Jain Teachings
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आस्था
पाप क्रियाओं के फलों से रक्षा के लिए करें प्रतिक्रमण
जैनियों का महत्वपूर्ण पर्व है- पर्युषण। इस समय श्रावकों में चेतना की भयंकर कमी आई हुई है, इसीलिए धर्म क्रियायाएं…
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प्रवचन
सरल हृदय में होता है धर्म का निवास : भक्तिरत्नसूरीजी
हैदराबाद, सरल, विनम्र भावों से आत्म शुद्धि होती है। मानव को अपने स्वभाव को सरल बनाना चाहिए। सरल हृदय में…
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प्रवचन
अनुकर्मी आत्मा छोटा सा पाप होने पर करती है प्रायश्चित : डॉ. सुमंगलप्रभाजी
हैदराबाद, वाचिक गर्हा मन से और मानसिक गर्हा से जुड़ी होनी चाहिए, तभी सिद्धि लब्धि प्राप्त हो सकती है। मानसिक…
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