तेलंगाना ने आरआरआर प्रॉजेक्ट के लिए एनएचएआई के पास जमा किए 527 करोड़
हैदराबाद, राज्य सरकार ने हैदराबाद रीजनल रिंग रोड (आरआरआर) प्राँजेक्ट के उत्तरी हिस्से के लिए ज़मीन अधिग्रहण लागत में अपने 50 प्रतिशत हिस्से के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑ़फ इंडिया (एनएचएआई) को 2,560 करोड़ रुपये देने का फ़ैसला किया है। सूत्रों ने बताया कि सरकार ने मंगलवार को पहले चरण के तहत एनएचएआई के पास 527 करोड़ रुपये जमा किए थे, ताकि ज़मीन अधिग्रहण तेज़ी से हो सके और आरआरआर को तेज़ी से पूरा किया जा सके।
सूत्रों के मुताबिक, एनएचएआई अधिकारियों की एक टीम ने भुगतान के तरीकों पर चर्चा करने के लिए सड़क और भवन मंत्री कोमटिरेड्डी वेंकट रेड्डी से मुलाकात की।बैठक के दौरान मंत्री ने पहले चरण में 527 करोड़ रुपये जारी करने पर सहमति जताई और भरोसा दिलाया कि एनएचएआई द्वारा मांगे जाने पर बाकी रकम जमा कर दी जाएगी।
सूत्रों ने याद दिलाया कि आरआरआर प्रोजेक्ट के लिए केंद्र से मंज़ूरी मांगते समय पिछली बीआरएस सरकार ने ज़मीन अधिग्रहण लागत का 50 प्रतिशत वहन करने का वादा किया था, लेकिन उसने एनएचएआई के पास स़िर्फ 100 करोड़ रुपये जमा किए, जिससे ज़मीन अधिग्रहण में देरी हुई और प्रोजेक्ट की प्रगति पर बुरा असर पड़ा।
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अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने अब ज़मीन अधिग्रहण की लागत का 50 प्रतिशत शेयर करने के लिए एक तीन-तऱफा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। 162 किमी के आरआरआर नॉर्थ के लिए अलाइनमेंट को अंतिम रूप दे दिया गया है, जबकि केंद्र ने 201 किमी के आरआरआर-साउथ के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए एक कंसल्टेंट नियुक्त किया है। हाल के पेमेंट के साथ, सरकार ने एनएचएआई के पास जो रकम जमा की है, वह 627 करोड़ रुपये तक पहुँच गई है, जिसमें पिछली बीआरएस सरकार के दौरान दिए गए 100 करोड़ रुपये भी शामिल हैं।
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