परिवार से अलग करने वालों को छोड़ूंगी नहीं : कविता
हैदराबाद, तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष कल्वाकुंट्ला कविता ने कहा कि जिन लोगों ने उन्हें उनके परिवार से दूर किया है, उन्हें छोड़ने का सवाल ही नहीं उठता है। उनका अंत सुनिश्चित किया जाएगा। के. कविता ने रविवार को चिंतामडका में आयोजित बतुकम्मा समारोह में भाग लिया। अवसर पर वह थोड़ी भावुक हो गईं।
भारत राष्ट्र समिति से निष्कासित करने की घटना को याद करते हुए उन्होंने अपने विरोधियों को कड़ा संदेश देने का प्रयास किया। जागृति नेताओं, कार्यकर्ताओं एवं महिलाओं ने अध्यक्ष स्वागत किया। सिद्दीपेट के चिंतामडका में बतुकम्मा उत्सव में भाग लेने के दौरान कविता ने कहा कि वे इस वर्ष एक विशेष परिस्थिति में आई हैं।
आंदोलन के दौरान केसीआर के साथ थीं, लेकिन कुछ लोग सिद्दीपेट और चिंतामडका को अपनी निजी संपत्ति समझ रहे हैं। चिंतामडका तेंदुए और बाघ की तरह है। कुछ लोगों ने ऐसे काम किए हैं, जिनसे केसीआर को शर्म आएगी। कविता ने कहा कि वे कुछ लोगों की असलियत बता रही हैं तो उन्हें बदनाम किया जा रहा है।
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कविता ने साफ कहा, मैं उन लोगों को नहीं छोड़ूँगी जिन्होंने मुझे मेरे परिवार से दूर किया। यह ज़मीन किसी की जायदाद नहीं है। अगर प्रतिबंध लगाए गए, तो मैं बार-बार आऊंगी। उल्लेखनीय है कि कविता लगातार बीआरएस नेता हरीश राव, संतोष कुमार एवं अन्य नेताओं के खिलाफ खुलकर बोल रही हैं। कल भी उन्होंने कहा था कि कालेश्वरम पर उन्होंने 2016 में ही केटीआर को चेताया था। उन्होंने यह भी कहा था कि अभी उन्होंने नई पार्टी बनाने का फैसला नहीं किया है, लेकिन भविष्य के बारे में बुद्धिजीवियों और अन्य लोगों के साथ चर्चा कर रही हैं।
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