क्रोध का क्षमण कर दुश्मन को गले लगाने का पर्व है संवत्सरी : डॉ. सुमंगलप्रभाजी

हैदराबाद, सांवत्सरिक पर्व ऐसा है कि जीवन में क्रोध का अंत हो। यदि जीवन में क्रोध आता है, तो उसे क्षमण करने का सबसे महान पर्व है। यह क्रोध का क्षमण कर क्षमा का आदान-प्रदान का दिवस है। दुश्मन को गले लगाने का दिवस है। गुस्सा व्यक्ति को बर्बादी की ओर ले जाता है। गुस्सा में कॅरियर बर्बाद हो जाता है। उक्त उद्गार सिकंदराबाद स्थित मारुति विधि जैन स्थानक में श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ सिकंदराबाद के तत्वावधान में साध्वी रत्ना डॉ. सुमंगलप्रभाजी म.सा. ने व्यक्त किये।

म.सा. ने कहा कि नवकार महामंत्र की महिमा अपार है, इसे शब्दों में नहीं कहा जा सकता। नवकार महामंत्र के अक्षर 68 हैं, जबकि माला के कण 108 है। माला के 108 माणक से नवकार महामंत्र का जाप करने से सभी 108 महापुरुषों की महिमा का गुणगान हो जाता है। म.सा. ने कहा कि क्रोध को दावानल की उपमा दी है। क्रोध आने पर नियंत्रण न करें, तो ज्वालामुखी घर परिवार समाज में फूटता है।

इससे समाज, घर-परिवार में हानि होती है। मकान जले तो बीमा ले सकते हैं, लेकिन सपने जल गए तो क्या हो। बारिश में पानी हो तो छाता लें, पर आँखे बरसें तो क्या किया जाएगा। शेर दहाड़े तो व्यक्ति भाग जाता है, लेकिन भीतर में अहंकारी की दहाड़ लगे तो क्या होगा। कांटा लगे तो निकाल सकते हैं, पर किसी के कटु वचन चुभ गए, तो क्या किया जाए। क्रोध का क्षमण करें, तो आने वाली मुसीबत टल जाती है। पैंसठिया छंद जाप के पश्चात अंतकृत दशांग सूत्र का वाचन भावार्थ सहित साध्वी डॉ. सुवृद्धिश्रीजी म.सा. ने किया। तत्पश्चात साध्वी रजतप्रभाजी ने क्षमा का महत्व बताया।

संघ सेवा और पर्युषण पर्व में निशुल्क चिकित्सा

सभा का संचालन करते हुए संघ के अध्यक्ष गौतमचंद गुगलिया ने संघ के पदाधिकारियों की धर्मनिष्ठता तथा समर्पित भाव से किए गए कार्यों के लिए कृतज्ञता अर्पित की। साथ ही वर्तमान पदाधिकारियों, कार्यकारिणी सदस्यों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। कल जाप की प्रभावना मिश्रीलाल, गौतमचंद, नवरतन गुगलिया परिवार, मदनलाल, संतोष कुमार, ध्रुव लुणावत परिवार, भागचंद महावीरचंद पोकरणा परिवार की ओर से प्रदान की गई थी।

क्षमा दिवस पर संतोष गुगलिया ने गीतिका प्रस्तुत की। अध्यक्ष ने श्री संघ की ओर से सुमंगलप्रभाजी म.सा. के जन्मदिवस पर उनके शत आयु, स्वास्थ्य और संयम जीवन के पथ पर यश से संघ गौरवान्वित हो, ऐसी भावना संघ की ओर से प्रकट की। संघपति संपतराज कोठारी ने संघ की पटवाली पढ़ते हुए संघ में सेवा देने वाले सभी पूर्वजों को याद कर कृतज्ञता व्यक्त की। पटवाली में सहयोग करते हुए पूर्वजों के नाम मंत्री गजेन्द्र तातेड़ ने रखे।

