वादे पूरे नहीं किए तो पत्थरों से पीटें : कविता
हैदराबाद, तेलंगाना रक्षणा सेना (टीआरएस) की अध्यक्ष कल्वाकुंट्ला कविता ने टीआरएस के सत्ता में आने पर सभी गरीब व मध्यवर्ग को फ्री शिक्षा व फ्री स्वास्थ्य सुविधा देने का आश्वासन देते हुए कहा कि यदि पांचजन्य के तहत किए पांच वादे पूरे नहीं कर सकीं, तो विधानसभा के समक्ष गनपार्क स्थित तेलंगाना अमर वीर स्तूप के खंभे से उन्हें बांधकर पत्थरों से पीटा जाए।
बशीरबाग स्थित प्रेस क्लब देशोद्वारक भवन में तेलंगाना श्रमजीवी पत्रकार संघ (टीयूडब्ल्यूजे) के तत्वावधान में आयोजित मीट द प्रेस में पत्रकारों के पूछे प्रश्नों के उत्तर में के. कविता ने कहा कि फ्री शिक्षा व फ्री स्वास्थ्य चिकित्सा अति आवश्यक है। उन्हें पूरा करने के लिए वे जी तोड़ कोशिश करेंगी, इसके लिए राज्य की आमदनी कैसे बढ़ाई जाए, इस पर भी पूरा अध्ययन कर लिया गया है। उसी आधार पर वादे कर रही हैं।
‘टीआरएस मेरी किस्मत में ही थी’
टीआरएस की अध्यक्ष के. कविता ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि टीआरएस शायद उन्हीं के भाग्य में लिखी थी इसलिए भगवान की कृपा से चुनाव आयोग ने यह नाम आवंटित किया है वरना उन्हें यह नाम न मिले, इसके लिए कई षड़यंत्र रचे गए थे। उन्होंने कहा कि अब पार्टी को संस्थागत तौर पर मजबूत किया जाएगा। हर बूथ स्तर पर कमेटियों का गठन किया जाएगा, हर जिले में पार्टी कार्यालय स्थापित करेंगी। उन्होंने कहा कि पार्टी में महिलाओं और युवा जेन जी को प्रमुखता दी जाएगी।
महिला बिल पास हो या न हो उनकी टीआरएस पार्टी में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण अमल किया जाएगा, वहीं बीसी वर्ग को भी प्रमुखता दी जाएगी। उनकी पार्टी में सामाजिक न्याय व विकास दो नेत्रों के समान होंगे जो वेल्फेयर स्टेट कांसेप्ट लेकर आगे बढ़ रही है और राज्य में वेल्थ क्रिएट कैसे हो इसपर योजनाबद्ध रूप से आगे कदम बढ़ाए जाएंगे। उन्होंने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि कोई भी पार्टी पैदा होते ही वटवृक्ष नहीं होती है उस पार्टी की कटिबद्धता, चेहरा, विचारधारा और उस पार्टी की यात्रा किस ओर है यह मुख्य होती है।
पूर्व नक्सलियों का स्वागत
ऑपरेशन कगार के बाद से आत्मसमर्पण कर चुके पूर्व नक्सलियों का टीआरएस में स्वागत करते हुए कविता ने कहा कि केंद्र सरकार के ऑपरेशन कगार का सबसे पहले विरोध कर निंदा करने वाली वे (कविता) ही पहली नेता रही हैं। उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार दुनिया में एकमात्र ऐसी विचित्र सरकार है जो अपने ही देश के नागरिकों को डेडलाइन देकर मार रही है।
कविता ने कहा कि किसी भी विचारधारा को शासन, सरकारी आदेशों या सेना या बंदूक की नोक पर समाप्त नहीं किया जा सकता है। उन्होंने आत्मसमर्पण कर चुके पूर्व नक्सलियों से संविधान के दायरे में रहकर मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टी में शामिल होकर अपनी विचारधारा, लक्ष्यों को प्रजातांत्रिक रूप से हासिल करने की सलाह देते हुए टीआरएस में शामिल होने का आह्वान भी किया।
कविता ने पूर्व नकस्लियों से कहा कि वे पोलिटिकल सिस्टम में आएं और युवा, महिलाओं आदि को प्रोत्साहन देकर अपने लक्ष्य हासिल करें। उन्होंने कहा कि तीन चार विषयों को लेकर पदयात्रा करने का विचार है उनकी पार्टी मुद्दों की लड़ाई लड़ती आई है और पदयात्रा भी इसी पर करेगी। बेकार की पदयात्रा करने का कोई इरादा नहीं है।
‘पिता की नहीं, नेता की आलोचना की’
