राजकोट में अध्ययन दौरे पर हैदराबादी जनप्रतिनिधि

हैदराबाद, ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम की महापौर गदवाल विजयलक्ष्मी के नेतृत्व में पार्षदों के एक प्रतिनिधि मंडल ने राजकोट में नागरिक सेवा-सुविधाओं का अध्ययन कर सफाई-स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण से संबंधित गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की।

एक आधिकारिक अध्ययन दौरे के तहत जीएचएमसी महापौर गदवाल विजयलक्ष्मी, उपमहापौर मोते श्रीलता शोभन रेड्डी तथा जीएचएमसी के पार्षदों का प्रतिनिधिमंडल ने गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र स्थित राजकोट नगर निगम का दौरा किया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने राजकोट नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। अधिकारियों ने शहर के शासन मॉडल, प्रशासनिक दक्षता और जमीनी स्तर पर लागू की जा रही प्रमुख श्रेष्ठ प्रथाओं पर व्यापक प्रस्तुतियाँ दीं। इनमें स्वच्छता, ठोस कचरा प्रबंधन, नागरिक सेवाएँ, ई-गवर्नेंस पहल, शहरी हरित क्षेत्र, पर्यावरण संरक्षण, दीर्घकालिक विकास योजना जैसे विषय शामिल थे।

हैदराबादी पार्षदों ने राजकोट शहर के विभिन्न हिस्सों का व्यापक फील्ड निरीक्षण किया, ताकि इन व्यवस्थाओं को प्रत्यक्ष रूप से समझा जा सके। प्रतिनिधिमंडल ने देखा कि शहर फ्लेक्सी बैनर और फ्लेक्सी आधारित होर्डिंग्स से मुक्त है, जिससे शहरी परिदृश्य अव्यवस्थित होने से बचा हुआ है। सभी पौधों पर ट्री गार्ड लगाए गए हैं और सभी विद्युत ट्रांसफॉर्मरों के चारों ओर सुरक्षा ग्रिल्स उपलब्ध कराई गई है, जिससे सार्वजनिक सुरक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है।

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राजकोट की घरेलू कचरा संग्रह प्रणाली ने आकर्षित किया ध्यान

राजकोट की घरेलू कचरा संग्रह प्रणाली की महत्वपूर्ण व्यवस्था ने पार्षदों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। जीएचएमसी ने स्वच्छ ऑटो के माध्यम से प्रतिमाह 100 रुपये का उपयोगकर्ता शुल्क वसूला जाता है, वहीं राजकोट में ठोस कचरा संग्रह शुल्क को संपत्ति कर में ही सम्मिलित कर दिया गया है। इस मॉडल के तहत आवासीय संपत्तियों पर 350 और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर 730 का वार्षिक शुल्क संपत्ति कर के साथ लिया जाता है।

जीएचएमसी पार्षदों ने इन उपायों को महत्वपूर्ण श्रेष्ठ प्रथाओं के रूप में चिह्नित करते हुए हैदराबाद में इन्हें अपनाने की व्यवहार्यता पर विस्तृत अध्ययन किया। उन्होंने ग्रेटर हैदराबाद में उपयुक्त व्यवस्थाओं को लागू कर नागरिक सेवाओं और शहरी प्रबंधन को और बेहतर बनाने की मंशा व्यक्त की। प्रतिनिधिमंडल ने पाया कि कुछ अन्य क्षेत्रों जैसे स्वच्छता संचालन और सफाई कर्मचारियों के लिए फेशियल अटेंडेंस सिस्टम जीएचएमसी में पहले से लागू व्यवस्थाएँ राजकोट के बराबर या उससे बेहतर हैं।

राजकोट दौरे के समापन के बाद प्रतिनिधिमंडल अहमदाबाद के लिए रवाना हुआ। अध्ययन दौरा पूरा होने के बाद पार्षद जीएचएमसी को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपेंगे, जिस पर विचार कर संभावित कार्यान्वयन किया जाएगा।

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