आयकर अधिनियम के तहत सर्वेक्षण तलाशी और जब्ती पर वेबिनार आयोजित
हैदराबाद, आयकर अधिनियम के तहत सर्वेक्षण, तलाशी और जब्ती पर व्यवसाय मालिकों के अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न पर आयोजित वेबिनार में वक्ता सीए हरि अग्रवाल और सीए विवेक अग्रवाल ने सभी की शंकाओं का समाधान किया। कार्यक्रम का आयोजन प्रवीण कुमार (संस्थापक थिंकिंग लाइफ) द्वारा लीगलगेन के सहयोग से किया।
इसमें सीए हरि अग्रवाल ने आयकर अधिनियम के तहत सर्वेक्षण, तलाशी और जब्ती के दौरान करदाताओं के अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में व्यावहारिक उदाहरणों के साथ जानकारी दी। उन्होंने सर्वेक्षण और तलाशी के बीच अंतर, ऐसी परिस्थितियाँ जब अधिकारी किसी करदाता के निवास पर जा सकते हैं और कब सर्वेक्षण को तलाशी में बदला जा सकता है, इन सभी महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी देते हुए शंकाओं का समाधान किया।
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व्यवसायियों के अधिकारों व शंकाओं पर विस्तृत चर्चा
सीए विवेक अग्रवाल ने ऐसी कार्यवाही के दौरान व्यवसाय मालिकों के सामने आने वाले व्यावहारिक मुद्दों, उनके द्वारा प्रयोग किए जा सकने वाले अधिकारों और आयकर विभाग द्वारा इन कार्रवाइयों को करने से पहले, कार्रवाई के दौरान और बाद में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से बताया।
चर्चा के दौरान प्रश्नों में प्रमुख रूप से क्या नकदी, स्टॉक जब्त किया जा सकता है, करदाताओं और विभाग के अधिकारियों के अधिकार और कर्तव्य क्या हैं, क्या आवासीय परिसर में सर्वेक्षण या तलाशी की जा सकती है, यदि अतिरिक्त स्टॉक या कम स्टॉक पाया जाता है, तो उसके परिणाम क्या होंगे, क्या अधिकारी मौके पर कर का भुगतान माँग सकते हैं, क्या अधिकारी करदाता के परिसर या अलमारी को तोड़ सकते हैं, इन सभी पर चर्चा कर समाधान किया गया। वेबिनार में देश के कई व्यवसाय मालिकों ने वक्ताओं द्वारा प्रदान की गई व्यावहारिक अंतर्दृष्टि के लिए इसकी सराहना की। उपस्थित लोगों द्वारा उठाए गए प्रश्नों का विस्तार से उत्तर दिया गया।
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