भारत राष्ट्र समिति (भारास) प्रमुख, पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की आलोचना किए जाने को लेकर सभी के निशाने पर रहीं कविता से जब पूछा गया कि क्या पिता की आलोचना ठीक है तो कविता ने स्पष्ट किया कि उन्होंने पिता की आलोचना नहीं की बल्कि एक राजनीतिक नेता के तौर पर केसीआर की आलोचना की है जो भी कहा है वह बीआरएस अध्यक्ष केसीआर को कहा है पिता को नहीं कहा। पिता से उन्हें कोई समस्या नहीं है और कभी केसीआर की व्यक्तिगत आलोचना नहीं की है।
कविता ने कहा कि एक हिंदू महिला के तौर पर प्रतिदिन सुबह पूजा के समय पहले जो 5 नाम जपती हैं उसमें माता-पिता भी हैं क्योंकि यदि पिता न होते तो जन्म ही न होता। उन्होंने कहा कि पिता केसीआर से आइडियॉलॉजिकल विचलन मात्र हैं। गलत किया है जिनकी आलोचना आज भी कर रही हैं। कल भी बदलती हैं। यदि उन्होंने (कविता ने) कोई गलती की तो बीआरएस भी आलोचना कर सकती है। उन्होंने कहा कि केसीआर ने सत्ता में आने के बाद जो अवसर मिले उसे गंवा दिया।
जो कार्य करने थे यदि वह करते तो खामियाजा न निकलना पड़ता। उन्होंने कहा कि पहली बार सत्ता में आई पूर्व केसीआर सरकार ने कृष्णा गोदावरी नदी जल का सदुपयोग किया होता तो 10 सालों में राज्य के किसानों को 2 लाख 50 हजार करोड़ रुपये की संपदा का लाभ होता जो चूक गया। उन्होंने कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना और पालमूरू रंगारेड्डी परियोजना का नाम लिया और कहा कि इन दोनों परियोजनाओं पर पूर्व बीआरएस सरकार ने 1 लाख 21 हजार करोड़ रुपये खर्च किए लेकिन केवल 1 लाख एकड़ सिंचाई भूमि को ही पानी मिला।
कविता ने बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व मंत्री के फसलों के नाम लिया और व्यंग्य कसते हुए कहा कि कई देशों में जाकर बडे बडे भाषण देने वाले इतने बडे आईटी मिनिस्टर रहे चुके केटीआर के समय ग्रुप वन फेल हो गया, पेपर लीक की समस्या उत्पन्न हुई जिसके कारण 2 पीढ़ियों को नुकसान भोगना पड़ा। उन्होंने कहा कि यह सब विफलताएं बीआरएस के ही खाते में जाती हैं इसलिए पोलिटिकल लीडर केसीआर की आलोचना की है, पिता की नहीं।
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में कविता ने कहा कि जब बीआरएस में थीं तब व्यक्तिगत तौर पर पार्टी में हो रहे भ्रष्टाचार व अनियमितताओं के बारे में केसीआर को प्रूफ के साथ बताया था लेकिन कोई कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने कहा कि कदम उठाना या नहीं यह पार्टी के बॉस का निर्णय है और उस पार्टी में बने रहने पर नियमानुसार निर्णय को मानना उनकी ड्यूटी थी। उन्होंने कहा कि बिना कारण बताओ नोटिस जारी किए बीआरएस से सीधे निलंबित कर दिया गया।
कविता ने पूर्व विधायक रोहित रेड्डी का नाम लेते हुए कहा कि रोहित रेड्डी पर कई केस दर्ज हैं, पार्टी ने उनको कारण बताओ नोटिस जारी किया लेकिन उन्हें (कविता को) स्पष्टीकरण तक नहीं पूछा गया। के. कविता ने आरक्षण के मामले में गुजरात को रोल मॉडल के रूप में लेने की आवश्यकता जताई और कहा कि केवल एक मामले में गुजरात को रोल मॉडल लेना चाहिए जिसमें मुसलमानों को बीसी – ई के तहत आरक्षण दिया जा रहा है, लेकिन तेलंगाना में मुसलमानों को आरक्षण देने का भाजपा विरोध कर रोक रही है।
कविता ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी सरकार पर भी निशाना साधा और कहा कि चुनाव के पहले वादा किया था कि मुसलमानों को जो 4 प्रतिशत आरक्षण कोर्ट में रुका हुआ है वह अवश्य देंगे लेकिन नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का बडे भाई-छोटे भाई के तौर पर प्रधानमंत्री मोदी से दोस्ताना है, उस दोस्ताने उपयोग करें और मुसलमानों के लिए रिजर्वेशन लेकर आएं।