श्री एस.एस. जैन महावीर मेडिकल रिलीफ सोसाइटी के अध्यक्ष राजेश डूंगरवाल ने बताया कि 1987 में स्थापित संस्था में कल प्रतिदिन दो शाखा में लगभग 300 से अधिक मरीजों की चिकित्सा सेवा दानदाताओं के सहयोग से नाम मात्र राशि पर दी जा रही थी, जो संस्था के निस्वार्थ सेवाभावी सदस्यों के कारण अति वेग से लगातार प्रगतिशील है। पर्युषण पर्व के आठ दिन मारुति विधि शाखा में निशुल्क चिकित्सा एवं भैरूलाल रांका पैथोलॉजिकल लैब में 50 प्रतिशत की विशेष छूट अक्षय व आश्रय की पुण्य स्मृति में पन्नालाल निर्मल कुमार अंकित क्रियान पहल लोढ़ा परिवार के सहयोग से दी गयी।

निशुल्क चिकित्सा और महिला सम्मेलन की जानकारी

न्यू भाईगुड़ा शाखा में निशुल्क चिकित्सा स्व. नेमीचंद सिंघवी पोकरणा की स्मृति में मोतीलाल, गौतमचंद, संदीप सिंघवी पोकरणा परिवार के सहयोग से दी गयी। प्रेमराज शांतिलाल अशोक कुमार धर्मेंद्र कुमार गुगलिया के सहयोग से डिजिटल एक्सरे मशीन तथा कांतिलाल गौतमचंद पोकरणा के सहयोग से ओपीजी डेंटल मशीन का नवीनीकरण किया गया। सभी दानदाताओं का सहयोग के लिए धन्यवाद दिया गया।

जैन कॉन्फ्रेंस की पूर्व अध्यक्ष शोभा बोहरा की सूचना के अनुसार, प्रांतीय जैन कॉन्फ्रेंस महिला शाखा द्वारा आगामी 2 सितंबर को दोपहर 2 से 5 बजे तक महिला सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। हर्षा पोकरणा की जीतो जॉब्स की सूचना भी प्रेषित की गयी। महामंत्री सुरेन्द्र कटारिया ने बताया कि चातुर्मास प्रारंभ से निरंतर जारी नवकार महामंत्र अखंड जाप का ऊर्जा प्रदान कलश का लाभ सर्वोच्च बोली द्वारा हीराचंद, विनोद कोठारी, बोनपल्ली निवासी ने लिया।

संघ ने उनका आभार व्यक्त किया। कल संवत्सरी महापर्व को पौषध दिवस के रूप में मनाया गया था। रजतप्रभाजी म.सा. द्वारा कल्पसूत्र का वाचन किया गया था। धर्म सभा में शोभादेवी भवरीलाल मुथा और श्रीकांत छाजेड़ ने 11, बबिता दिनेश सहलोत, जिनेश मरलेचा ने 9, श्रद्धा अलिजार, त्रिशला डूंगरवाल, सुलोचना बाई ड़ाफरिया, शान्ति देवी गुगलिया, अनीता देशलहरा, साहिल मेहता, श्वेता आंचलिया, पूनम गांधी, मोहित लुंकड़, रेखा पितलिया, कंचन गांधी, प्रफुल लालवानी, अनुज लालवानी, दिनेश सहलोत, प्रज्ञा बोहरा ने 8 उपवास के प्रत्यख्यान लिए।

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तेले तप और आचार्य जयमलजी की जन्म जयंती आयोजन

कई श्रावक-श्राविकाओं ने तेले तप के पच्चखान लिए। तपस्या की कड़ी में उपवास से सिद्धि तप करने वाले बबिता सहलोत, आयंबिल से दिनेश सहलोत और गौरव सहलोत का बहुमान स्मृति चिह्न, शॉल और माला द्वारा संघ की ओर से किया गया। कार्याध्यक्ष शांतिलाल बोहरा ने बताया कि 8 उपवास या उससे अधिक तपस्या करने वालों को चाँदी के सिक्के से लाभार्थी परिवार चंपालाल कन्हैयालाल पूनमचंद गांधी का स्वागत किया गया।

