पार्ट-बी के 7 लाख एकड़ भूमि का होगा समाधान : पोंगुलेटी

हैदराबाद, राजस्व, आवास, सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने कहा कि पिछली बीआरएस सरकार ने साजिशन पार्ट-बी में जो 18 लाख एकड़ जमीन शामिल की थी, उसमें से छह से सात लाख एकड़ कृषि भूमि थी और इस भूमि का समाधान भू भारती अधिनियम से होगा।

पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने मुलुगु जिले के वेंकटापुर में मंत्री कोंडा सुरेखा और सीतक्का के साथ मिलकर भू-भारती पायलट प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया। तत्पश्चात मंत्री ने आदिलाबाद जिले के भोरज मंडल के पुसाई गांव में भू-भारती अधिनियम पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर पोंगुलेटी ने कहा कि गरीबों के आंसू पोंछने के लिए हम भू-भारती अधिनियम लेकर आये। उन्होंने आगे कहा कि लोगों ने चुनाव से पहले बंगाल की खाड़ी में धरणी को फेंकने से संबंधित हमारे वादे पर विश्वास किया और इंदिरम्मा शासन लाया। हमारा लक्ष्य इंदिरम्मा शासन के दौरान राज्य को भूमि समस्याओं से मुक्त करना है।

यह भी पढ़ें… एचसीयू मामले की सुप्रीम कोर्ट के पीठासीन जज से स्वतंत्र जाँच कराएँ पीएम : केटीआर

किसानों की भूमि समस्याओं का घर बैठे समाधान

हम जनता को असुविधा पहुंचाए बिना किसानों को सेवाएं प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि किसान पहले से अपनी जमीन की समस्याओं के समाधान के लिए राजस्व कार्यालयों के चक्कर काटते रहे हैं और अब किसानों को इसकी जरूरत नहीं है। क्योंकि अधिकारी स्वयं किसानों के पास जाकर उनकी जमीन की समस्याओं का समाधान करेंगे।

मंत्री ने कहा कि पिछले शासकों ने कभी भी धरणी पर राजस्व संगोष्ठियों का आयोजन नहीं किया। यदि पिछली सरकार राजस्व संगोष्ठियों का आयोजन करती, तो लोग उसी दिन सरकार के खिलाफ विद्रोह कर देते। उन्होंने कहा कि बीआरएस नेता अपनी गलतियों को अभी भी समझ नहीं पा रहे है। उन्होंने कहा कि केसीआर धरणी अधिनियम की जगह हमारी सरकार ने भू-भारती अधिनियम लाया।

इस मौके पर उन्होंने कहा कि राज्य में उन मकानों, जिन्हें आबादी मकान कहा जाता है और अभी तक दस्तावेज नहीं हैं, को दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए कदम उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि हम जल्द ही जनता को भूमि संबंधी मुद्दों के समाधान के लिए टोल-फ्री नंबर के बारे में सूचित करेंगे। इसके अलावा उन्होंने घोषणा की कि आदिवासी और गैर-आदिवासी क्षेत्रों में भूमि संबंधी मुद्दों के स्थायी समाधान के लिए केंद्र सरकार के नियमों के तहत एक समिति नियुक्त की जाएगी।

अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button