लंदन से प्रकाशित होने वाला पहला त्रिभाषी अख़बार (मिलाप के 75 वर्ष)

Ad

किसी भी समाचार पत्र की सफलता में जनहित के संकल्प बहुत महत्व रखते हैं। कहते हैं इरादा नेक हो तो मंज़िलें ख़ुद-ब-ख़ुद क़दम चूमती हैं। हैदराबाद से उर्दू और हिन्दी में प्रकाशन के प्रारंभ के बाद मिलाप अख़बार भारत से दूर इंग्लैंड में तीन भारतीय भाषाओं में प्रकाशित होने वाला पहला समाचार पत्र बन गया। वर्ष 1969 के उत्तरार्ध में स्वतंत्रता सेनानी और मिलाप अख़बार के संस्थापक युद्धवीर जी लंदन पहुँचे।

पहले उन्होंने यहाँ से गुजराती समाचार के नाम से साप्ताहिक प्रकाशित किया, लेकिन जब पता चला कि इस नाम से एक अख़बार अहमदाबाद में प्रकाशित होता है, तो उन्होंने फौरन लंदन में भी उसकी अनुमति अहमदाबाद के शांतिलाल शाह को सौंपी, जब वे वहाँ से यह अख़बार प्रकाशित नहीं कर सके तो उन्होंने इसकी ज़िम्मेदारी अफ्रीका के चंद्रकांत भाई पटेल को सौंपी। वह दिन है और आज का दिन, लंदन से प्रकाशित होने वाले गुजरात समाचार वार्षिक विशेषांक में संस्थापक संपादक के रूप में युद्धवीर जी का ही नाम लिखा जाता है।

यह भी पढ़ें… निज़ाम हार गये थे मिलाप के ख़िलाफ़ मुक़दमा (मिलाप के 75 वर्ष)

अगले साल यानी 1970 में 23 नवंबर को लंदन से मिलाप का प्रकाशन तीन भाषाओं हिंदी, उर्दू और गुरुमुखि लिपि में शुरू हुआ। इसका मूल उद्देश्य था, भारतीय संस्कृति को इंग्लैंड की धरती पर अधिक से अधिक प्रचारित करना। एक संपादक के रूप में जहां मिलाप में लोगों पर स्थानीय सरकार के ज़ुल्म के समाचार प्रकाशित होते, वहीं सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में युद्धवीर जी ने विरोध प्रदर्शनों में भी भाग लिया। इस तरह पत्रकारिता के इतिहास में मिलाप ने एक अनोखा रिकॉर्ड दर्ज किया। ऐसी कई ऐतिहासिक उपलब्धियाँ आगे भी जारी रहीं।

अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।

Ad

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button