ब्रिटेन में सिख समूह इस्लामोफोबिया की परिभाषा को चुनौती देने को जुटा चंदा

लंदन, ब्रिटेन में सिख संगठनों की एक मूल संस्था ने सरकार द्वारा प्रस्तावित नयी मुस्लिम-विरोधी शत्रुता की परिभाषा को कानूनी रूप से चुनौती देने के लिए धन जुटाने के वास्ते चंदा इकट्ठा करने का अभियान प्रांरभ किया है। आवास, समुदाय और स्थानीय सरकार के राज्य सचिव स्टीव रीड ने पिछले महीने संसद में सामाजिक एकता की रणनीति के साथ इस परिभाषा को पेश किया था, जिसका उद्देश्य ‘‘मुसलमानों या जिन्हें मुसलमान माना जाता है उनके प्रति अस्वीकार्य पूर्वाग्रह, भेदभाव और घृणा पर रोक लगाना’’ है।

हालांकि, कुछ ब्रिटिश हिंदू और सिख समूहों ने इस बात पर चिंता व्यक्त की थी कि इस तरह की परिभाषा का ब्रिटेन में धर्म की स्वतंत्रता पर क्या प्रभाव पड़ेगा ‘द नेटवर्क ऑफ सिख ऑर्गनाइज़ेशन’ (एनएसओ) ने कहा, ‘‘सरकार द्वारा समर्थित ‘मुस्लिम विरोधी’ शत्रुता की परिभाषा के कारण ब्रिटेन के सिखों की ‘धर्म और आस्था की स्वतंत्रता’ खतरे में है।’’

संगठन ने कहा, ‘‘सरकार की कार्रवाइयों और ब्रिटेन के सिखों तथा अन्य धार्मिक समूहों के अपने धर्मों का पालन करने की क्षमता पर उनके संभावित प्रभाव के कारण हम न्यायिक समीक्षा का सहारा लेने के लिए विवश हैं।’’ संगठन ने कहा, ‘‘ हमारा मानना ​​है कि सभी के लिए एक ही कानून होना चाहिए। जैसा कि हमने पहले भी कहा है, यदि एक समूह के लिए सरकार द्वारा समर्थित विशेष परिभाषा है, तो दूसरों के लिए क्यों नहीं? एक के लिए ‘ज़ार’ (राजा) क्यों, यह विशिष्टता क्यों?’’

कानूनी चुनौती के लिए फंड जुटाने की पहल

एनएसओ को आशंका है कि नई गैर-वैधानिक परिभाषा स्कूलों, विश्वविद्यालयों, परिषदों, कार्यस्थलों और ऑनलाइन क्षेत्र में व्यापक रूप से फैल जाएगी। यह संगठन अब इस आधार पर अदालत का रुख कर रहा है कि सरकार का यह कदम मानवाधिकारों पर यूरोपीय सम्मेलन (ईसीएचआर) के तहत संरक्षित अनुच्छेद 9, 10 और 14 के अधिकारों में हस्तक्षेप करता है।

चंदा इकट्ठा करने का अभियान रविवार को शुरू किया गया और कुछ ही दिनों के भीतर 25,000 पाउंड के लक्ष्य में से 2,000 पाउंड से अधिक राशि जुटा ली गई। (भाषा)

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