सदस्य अवसर पर उपस्थित थे।
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