दक्षिण के राज्यों के साथ न खेले केंद्र : केटीआर

हैदराबाद, भारास के कार्यकारी अध्यक्ष व पूर्व मंत्री के. तारक रामाराव ने मांग कहा कि डिलिमिटेशन में लोकसभा की सीटों में दक्षिण के राज्यों के प्रतिनिधित्व की 24 प्रतिशत हिस्सेदारी को यथावत बरकरार रखा जाए। उन्होंने केंद्र सरकार को चेतावनी दी कि यदि दक्षिण के साथ अन्याय किया गया, तो व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा।

मेड़चल मल्काजगिरी के पीरजादीगुड़ा में आयोजित भारास के कार्यक्रम तथा मीडिया को संबोधित करते हुए केटीआर ने कहा कि 24 प्रतिशत में 0.1 प्रतिशत कमी भी मंजूर नहीं होगी। उन्होंने तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी व केरल का नाम लेते हुए कहा कि लोकसभा की सीटों में दक्षिण के इन सभी राज्यों की 24 प्रतिशत हिस्सेदारी को बदलने की कोशिश की, तो भारी विरोध होगा।

केटीआर ने भारास प्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के नेतृत्व में सभी राज्यों के साथ मिलकर आंदोलन की धमकी दी। उन्होंने कहा कि डिलिमिटेशन पर केंद्रीय नेता कहते हैं कि 50 प्रतिशत सीटें बढेंगी, परंतु जो बिल लोकसभा में पेश किया गया है, उसमें इस पर कोई स्पष्टता नहीं है। उन्होंने कहा कि बीआरएस पहले से कहती आ रही है कि केवल जनसंख्या के आधार पर लोकसभा की सीटें बढाई गईं, तो दक्षिण के राज्यों के साथ अन्याय होगा।

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केसीआर शासन में 50% महिला आरक्षण का उदाहरण

हम आज भी उसी बात पर अडिग है। उन्होंने कहा कि बीआरएस महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण के खिलाफ कभी भी नहीं रही, जबकि पूर्व केसीआर शासन के समय स्थानीय मार्केट कमेटियों में 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। पूर्व केसीआर सरकार ने महिला आरक्षण पर विधानसभा के दोनों सदनों में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भेजा था। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल, निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्सीमन (डिलिमटेशन) तथा संविधान संशोधन को अनावश्यक रूप में जोड़कर मुद्दे को पेचीदा बनाने का बीआरएस विरोध कर रही है।

केटीआर ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को हाईब्रिड मुख्यमंत्री करार देते हुए कहा कि उनके राजनीतिक रवैये में स्थिरता नहीं है। सुबह कांग्रेस के प्रतिनिधि के तौर पर व्यवहार करते हैं, तो शाम होते ही भाजपा से मिल जाते हैं। सहज रूप से उनके शासन में भी हाईब्रिड नीति में भी दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री दोहरी नीति अपना रहे हैं, जबकि दूसरों से नियमों के पालन की आशा करते हैं।

केटीआर ने कामारेड्डी जिला के एर्लारेड्डी स्थित बीसी बालिका हॉस्टल में 8वीं की छात्रा श्रावणी की मौत पर दुःख जताते हुए सरकार से माँग की कि छात्रा की मौत के कारणों की समग्र जाँच कर दोषियों को कड़ी सजा दी जाए। उन्होंने सरकार से मृतक श्रावणी के परिजनों को 25 लाख रुपये मुआवजा देने की माँग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने उच्च शिक्षा गुणवत्ता को पूरा बेकार करके रख दिया है। गुणवत्तापूर्ण भोजन तक वितरित नहीं कर पा रही सरकार विद्यार्थियों के जीवन से खेल रही है।

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