उच्च न्यायालय ने वाई.एस. भास्कर रेड्डी को आंध्र-प्रदेश जाने की अनुमति दी
हैदराबाद, तेलंगाना उच्च न्यायालय ने आंध्र-प्रदेश के पूर्व मंत्री वाई.एस. विवेकानंद रेड्डी हत्याकांड के 7वें आरोपी वाई.एस. भास्कर रेड्डी को आंध्र-प्रदेश जाने की अनुमति दे दी है। उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस के. सुजन ने मंगलवार को यह आदेश जारी किए और शर्तें भी लगाई।
शर्तों के अनुसार भास्कर रेड्डी को विवेकानंद रेड्डी हत्याकांड की जाँच में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। आंध्र-प्रदेश की यात्रा के दौरान उनके ठहरने के स्थान और फोन नंबरों की जानकारी सीबीआई जाँच अधिकारी को कम से कम 72 घंटे पहले देनी होगी। उनके गंतव्य की जानकारी स्थानीय पुलिस थाने के इंस्पेक्टर को भी देनी होगी। सीबीआई को उनके लाइव लोकेशन भी देनी होगी। उन्होंने आंध्र-प्रदेश में अपने निजी क्षेत्र में ही जाना चहिए और वह भी निजी कारणों से।
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शर्त के अनुसार उन्हें अनावश्यक रूप से आंध्र-प्रदेश में नहीं रुकना चाहिए। उन्हें उन क्षेत्रों में नहीं जाना चाहिए, जहाँ गवाह मौजूद हैं। उन्हें गवाहों और शिकायतकर्ताओं से मुलाकात नहीं करना चाहिए। उन्हें मामले की जाँच को प्रभावित नहीं करना चाहिए और जाँच प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं करना होगा। न्यायाधीश ने आदेश में कहा कि यदि भास्कर रेड्डी इन शर्तों का उल्लंघन करते हैं, तो सीबीआई इन शर्तों को रद्द करने के लिए उच्च न्यायालय में अपील कर सकती है। वाई.एस. विवेकानंद रेड्डी की पुत्री सुनीता रेड्डी का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिवक्ता ने सीबीआई के साथ मिलकर भास्कर रेड्डी को आंध्र-प्रदेश जाने की अनुमति देने के अनुरोध का विरोध किया।
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