चिकित्सा क्षेत्र में उत्तर-पूर्वी राज्यों का सहयोग करेगी तेलंगाना सरकार :दामोदर राजनरसिम्हा
हैदराबाद, तेलंगाना नार्थ ईस्ट कनेक्ट : एक तकनीकि-सांस्कृतिक महोत्सव केदूसरे चरण के तहत राजभवन, टी-हब तथा हैदराबाद विश्वविद्यालय मेंस्वास्थ्य सेवा, फार्मा, जीवन विज्ञान तथा एआई जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर आधारित परिचर्चा सत्रों का आयोजन किया गया। इनमें तेलंगाना तथा उत्तर-पूर्वी राज्यों के साथ सहयोग की संभावनाओं तथा अवसरों पर प्रकाश डाला गया।
राजभवन में आयोजित हेल्थकेयर कॉन्क्लेव में स्वास्थ्य मंत्री दामोदर राजनरसिम्हा ने कहा कि तेलंगाना सरकार उत्तर-पूर्वी राज्यों में स्वास्थ्य तथा चिकित्सा के क्षेत्र में किसी भी प्रकार का सहयोग देने तैयार है। उन्होंने 2047 के लिए रणनीतिक दृष्टिकोण पर बल देते हुए चिकित्सा पर्यटन, प्रशिक्षण और समुदाय केंद्रित स्वास्थ्य सेवा में सहयोगात्मक उपक्रमों की आवश्यकता को रेखांकित किया।मंत्री ने इसे न केवल राज्य सहयोग, बल्कि राष्ट्रीय अनिवार्यता बताते हुए कहा कि तेलंगाना सरकार चिकित्सा और स्वास्थ्य क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
हैदराबाद मेडिकल टूरिज्म कैपिटल के रूप होगा विकसित
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार निर्माणाधीन सुपर स्पेशियालिटी, मेडिकल और नर्सिंग कॉलेजों के कार्य पूरा करने के साथ चिकित्सीय संस्थानों में बुनियादी सुविधाओं के प्रावधानों को प्राथमिकता दे रही है, ताकि राज्य में लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य देखभाल सेवा प्राप्त हो। देश और राज्य में बढ़ते कैंसर के मामलों को ध्यान में रखते हुए हर जिले में डे केयर कैंसर सेंटर उपलब्ध कराए हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में हैदराबाद को मेडिकल टूरिज्म कैपिटल के तौर पर विकसित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने उत्तर-पूर्वी राज्यों के लोगों से तेलंगाना विकास में सहभागी बनने का आह्वान किया।
हेल्थकेयर कॉन्क्लेव का मुख्य विषय किफायती और न्यायसंगत स्वास्थ्य सेवा पहुँच बढ़ाने के लिए साझेदारी बनाना था। तेलंगाना स्वास्थ्य, चिकित्सा एवं परिवार कल्याण विभाग की सचिव डॉ. क्रिस्टीना जेड. चोंगुथू ने पूर्वोत्तर के लिए एक स्वास्थ्य सेवा केंद्र के रूप में राज्य की महत्वपूर्ण प्रगति को रेखांकित किया। साथ ही दोनों क्षेत्रों के बीच दीर्घकालिक शैक्षिक और चिकित्सा संबंधों की सराहना की।
अवसर पर असम के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सचिव पी. अशोक बाबू, नीम्स हैदराबाद के निदेशक डॉ. बीरप्पा नागरी, डॉ. अमिताव गोस्वामी, डॉ. नागेश्वर रेड्डी, डॉ. पी. रघुराम व अन्य विशेषज्ञों के एक पैनल ने संस्थागत तालमेल, चिकित्सा क्षेत्र में एआई के उपयोग और कैंसर क्रीनिंग के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण तफतीयक देखभाल प्रदान करने के मॉडलों पर विचार-विमर्श किया। यहांएआई संचालित नैदानिक निर्णय निर्माण और अत्याधुनिक न्यूनतम इनवेसिव हृदय शल्य चिकित्सा तकनीकों पर सत्रों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा वितरण में नवाचारों पर प्रकाश डाला गया, जिससे रोगियों के परिणामों और स्वास्थ्य लाभ में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
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समस्या समाधान और अनुकूलनशीलता के बढ़ते महत्व पर बल
टी-हब में आयोजित कार्यक्रम में डिजिटल भर्ती क्रांति और उभरते एआई एकीकरण के बीच परिवर्तनकारी कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया। वक्ताओं ने समस्या समाधान और अनुकूलनशीलता के बढ़ते महत्व और जमीनी स्तर पर नवाचार सहित निरंतर कौशल उन्नयन की आवश्यकता पर बल देते हुए निरंतर कौशल उन्नयन की महत्वपूर्ण आवश्यकता पर ज़ोर दिया। इसके अलावा एक विशेष पैनल ने क्षेत्रीय, लैंगिक और सांस्कृतिक समावेशन को बढ़ावा देने में महोत्सव की भूमिका को प्रदर्शित किया। इसमें नागालैंड, तेलंगाना, सिक्किम और ओड़िशा की महिला उद्यमियों ने विचार साझा किए।
हैदराबाद विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में फार्मा और जीवन विज्ञान पर चर्चा में तेलंगाना को पूर्वोत्तर की अनूठी खूबियों के अनुकूल जैव प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के आदर्श मॉडल को प्रस्तुत किया गया। वक्ताओं ने पूर्वोत्तर क्षेत्र की जैव विविधता और पारंपरिक ज्ञान का लाभ उठाने के साथ कोल्ड चेन लॉजिस्टिक्स जैसी बुनियादी आवश्यकताओं तथा अनुसंधान एवं विकास में मजबूत सार्वजनिक निवेश पर ध्यान देने की बात पर विशेष रूप से बल दिया।
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