भाजपा सामाजिक तेलंगाना की विरोधी
के. कविता ने कहा कि भाजपा के लिए तेलंगाना में कोई जगह नहीं है क्योंकि यह पार्टी सामाजिक न्याय के पूरी खिलाफ है। उन्होंने कहा कि 12 सालों से केंद्र में भाजपा की सरकार है तेलंगाना को 1 पैसा तक नहीं दिया गया। उन्होंने भाजपा सांसद धर्मपुरी अरविंद की आलोचना करते हुए कहा कि उन पर (कविता पर) रोना बंद करें और सांसद धर्मपुरी केंद्र सरकार से तेलंगाना के लिए निधियां लेकर आएं।
कविता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गत तेलंगाना दौरे के दौरान आश्वासन दिया था कि पालमूरू रंगारेड्डी परियोजना को राष्ट्रीय दर्जा देंगे जो अब तक नहीं दिया। उन्होंने आगामी 10 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तेलंगाना दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि सांसद अरविंद यदि कटिबद्ध हों तो इस दौरे के दौरान पालमूरू रंगारेड्डी परियोजना को नेशनल स्टेटस दिलाएं।
कविता ने कहा कि कर्नाटक की अप्पर भद्रा परियोजना को जल आवंटन तक नहीं किया गया है लेकिन केंद्र सरकार ने उसे राष्ट्रीय दर्जा देने की घोषणा कर दी है। उन्होंने कहा कि बीसी बिल पेंडिंग हैं अरविंद प्रधानमंत्री से कहकर पारित करवाएं। महिला बिल पारित नहीं होगा यह पता होने के बावजूद मोदी सरकार ने सदन में पेश किया। इसके लिए देश विशेषकर तेलंगाना की महिलाएं भाजपा को कभी माफ नहीं करेंगी। भाजपा की गलत नीतियों के खिलाफ उनकी पार्टी टीआरएस आंदोलन करती रहेगी।
रेवंत को भी वास्तु दोष की समस्या
कविता ने कहा कि मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी सरकार के 1 हजार दिन शेष बचे हैं। इस सरकार को सत्ताच्युत करने के लिए आंदोलन करेंगी और इस कांग्रेस सरकार को हटाकर ही दम लेंगी। उन्होंने कहा कि रेवंत रेड्डी सरकार की फ्यूचर सिटी को फ्यूचर लेस बताया और कहा कि यह केवल रीयल एस्टेट धंधा है और कुछ नहीं। एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार तेलंगाना में अब तक 2,500 बलात्कार की घटनाएं हुई हैं यानि प्रतिदिन 7 बलात्कार हो रहे हैं।
कानून व्यवस्था पूरी चरमरा चुकी है। उन्होंने कहा कि रेवंत राज में पुलिस प्रताड़ना बढ़ी है। भ्रष्टाचार का बोलबाला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को भी वास्तु दोष की समस्या होने लगी है इसलिए सारी समीक्षा बैठकें कमांड कंट्रोल व एमसीएचआरडी में करते जा रहे हैं। सचिवालय आना कम कर दिया है। उन्होंने कहा कि वास्तु के अनुसार सचिवालय में बदलाव भी किए गए हैं। सचिवालय कितनी बार मुख्यमंत्री आए हैं बताएं।
कविता ने अन्य प्रश्नों के उत्तर में कहा कि टीआरएस की सरकार बनने पर सरकारी विभागों को मजबूत किया जाएगा, 4 लाख रिक्त पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा, सिनियर सिटिजन्स के लिए अलग से विभाग व मंत्री होगा। उन्होंने कहा कि टीआरएस के सत्ता में आने पर सरकारी विभागों को मजबूत करना लक्ष्य रहेगा।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नीति बनाकर दूर दृष्टि से काम किया जाएगा। टीआरएस का मदरली टच प्रशासन रहेगा जिसमें हर वर्ग को न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा कि तेलंगाना आंदोलनकारियों के लिए सुपरन्यूमरी जॉब्स क्रिएट कर नौकरियां दी जाएंगीं।अवसर पर टीयूडब्ल्यूजे अध्यक्ष विराहत अली, टाइम्स ऑफ इंडिया के वरिष्ठ संपादक उडुमुला सुधाकर रेड्डी व रामनारायण आदि उपस्थित थे।
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