sad poetry
-
कविता
अरसा
दिन के बाद रात औररात के बाद दिन का चक्रचलता रहता है निरंतरपर मेरी रात का सहर हुएअब एक अरसा…
और पढ़ें »
दर्द मेरे पास आया उसने मुझसे बहुत मिन्नतें की और कहा, मुझे अपने दिल में थोड़ी-सी जगह दे दो, मैं…
और पढ़ें »
दिन के बाद रात औररात के बाद दिन का चक्रचलता रहता है निरंतरपर मेरी रात का सहर हुएअब एक अरसा…
और पढ़ें »