बीआरएस की चुप्पी ने चौंकाया

हैदराबाद, न्यायमूर्ति पी.सी. घोष जाँच आयोग द्वारा कालेश्वरम परियोजना को हुए नुकसान के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव और पूर्व सिंचाई मंत्री टी. हरीश राव को कथित रूप से दोषी ठहराए जाने पर बीआरएस की चुप्पी ने राजनीतिक गलियारों में व्यापक अटकलों को जन्म दिया है। पार्टी प्रमुख ने कथित तौर पर इस मामले पर चुप्पी साधने का आदेश जारी किया है। उल्लेखनीय है कि आयोग ने 31 जुलाई को सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी।

उसने कथित तौर पर चंद्रशेखर राव और हरीश राव की भूमिका की पहचान की है और उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाने की सिफारिश की है। हालाँकि रिपोर्ट अभी तक आधिकारिक रूप से सार्वजनिक नहीं की गई है। आयोग के निष्कर्षों के लीक हुए अंश रविवार को मीडिया की सुर्खियों में छाए रहे। कथित निष्कर्षों में दोनों नेताओं को गंभीर खामियों और अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है, जिसके कारण मेदिगड्डा, अन्नारम और सुंदिला बैराजों में संरचनात्मक और वित्तीय समस्याएं पैदा हुईं।

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कैबिनेट निर्णय तक बीआरएस की रणनीतिक चुप्पी

खुलासे की गंभीरता के बावजूद बीआरएस नेतृत्व ने सोची-समझी चुप्पी साध रखी है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि चंद्रशेखर राव ने रविवार को अपने एर्रावल्ली फार्महाउस में तीन घंटे से ज़्यादा समय तक बंद कमरे में बैठक की, जिसमें बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामाराव, हरीश राव, पूर्व मंत्री वेमुला प्रशांत रेड्डी और तलसानी श्रीनिवास यादव सहित शीर्ष नेता और करीमनगर, मेदक, नलगोंडा और वरंगल ज़िलों के वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

सूत्रों के अनुसार, चंद्रशेखर राव ने पार्टी नेताओं को निर्देश दिया है कि जब तक राज्य सरकार आधिकारिक तौर पर रिपोर्ट जारी नहीं कर देती या उसके निष्कर्षों का खुलासा नहीं कर देती, तब तक वे सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया न दें। सोमवार को कैबिनेट की एक आपात बैठक पर बीआरएस की पैनी नज़र है। चंद्रशेखर राव ने कथित तौर पर अपने सहयोगियों को सलाह दी है कि वे पार्टी की कोई भी प्रतिक्रिया देने से पहले कैबिनेट के नतीजों का इंतज़ार करें। 

कैबिनेट की बैठक आज

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की अध्यक्षता में सोमवार 4 अगस्त को सचिवालय में मंत्रिमंडल की बैठक होगी। राज्य सरकार के मुख्य सचिव रामकृष्ण राव ने मंत्रिमंडल की बैठक के मद्देनजर सभी विभागों के विशेष मुख्य सचिवों, प्रधान सचिवों व सचिवों को उपलब्ध रहने का आदेश दिया है। दोपहर 2 बजे से होने वाली बैठक में मुख्यत कालेश्वरम परियोजना पर पीसी घोष आयोग द्वारा सरकार को सौंपी गयी रिपोर्ट पर चर्चा होगी।

ज्ञातव्य है कि पीसी घोष आयोग ने दो दिन पूर्व राज्य सरकार को रिपोर्ट सौंपी है। सरकार ने आयोग द्वारा दी गई रिपोर्ट का अध्ययन कर सारांश तैयार करने के लिए सिंचाई, विधि सचिव और सामान्य प्रशासन विभागों के सचिवों की सदस्यता वाली समिति बनायी थी। इसके मद्देनजर सिंचाई मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने आज समिति के साथ बैठक कर चर्चा की। समिति द्वारा तैयार सारांश पर मंत्रिमंडल की बैठक में विस्तृत चर्चा होगी। बताया जा रहा है कि इस रिपोर्ट को विधानसभा में पेश कर इस पर उठाये जाने वाले अगले कदमों पर चर्चा कर उचित निर्णय लिया जा सकता है। मंत्रिमंडल की बैठक में कालेश्वरम रिपोर्ट के अलावा कुछ और अहम मुद्दों पर चर्चा होने की जानकारी है।

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