कांग्रेस ने अंबेडकर को हाशिए पर धकेला : केटीआर

हैदराबाद, भारत राष्ट्र समिति के कार्यकारी अध्यक्ष के. तारक रामाराव ने कांग्रेस पार्टी की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि वह डॉ. बी.आर. अंबेडकर का सम्मान करने में, चाहे वह सिद्धांतों के आधार पर हो या व्यवहार में, पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अंबेडकर को केवल अपने राजनीतिक फायदे के लिए चुनावी नारा बनाकर रख दिया है।

केटीआर का कांग्रेस पर अंबेडकर मुद्दे पर हमला

तेलंगाना भवन में आयोजित डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर पार्टी नेताओं और समर्थकों को संबोधित करते हुए केटीआर ने कांग्रेस पर ऐतिहासिक रूप से अंबेडकर को हाशिये पर धकेलने का आरोप लगाया। उन्होंने ऐसे कई उदाहरणों का भी ज़िक्र किया, जब कांग्रेस पार्टी ने अंबेडकर की राजनीतिक प्रगति और उनके द्वारा किए जा रहे सुधारों में बाधा डाली थी।

केसीआर की नीतियों और सामाजिक योजनाओं की सराहना

केटीआर ने कहा कि तेलंगाना में कांग्रेस सरकार भी इसी चलन को जारी रखे हुए है और अंबेडकर के नाम पर किए गए कल्याणकारी कार्यों की उपेक्षा कर रही है। उन्होंने बीआरएस अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री के. चन्द्रशेखर राव की सराहना करते हुए कहा कि दलित बंधु जैसी योजनाओं के माध्यम से अंबेडकर के सपनों को साकार किया। इस योजना के तहत लाभार्थियों को उद्यमी बनने में मदद करने के लिए 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।

केटीआर का कांग्रेस पर अंबेडकर मुद्दे पर हमला

केटीआर ने बताया कि कांग्रेस ने अंबेडकर अभयहस्तम नामक योजना के तहत इस राशि को बढ़ाकर 12 लाख रुपये करने का वादा किया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद उसने चुपचाप उस वादे को भुला दिया। केटीआर ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि कांग्रेस पार्टी द्वारा जारी एससी, एसटी घोषणा पत्र अभी तक अधूरा ही है। पिछले ढाई वर्षों में बेहतर आरक्षण, वंचित समुदायों के छात्रों को आर्थिक सहायता और सरकारी ठेकों में से 72 प्रतिशत ठेके बीसी, एससी एवं एसटी समुदायों को आवंटित करने जैसे महत्वपूर्ण वादे पूरे नहीं किए गए हैं। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि उसने अपने घोषणा पत्र में सामाजिक न्याय को केवल एक मामूली सी बात (फुटनोट) बनाकर रख दिया है।

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सरकारी आवासीय स्कूलों की उपेक्षा पर केटीआर का हमला

केटी रामाराव ने कांग्रेस सरकार की इस बात के लिए भी आलोचना की कि उसने कल्याणकारी बुनियादी ढांचे को बदहाल होने दिया है। उन्होंने बताया कि बीआरएस के शासनकाल में स्थापित किए गए सरकारी आवासीय विद्यालयों की अब उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने कांग्रेस प्रशासन की इस हरकत की भी निंदा की कि उसने राजनीतिक कारणों से हैदराबाद में स्थापित 125 फुट ऊँची अंबेडकर प्रतिमा तक आम लोगों की पहुंच को सीमित कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कदम अंबेडकर की विरासत और उन समुदायों, जिनका वह प्रतिनिधित्व करते थे, दोनों का ही अपमान हैं।

केटीआर ने नए सिरे से प्रयास करने का आह्वान किया और बीआरएस सदस्यों से आग्रह किया कि वे इस संदेश को जमीनी स्तर तक पहुंचाएं, ताकि कांग्रेस पार्टी द्वारा पूरे समाज के साथ किए गए विश्वासघात को उजागर किया जा सके। उन्होंने यह भी घोषणा की कि 27 अप्रैल को पार्टी के स्थापना दिवस समारोह के बाद आने वाले महीनों में सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर जागरूकता फैलाने के लिए कई जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

इसके अलावा, बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटीआर डॉ. बीआर नेकलस रोड पर स्थित अंबेडकर स्मारक पर संविधान निर्माता को श्रद्धांजलि अर्पित करने पार्टी नेताओं के साथ पहुँचे। इनमें परिषद में विपक्ष के नेता एस. मधुसूदनाचारी, पूर्व मंत्री तलसानी श्रीनिवास यादव, गंगुला कमलाकर, कोप्पुला ईश्वर, वी. श्रीनिवास गौड़, सांसद वद्दीराजू रविचंद्र, बीआरएस नेता आर.एस. प्रवीण कुमार व अन्य शामिल थे। केटीआर ने पार्टी नेताओं के साथ मिलकर प्रतिमा के नीचे बनी इमारत में स्थित संग्रहालय का भी दौरा किया और वहाँ प्रदर्शित अंबेडकर की जीवनी तथा उनसे जुड़ी ऐतिहासिक घटनाओं का अवलोकन किया।

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