स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर वैश्विक नवाचार में अग्रणी बने भारत : बोसराजू
हैदराबाद, टच ए लाइफ फाउंडेशन की मेजबानी में टीएएल हेल्थ फेस्ट 2026 की मेजबानी की गई। टी-हब में आयोजित कार्यक्रम में नीति निर्माताओं, चिकित्सकों, प्रौद्योगिकीविदों तथा शोधकर्ताओं सहित अन्य हितधारकों ने भाग लेते हुए स्वास्थ्य सेवा के भविष्य को नया आकार देने के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच बढ़ाने वाली साझेदारियों के निर्माण आदि से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर परिचर्चा की।
यहाँ जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अवसर पर कर्नाटक सरकार के कैबिनेट मंत्री एन.एस. बोसराजू ने अपने संबोधन में प्रभावी तथा सतत स्वास्थ्य सेवा पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए नवाचार, विश्वास और सुलभता को एकीकृत करने की तत्काल आवश्यकता पर विशेष रूप से बल दिया। उन्होंने कहा कि जब हम विज्ञान और प्रौद्योगिकी में निवेश करते हैं, हम वैश्विक चुनौतियों के समाधान में निवेश करते हैं। प्रौद्योगिकी तथा नवाचार के माध्यम से ग्रामीण इलाकों में रहने वाला व्यक्ति भी विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवा का लाभ उठा सकता है।
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कर्नाटक सरकार तकनीकी प्रगति हर नागरिक तक पहुँचाने को प्रतिबद्ध
एन.एस. बोसराजू ने कहा कि हमारा लक्ष्य भारत को वैश्विक नवाचार के अग्रणी देश के रूप में स्थापित करना होना चाहिए। कर्नाटक सरकार इस नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र का समर्थन करने और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि तकनीकी प्रगति प्रत्येक नागरिक तक पहुँचे। टच ए लाइफ फाउंडेशन के सीईओ साई गुंडावेली ने अवसर पर कहा कि टच ए लाइफ फाउंडेशन के माध्यम से हम प्रौद्योगिकी का उपयोग करके उन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ा रहे हैं, जहां इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है।
टीएएल हॉस्पिटल्स वंचित रोगियों को निशुल्क उपचार प्रदान करने वाले अस्पतालों से जोड़ने का प्रयास करता है। हमारा मानना है कि स्वास्थ्य सेवा केवल स्थानीय न होकर वैश्विक विषय है। उन्होंने कहा कि इस कड़ी में हम आज टीएएल मेडोरा को लांच कर रहे हैं, जो दुनियाभर के चिकित्सकों को जोड़ने वाला वैश्विक मंच है। साई गुंडावेली ने कहा कि भारत में 1.4 अरब लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवा पर तकरीबन 30 लाख डॉलर खर्च किए जाते हैं। हमारा मानना है कि प्रौद्योगिकी के साथ-साथ पैसे से नहीं, बल्कि लोगों द्वारा अपना समय और विशेषज्ञता स्वेच्छा से देने जैसे सहयोग से इस अंतर को पाट सकते हैं।
टीएएल हेल्थ फेस्ट के दौरान आयोजित सत्रों में डेटा सुरक्षा और शासन तथा वैक्सीन अनुसंधान एवं विकास जैसे विषयों में अभूतपूर्व नवाचारों के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवा में क्वांटम और एआई की वास्तविक स्थिति, भारत की रणनीतिक भूमिका में वैश्विक चिकित्सा पर्यटन उद्योग, मानसिक स्वास्थ्य आदि विषयों पर वक्ताओं ने विचार रखे।
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