धरनी को लेकर सदन में हंगामा

कांग्रेस और भारास विधायकों के बीच तीखी नोक-झोंक

हैदराबाद, विधानसभा में आज धरनी पोर्टल को लेकर सूचना व जनसंपर्क मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी और भारास के विधायक पल्ला राजेश्वर रेड्डी के बीच जमकर नोक-झोक हुई।

विधानसभा में विभिन्न बजट अनुदान मांग पत्रों पर चर्चा करते हुए पल्ला राजेश्वर रेड्डी ने कांग्रेस सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस ने सत्ता में आने के बाद धरनी पोर्टल बंद कर भू भारती को लाया, लेकिन यह भू-भारती नहीं बल्कि भू-आरती, इसकी आड़ में कांग्रेस सरकार फौथी सेक्शन लगाकर और जमाबंदी को अमल में लाकर ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब लोगों की जमीन छीनने का प्रयास कर रही है। जमाबंदी को वर्ष 2011-12 के दौरान बंद कर दिया गया था। रेड्डी के इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने कहा कि भारास सरकार द्वारा अमल में लाया गया धरनी पोर्टल अच्छा है या नहीं यह हम नहीं कह रहे है, बल्कि गत चुनाव में राज्य की जनता ने कांग्रेस को सत्ता में लाकर इसे साबित कर दिया है कि धरनी क्या है। अगले चुनाव में भी वे धरनी को एजेंडा बना कर भू-भारती की अवधारणा के साथ लोगों के बीच जाएगेI पल्ला राजेश्वर रेड्डी धरनी के दौरान हुई अनियमितताओं और अन्याय को छिपाने का प्रयास कर रहे है। भारास ने गलती की है, इसीलिए राज्य की जनता ने उन्हें पराजित कर उन्हें घर पर बिठा दिया है।

धरनी पोर्टल को लेकर विधानसभा में गरमाई बहस

Ad

राज्य की जनता जानती है कि भारास ने वीआरओ और वीआरए के साथ किस तरह का प्रेम जताया था। रातों रात वीआरए और वीराओं व्यवस्था को समाप्त कर उन्हें सड़क पर ला दिया था। वर्तमान समय में लोग वीआरए और वीआरओ की मांग कर रहे है। भारास द्वारा वीआरओ और वीआरओ के भविष्य और उनकी प्रगति के बार में बात करना हास्यास्पद है। भारास इस मामले को लेकर मनगढ़ंत कहानिया बोल रही है, इसके बावजूद भी कांग्रेस सरकार शीघ्र की वीआरओ और वीआरए व्यवस्था को अमल में लाएगी और उन्हें विशेष सम्मान भी दिया जाएगा। जहां तक जमाबंदी को लेकर भारास जो आरोप लगा रही है, वह सत्य से परे है, क्योंकि साल में एक बार ग्राम सभा का आयोजन ग्रामीणों के समक्ष ही गांव में जमिनों की खरीद-फरोख्त का रिकॉर्ड दर्ज किया जा रहा है।

इस दौरान उप मुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्का ने हस्तक्षेप कर कहा कि जमाबंदी नया नहीं है, जिसे लेकर भारास आरोप लगा रही है। कांग्रेस सरकार भारास की भांति चारदीवारी के भीतर और बंद कमरे में राजस्व संबंधी रिकार्ड में अपने अनुकूल बदलाव नहीं कर रही है, बल्कि ग्राम सभा का आयोजन कर जनता से सामने रिकार्ड दर्ज कर रही है। इस दौरान भारास विधायक केटीआर, पौडी कौशिक रेड्डी, गंगुला प्रताप रेड्डी व अन्य विधायकों ने बीच में उठकर भट्टी को रोकने का प्रयास किया। उसी समय पैनल स्पीकर बालू नायक ने सदन की कार्रवाई सुचारू ढंग से चलाने के लिए दोनों पक्षों के सदस्यों से सीधे तौर पर एक दूसरे पर टीका-टिप्पणी न करने और रन्निंग कमेंट न करने का आग्रह किया। इसके बावजूद भी सदन में दोनों पक्षों के बीच टीका-टिप्पणी जारी रही। पल्ला राजेश्वर ने कहा कि एआरएस का विरोध करने वाली कांग्रेस इसे अमल में ला रही है। भट्टी विक्रमार्का समेत उत्तम कुमार, कोमटी रेड्डी वेंकट रेड्डी आदि मंत्रियों ने भारास के सरकार के दौरान एलआरएस का विरोध करते हुए आम जनता से पैसे न भरने के लिए कहा और यह भी कहा था कि सत्ता में आने पर एलआरएस को निशुल्क अमल में लाया जाएगा, लेकिन कांग्रेस एलआरएस की आड़ में पैसा वसूल रही है। इस दौरान धरनी के मामले को लेकर दोनों पक्षों के बीत तीखी बहस हुई और सदन में शोर-शराबा होता रहा।

पल्ला राजेश्वर रेड्डी और पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी के बीच सूचना व जनसम्पर्क विभाग द्वारा दूसरे राज्यों के चुनाव में प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में करोडों रुपये के विज्ञापन जारी करने के मामले पर बहस हुई और दोनों ने एक दूसरे के खिलाफ परस्पर आरोप लगाए। श्रीनिवास रेड्डी ने पल्ला राजेश्वर रेड्डी को एक रुपये का भी विज्ञापन जारी करने को साबित कर दिखाने की चुनौती दी। इसके अलावा दोनों के बीच इंद्रम्मा इल्लू योजना को लेकर भी झड़प हुई, जहाँ पल्ला राजेश्वर रेड्डी ने दावा किया कि कांग्रेस ने सत्ता में आने के बाद एक मकान भी नहीं बनाया और भारास सरकार के दौरान बनाए गये मकानों को तीन रंग में रंग कर उसे इंद्रम्मा इल्लू के तहत पेश किया। इस पर मंत्री ने कहा कि प्रत्येक मंडल में इसे एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में अमल में लाया जा रहा हैI

यह भी पढ़ेंभारत ने सेपक टकरा विश्व कप 2025 में रचा इतिहास

अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।

Ad

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button