नकली दस्तावेजों के जरिए जमीनों पर कब्जा करने वाले गिरफ्तार
हैदराबाद, कीसरा पुलिस ने नकली दस्तावेजों के जरिए जमीन कब्जाने और बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया। जवाहर नगर एसीपी चक्रपाणि ने बताया कि निजामपेट निवासी सेवानिवृत्त कर्मचारी डी. रविंद्र ने शिकायत करते हुए बताया था कि उन्होंने वर्ष 1983 में रामपल्ली गाँव के सर्वे नंबर 404 और 405 में स्थित 300 गज के प्लॉट नंबर 108 को खरीदा था। हाल ही में उन्हें पता चला कि उनकी जमीन को अन्य लोगों के नाम पर फर्जी सेल डीड बनाकर कई बार बेचा जा चुका है।
जाँच में खुलासा हुआ कि आरोपी खाली पड़े प्लॉट्स को निशाना बनाते थे और असली मालिक की अनुपस्थिति का फायदा उठाकर फर्जी लिंक डाक्यूमेंट तैयार करते थे। इसके बाद डॉक्यूमेंट राइटर और सब-रजिस्ट्रार की मिलीभगत से फर्जी रजिस्ट्रेशन कर जमीन को बार-बार बेचा जाता था।
फर्जी मालिक बनाकर प्लॉट का रजिस्ट्रेशन
बताया गया कि गिरोह ने पहले धर्माराम नाम से एक फर्जी मालिक तैयार किया, जिसके नाम पर प्लॉट दर्ज कराया गया। इसके बाद उक्त प्लॉट को प्रदीप कुमार को बेचा गया। प्रदीप कुमार ने प्लॉट को दो हिस्सों में बांटकर प्रभाकर और नरेश को बेच दिया। बाद में इन दोनों ने मिलकर इस जमीन को जी. वेंकटेश्वर राव (जीवीआर इंफ्रास्ट्रक्चर) के नाम रजिस्टर कराया। अंतत प्लॉट को जंगाला श्रीराम और उनकी पत्नी विजयलक्ष्मी के नाम कर दिया गया।
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पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वह गिरोह के रूप में काम कर रहे थे और कम समय में अधिक पैसा कमाने के उद्देश्य से फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन कब्जाकर भोले-भाले लोगों को बेचते थे। मामले में जंगाला श्रीराम, गुब्बला वेंकटेश्वर राव उर्फ जीवीआर, बंडेल्ला प्रशांत उर्फ बाबी, बंडेल्ला प्रभाकर, पोन्नाबोयिना बालकृष्ण उर्फ बालू और डाक्यूमेंट राइटर उदय रेड्डी को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद आगे की कार्रवाई के तहत न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
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