तेलंगाना आरटीसी हड़ताल: आत्मदाह का प्रयास करने वाले चालक की मौत

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हैदराबाद, हैदराबाद में कथित तौर पर आत्मदाह का प्रयास करने वाले तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (आरटीसी) के एक चालक की बृहस्पतिवार देर रात एक अस्पताल में मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। वारंगल जिले के नरसमपेट में तेलंगाना आरटीसी के कर्मचारी बृहस्पतिवार को अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे थे, तभी वाहन चालक शंकर गौड़ (50) ने कथित तौर पर पेट्रोल डालकर खुद को आग लगा ली।

गंभीर रूप से झुलसे गौड़ को पहले वारंगल के एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया और बाद में बेहतर उपचार के लिए हैदराबाद के एक ‘सुपर-स्पेशियलिटी’ अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया।यहां एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘बृहस्पतिवार रात एक बजकर करीब 30 मिनट पर वाहन चालक की मौत हो गई।’’

सरकार और नेताओं की अपील, कर्मचारियों से संयम बरतने को कहा

एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और शोक संतप्त परिजन के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सरकार आरटीसी कर्मचारियों से बातचीत करेगी और उनकी समस्याओं को हल करने का प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार शंकर गौड़ के परिवार के साथ खड़ी है और हर संभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को इस दुख की घड़ी में धैर्य देने की प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि क्षणिक आवेश में लिया गया निर्णय पूरे परिवार को गहरे दुख में डाल गया है। साथ ही उन्होंने दोहराया कि सरकार आरटीसी कर्मचारियों के साथ बातचीत कर रही है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर प्रयास कर रही है।

वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने भी शंकर गौड़ के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने आरटीसी कर्मचारियों से अपील की कि वे किसी भी परिस्थिति में आत्महत्या जैसे कदम न उठाएं। उन्होंने कहा, “किसी भी समस्या का समाधान जीवन समाप्त करना नहीं है।” उन्होंने आश्वासन दिया कि भाजपा हमेशा कर्मचारियों के साथ खड़ी रहेगी।

इसी क्रम में मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने भी कर्मचारियों से धैर्य बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार उनकी समस्याओं के समाधान के लिए ईमानदारी से बातचीत कर रही है। उन्होंने कर्मचारियों से लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने और उग्र कदमों से बचने का अनुरोध किया। मंत्री ने यह भी कहा कि राजनीतिक नेताओं की भड़काऊ टिप्पणियां ऐसी घटनाओं को बढ़ावा दे रही हैं, इसलिए सभी को संयम बरतना चाहिए।

सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों की अपील के बावजूद, आरटीसी कर्मचारियों की हड़ताल जारी है और समाधान की दिशा में बातचीत जारी है। राज्य सरकार ने आरटीसी कर्मचारियों की हड़ताल को देखते हुए कर्मचारियों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया और आग्रह किया कि वे किसी भी प्रकार के कड़े कदम न उठाएं ।

सड़क एवं भवन मंत्री वेंकट रेड्डी ने बताया कि नलगोंडा में आरटीसी के एक अन्य कर्मचारी ने भी कथित तौर पर आत्महत्या का प्रयास किया, हालांकि उसे कोई चोट नहीं आई।

पारिवारिक मुद्दों को लेकर यह कदम उठाया गया

अन्य खबरों में दावा किया गया है कि बृहस्पतिवार शाम खम्मम स्थित अपने आवास पर आरटीसी के एक कर्मचारी ने इसी तरह का कदम उठाया, लेकिन पुलिस ने कहा कि यह घटना कर्मचारियों की हड़ताल से संबंधित नहीं है और पारिवारिक मुद्दों को लेकर यह कदम उठाया गया था।

मुख्यमंत्री रेड्डी ने उपमुख्यमंत्री मल्लु भट्टी विक्रमार्क के नेतृत्व में मंत्रियों को बृहस्पतिवार को निर्देश दिया कि वे शुक्रवार को कर्मचारी संघों को बातचीत के लिए आमंत्रित करें। कर्मचारियों ने आरटीसी के सरकार में विलय समेत अपनी 32 मांगों के समर्थन में 22 अप्रैल को हड़ताल शुरू की। (भाषा )

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