केरल में भाजपा का तीन सीटें जीतना राज्य राजनीति के लिए खतरा : भाकपा

तिरुवनंतपुरम, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) की केरल इकाई के सचिव बिनॉय विश्वम ने बुधवार को कहा कि राज्य विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का तीन सीट जीतना राज्य की राजनीति के लिए एक ‘खतरा’ है और सभी धर्मनिरपेक्ष दलों को इसे गंभीरता से लेने की जरूरत है।

विश्वम ने यहां पत्रकारों से कहा कि भाजपा ने न केवल तीन सीटें जीतीं, बल्कि वह छह सीटों पर दूसरे स्थान पर भी रही, जो चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि जब धुर-दक्षिणपंथी राजनीति अपनी पकड़ मजबूत करती है तो न केवल केरल में बल्कि पूरे देश में इसका व्यापक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इससे निपटने के लिए देश के सभी वामपंथी और धर्मनिरपेक्ष दलों को इसका विस्तार से अध्ययन करना चाहिए।

विश्वम ने कहा कि पार्टी को वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) की हार के कारणों का भी विश्लेषण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वाम मोर्चे (एलडीएफ) से यूडीएफ को काफी संख्या में वोट मिले हैं जिसका किसी भी एलडीएफ पार्टी ने आकलन नहीं किया था। इसके कारणों की जांच की जानी चाहिए। विश्वम ने कहा कि इसके लिए जिला और राज्य स्तर पर बैठकें आयोजित की जाएंगी और जहां आवश्यक होगा, वहां सुधार किए जाएंगे।

विश्वम ने कहा, ‘हम गंभीरता से विश्लेषण करेंगे कि कमियां क्या थीं और हम कहां असफल रहे, इसके बाद आवश्यक बदलावल और सुधार किए जाएंगे।’ उन्होंने बताया कि सभी 140 सीटों के परिणामों की समीक्षा की जाएगी। विश्वम ने यह भी स्पष्ट किया कि भाकपा और एलडीएफ हार के कारण राज्य की राजनीति से पीछे नहीं हटेंगे क्योंकि वे जनता के लिए काम करके ही आगे बढ़ सकते हैं। राज्य में नौ अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में यूडीएफ ने 102 सीटें, एलडीएफ ने 35 सीटें और भाजपा ने तीन सीटें हासिल कीं। (भाषा)

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