भारतीय सिनेमा में बढ़नी चाहिए महिला निर्देशकों की संख्या- गुनीत मोंगा
हैदराबाद, यंग फिक्की लेडीज आर्गनाइजेशन, हैदराबाद चैप्टर द्वारा आज `गोल्डन लेंस’ विषयक सत्र का आयोजन किया गया। होटल आईटीसी काकतिया में आयोजित हुए इस कार्यक्रम में फिल्म निर्देशक गुनीत मोंगा ने अपने विचार तथा अनुभव साझा करते हुए कहा कि भारतीय सिनेमा में महिला फिल्म निर्देशकों की संख्या बढ़नी चाहिए।
द लंचबॉक्स, मसान, पगलेट आदि जैसी फिल्मों तथा ऑस्कर विजेता लघु वृत्तचित्र द एलीफेंट व्हिस्परर्स' के निर्माण के लिए चर्चित गुनीत मोंगा ने वाईएफएलओ चेयरपर्सन पल्लवी जैन के साथ बातचीत करते हुए स्पष्टवादिता के साथ अपनी व्यक्तिगत और पेशेवर यात्रा के उतार-चढ़ा साझा किए। गुनीत मोंगा ने कहा कि वे 20 साल तक एक किराए के घर में रहीं और अपने माता-पिता के लिए एक घर का सपना देखती रहीं। जिंदगी ने उन्हें एक हां से पहले 10 ना दींIलेकिन उन्होंने हार का जश्न मनाने का निर्णय लिया।। यही दृढ़ता उनको अपने सपनों के एक कदम और करीब ले गई।

महिला निर्देशकों की वर्तमान स्थिति और चिंताएँ
गुनीत मोंगा ने अवसर पर अपनी नवीनतम पहल वीमेन इन फिल्म -इंडिया चैप्टर का भी उल्लेख किया। यह पहल वैश्विक वीमेन इन फिल्म (डब्ल्यूईएफ) नेटवर्क का एक हिस्सा है। इंडिया चैप्टर भारतीय फिल्म उद्योग में लैंगिक समानता की वकालत करने पर केंद्रित होगा। उन्होंने कहा कि भारतीय फिल्म निर्देशकों में 10 प्रतिशत से भी कम महिलाएं हैं। गुनीत ने कहा कि आंकड़ा उनको बहुत चिंतित करता है। उन्होंने कहा कि इस चैप्टर के माध्यम से हमारा लक्ष्य एक ऐसा मंच तैयार करना है, जहां सिनेमा जगत की महिलाएं जुड़ सकें और जहां उनकी बात सुनते हुए संबंधित क्षेत्र में वास्तविक नीतिगत बदलाव लाए जा सकें। कार्यक्रम के दौरान गुनीत मोंगा ने गुनीत ने हैदराबाद और यहां की प्रसिद्ध बिरयानी के प्रति अपने लगाव को साझा किया। मुझे हैदराबाद घर जैसा लगता है। मुझे टॉलीवुड इंडस्ट्री के जाने-माने कलाकारों के साथ काम करना बहुत अच्छा लगेगा।
इसके पूर्व पल्लवी जैन ने स्वागत वक्तव्य देते हुए कहा कि वाईएफएलओ अध्यक्ष के रूप में उनका विजन ज्ञान ही शक्ति है। गुनीत मोंगा इसी का प्रतीक हैं। उनकी दृढ़ता और प्रभाव की कहानी हमें दिखाती है कि जब एक महिला आगे बढ़ने, सीखने और जीतने का विकल्प चुनती है, तो दुनिया उस पर ध्यान देती है।
अवसर पर गुनीत मोंगा ने वाईएफएलओ तथा एफएलओ की सदस्याओं की विभिन्न जिज्ञासाओं का भी समाधान करते हुए समुदाय और सहयोग में उनके विश्वास को व्यक्त किया।
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