उस्मानिया मेडिकल कॉलेज का 175वाँ दीक्षांत समारोह सम्पन्न

मरीज का विश्वास ही चिकित्सा जगत की सबसे बड़ी पूंजी : राज्यपाल

हैदराबाद, तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने आज उस्मानिया मेडिकल कॉलेज के 175वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेते हुए कहा कि चिकित्सा का पेशा महज आजीविका का साधन नहीं है, बल्कि यह मानवता की सेवा के लिए ली गई पवित्र प्रतिज्ञा है। साथ ही एक मरीज का अपने चिकित्सक पर अटूट विश्वास ही चिकित्सा जगत की सबसे बड़ी पूंजी है।

यहां जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, राज्यपाल ने युवा चिकित्सकों को सेवा और समर्पण का मंत्र देते हुए कहा कि एक सफल चिकित्सक बनने के लिए ज्ञान और तकनीकी कौशल जितना आवश्यक है, मन में करुणा और सहानुभूति जैसे मानवीय मूल्यों का होना भी उतना ही अनिवार्य है। राज्यपाल ने युवाओं से सेवा परमो धर्मः की भावना को आत्मसात करते हुए लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा करने का आह्वान किया।

राज्यपाल ने बदलते स्वास्थ्य परिदश्य का उल्लेख करते हुए कहा कि आज के दौर में तकनीक और अनुसंधान का महत्व बढ़ा है, लेकिन चिकित्सकों को आधुनिक उपकरणों का उपयोग करते समय मानवीय संवेदनाओं को कभी नहीं भूलना चाहिए। राज्यपाल ने उस्मानिया मेडिकल कॉलेज की गौरवशाली विरासत की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान दशकों से देश को बेहद कुशल और प्रतिबद्ध चिकित्सक प्रदान कर रहा है।

राज्यपाल ने उपाधि प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं की कड़ी मेहनत के साथ-साथ उनके माता-पिता व शिक्षकों के सहयोग तथा मार्गदर्शन की भी प्रशंसा की। राज्यपाल ने डिग्री प्रदान करते हुए युवा चिकित्सकों को ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा देने से लेकर उन्नत अनुसंधान तक हर क्षेत्र में नैतिक मूल्यों को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया। अवसर पर राज्य के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री दामोदर राजानरसिम्हा ने भी अवसर पर डिग्री प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं से मरीजों को मिलेगा बेहतर इलाज

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि तेलंगाना सरकार गोशामहल में निर्मित हो रहे नए उस्मानिया जनरल अस्पताल परिसर के निर्माण कार्य में तेजी ला रही है। हमारा उद्देश्य निर्माण कार्य को अगले वर्ष तक पूरा करना है। उन्होंने कहा कि यह अत्याधुनिक अस्पताल उन्नत तकनीक और व्यापक चिकित्सा बुनियादी ढांचे से लैस होगा। साथ ही इसे मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों की सुविधा को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है।

नया परिसर चालू होने के बाद राज्य में सुपर स्पेशियालिटी सेवाओं, आपातकालीन देखभाल और आधुनिक उपचार तक आम लोगों की पहुंच काफी बढ़ जाएगी। इसके अलावा चिकित्सा शिक्षा को मजबूती देने के लिए गांधी और उस्मानिया मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक हॉस्टलों का निर्माण भी किया जा रहा है, ताकि छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके। कार्यक्रम में राज्यपाल के विशेष मुख्य सचिव एम. दाना किशोर, डीएमई डॉ. नरेंद्र कुमार, कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. राजा राव व अन्य उपस्थित थे।

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