मन निर्मल रखने पर ही मिलते हैं भगवान : पवन कुमार मालोदिया
हैदराबाद, भगवान को पाना है तो मन को निर्मल करना जरूरी है। मन भगवान के भजन, कथा सुनने से निर्मल होता है। मंदिर में जाकर हम भगवान को क्या दे सकते हैं, स्वयं भगवान ने नरसी मेहता को 56 करोड़ का मायरा भरा। मंदिर में जाकर भी मन घर में ही अटका रहता है। भगवान को संपत्ति नहीं, बल्कि भक्त का मन चाहिए।
उक्त उद्गार लोअर टैंकबंड स्थित भाग्यनगर गौ सेवा सदन में माहेश्वरी सेवा संघ, माहेश्वरी महिला मंडल, माहेश्वरी युवती संगठन, माहेश्वरी युवा संगठन सिकंदराबाद द्वारा आयोजित नानी बाई को मायरो के द्वितीय दिवस कथा वाचक पं. पवन कुमार मालोदिया (वरंगल) ने दिये। उन्होंने कहा कि भगवान के लाडले भक्त की कथा के माध्यम से भगवान को प्रसन्न कर रहे हैं।
भक्ति और कर्म से ही मिलता है प्रभु का सच्चा अनुभव
एक जन्म में किये गये कर्मों से भगवत प्राप्ति नहीं होती है, बल्कि अनेक जन्मों की कृपा एक साथ हो तभी कथा सुनने को मिलती है। प्रभु की अनेक कथाओं को सुनने से भगवान की लगन लगी रहते हैं और भक्त समर्पित हो जाए तभी भगवान हमें भी कभी न कभी नरसी, तुलसीदास, मीरा, रैदास जैसा भक्त बनाएगा। उन्होंने कहा कि घर में जब भी रसोई बनायें तो प्रभु के भजन और नाम जाप करते हुए बनायें। उसका स्वाद ही अलग होगा।

रसोई बनाते समय मन शुद्ध हो क्योंकि उसका असर भोजन पर पड़ता है। पहले लोगों के पास रिकार्डर नहीं होते थे इसलिए भगवान के भजनों का भाव ही महत्वपूर्ण रहता था। इसलिए जीवन में शांति थी। पहले लोग भगवान के भजन गाते थे, वह भाव भोजन में जाता था। भगवान को पाना है तो मन को निर्मल करना जरूरी है, जो भजन और कथा सुनने से होता है।
पवन जी ने आगे कहा कि नरसी मेहता को संसार वालों ने कितनी तकलीफें दीं, पर उनका मन गोविन्द के चरणों में रहा इसलिए कोई परेशानी नहीं हुई। वे निरंतर भगवान चरण का स्पर्श करते रहते थे और बहुत ही ज्यादा तकलीफ हुई तो राग केदार गाया और प्रभु ने सहायता की। नरसी मेहता ने राग केदार तो दो बार गया, लेकिन भगवान के दर्शन 54 बार किये। भगवान किसी न किसी रूप में नरसी के दर्शन करने के लिए आये।
नरसी मेहता के जीवन प्रसंगों से भक्ति और प्रभु कृपा का संदेश
जन्म से गूंगा बहरा इसलिए थे क्योंकि पूर्व जन्म के कर्म बाकी थे, लेकिन प्रभु की कृपा से वाणी मिली और भक्ति से जुड़े। वाणी आई तो घर से निकाल दिया गया। उनके घर बेटे शामल एवं बेटी नानी बाई का जन्म हुआ। शामल का भव्य विवाह करवाया, जिसमें स्वयं भगवान बाराती बनकर गये, लेकिन वह 6-8 माह में शरीर छोड़ दिया, फिर भी नरसी का मन विचलित बार गया, लेकिन भगवान के दर्शन 54 बार किये।
भगवान किसी न किसी रूप में नरसी के दर्शन करने के लिए आये। जन्म से गूंगा बहरा इसलिए थे क्योंकि पूर्व जन्म के कर्म बाकी थे, लेकिन प्रभु की कृपा से वाणी मिली और भक्ति से जुड़े। वाणी आई तो घर से निकाल दिया गया। उनके घर बेटे शामल एवं बेटी नानी बाई का जन्म हुआ। शामल का भव्य विवाह करवाया, जिसमें स्वयं भगवान बाराती बनकर गये, लेकिन वह 6-8 माह में शरीर छोड़ दिया, फिर भी नरसी का मन विचलित नहीं हुआ।
पवन ने इसे भगवान की मर्जी माना। कुछ दिन के बाद बेटी का ब्याह हुआ और नरसीजी का नानी बाई के साथ मिलना केवल द्युति के ब्याह के समय मायरा भरने के लिए गये, तब हुआ। महाराज ने कहा कि वर्तमान में बेटी के तलाक के लिए उसके पीहर वाले जिम्मेदार होते हैं। माँ बेटी के बीच संवाद से ससुराल के रिश्ते बिगड़ रहे हैं।
भक्ति और मायरा प्रसंग से मिला संदेश
पवन कुमार मालोदिया ने कहा कि जीवन में तकलीफ नहीं आये और भगवान की कृपा चाहते हैं तो अपने मन को भगवान में लगा दो। भगवान को हमारा निर्मल मन चाहिए। नानी बाई के ससुर श्रीरंगजी ने मायरो की पत्रिका जब नरसी के लिए लिखी, तो सोचा कि इसे कौन लेकर जाएगा। फिर एक वृद्ध पंडित को नरसी मेहता को पत्रिका देने भेजा, लेकिन नानीबाई की सास नहीं चाहती थी कि वे आयें, इसलिए मायरो की लंबी सूची बनाकर पकड़ा दी।
यह भी पढ़े : हैदराबाद में कल होगी तेलंगाना कैबिनेट बैठक
वृद्ध ब्राह्मण ने पत्रिका नरसीजी को दी, तो नरसीजी ने स्वीकार कर नगर अंजार में मायरा ले जाने की तैयारी की। अवसर पर मुख्य यजमान गोपाललाल-सुमित्रा बंग, सह-यजमान श्रीकुमार-शीतल मोदानी, जानकीलाल कृष्णा संघी, संयोजक राजकुमार सोनी, सह-संयोजक जगन्नाथ भगवानदास जाजू, शिवराज रामकिशोर झंवर, सोहनलाल आनंद कुमार बंग सहित अध्यक्ष प्रवीण तोष्णीवाल, मंत्री विष्णुकांत बजाज, कोषाध्यक्ष श्रीकुमार मोदानी, उपाध्यक्ष नरेश बाहेती, आनंद कुमार जाजू, सह-मंत्री आदित्य मूंदड़ा, सह-कोषाध्यक्ष वीरेन्द्र सारडा, प्रचार मंत्री हेमंत सारडा, संगठन मंत्री वासुदेव लाहोटी, परामर्शदाता लड्डू बंग, सलाहकार आदित्य लोया, शिरीष अगीवाल, विजय बजाज, कार्यकारिणी सदस्य व अन्य ने सहयोग प्रदान किया।
अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।