संघ की और से आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया गया। कोषाध्यक्ष विजयराज डूंगरवाल ने बताया कि मधुकर कुल प्रमुखा गुरु माता मनोहरकंवरजी म.सा. की पुण्य स्मृति पर पारसमल, दिलीप कुमार, अभिषेक अलिजार के सौजन्य से महावीर मेडिकल रिलीफ सोसाइटी में निशुल्क चिकित्सा सेवा दी गई थी। संवत्सरी महापर्व पर पधारे हुए श्रावक-श्राविकाओं को लड्डू की प्रभावना संघ की ओर से एवं कल्पना जिनेंद्रराज रांका की प्रेरणा से भेरुलाल, जिनेन्द्रराज, पारसमल, तुषाण कुमार, कारणकुमार, प्रथम रांका परिवार तथा तपस्या के उपलक्ष्य में संपतराज, सुरेशचंद, विनोद कुमार, आनंद डूंगरवाल परिवार तथा शांतिलाल, नवीन अलिजार परिवार की ओर से दी गई थी।

अध्यक्ष गौतमचंद गुगलिया ने बताया कि आचार्य भगवंत 1008 जयमलजी म.सा. की 318वीं जन्म जयंती आगामी 5 से 7 सितंबर तक तीन दिवसीय तेले तप के रूप में मनायी जाएगी। इसके तहत 5 सितंबर को सामायिक दिवस, 6 सितंबर को सह जोड़े जाप एवं शालिभद्र तप का आयोजन माता मारूदेवी महिला मंडल के सहयोग से किया जाएगा। 7 सितंबर को भव्य कार्यक्रम गुणगान दिवस के रूप मे मनाया जाएगा।

संघ की सेवा, तपस्या और प्रतिक्रमण का आयोजन

अध्यक्ष ने महासतीवृंद के संपूर्ण विहार में सेवा देने के लिए महामंत्री सुरेन्द्र कटारिया, नमो विहार सेवा एवं प्रचार प्रसार का कार्य संभालने के लिए कोषाध्यक्ष विजयराज डूंगरवाल, चातुर्मास में अनेक तपस्या, जाप एवं विभिन्न कार्यक्रम को भव्यता से करने, सेवा देने तथा भाग लेने के लिए आनंद श्राविका संघ, प्रतिभा बहू मंडल, माता मरु देवी महिला मंडल, गुरु अंबेश मेवाड़ संघ एवं महिला मंडल, नमो विहार सेवा मंडल, गुरु गणेश यात्रा संघ, अरिहंत मंडल व अन्य का आभार व्यक्त किया।

विशेषकर तपस्या में प्रेरणा देने के लिए चम्पाबाई कटारिया तथा सिद्धि तप में संपूर्ण एकासन की पुरसगारी में सहयोग के लिए सुरेन्द्र कटारिया, महेंद्र बांठिया, नवरतन मखाना, अनिल लालवानी, गजेन्द्र तातेड़, सुभाषचंद डूंगरवाल, अजीत कोठारी, महावीर कोठारी, शैलेश बोहरा, अनिल पोकरणा व अन्य को धन्यवाद दिया। प्रतिक्रमण की आज्ञा की पच्चखान की बोली संघपति सम्पतराज कोठारी ने करवाई, जिसमें 11 श्रावकों ने पच्चखान लिए।

पुरुषों में प्रतिक्रमण स्वाध्यायी गजेंद्र तातेड़, 99 अतिचार नितिन अलीजार, 20 लोगस्स का ध्यान गौतमचंद अलीजर एवं 4 महिलाओं में संपूर्ण प्रतिक्रमण शांताबाई लालवानी ने स्पष्ट रूप व सुंदर ढंग से करवाया। संघ की ओर से इन्हें धन्यवाद अर्पित किया गया। अवसर पर लगभग 200 श्रावक-श्राविकाओं ने पौषध व्रत किया। अध्यक्ष गौतमचंद गुगलिया एवं महामंत्री सुरेन्द्र कटारिया ने संघ की ओर से संघ के किसी भी सदस्य से जाने-अनजाने हुई भूल के लिए क्षमा याचना की।

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