भारत सरकार के व्यक्तिगत डेटा सुरक्षा के लिए कड़े कदम
नए कानून और सुरक्षा उपाय लागू
नई दिल्ली, भारत सरकार डिजिटल युग में व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठा रही है। भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने अनचाहे कमर्शियल कम्युनिकेशन (यूसीसी) को नियंत्रित करने के लिए 2018 में टीसीसीसीपीआर-2018 विनियम लागू किया, जिससे उपयोगकर्ता अवांछित संदेशों और कॉल को ब्लॉक कर सकते हैं। इसके अलावा, डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 (डीपीडीपी अधिनियम) को लागू किया गया है, जो डेटा प्रिंसिपल की सहमति, डेटा सुरक्षा और गैर-अनुपालन पर दंड सहित विभिन्न प्रावधानों को निर्धारित करता है। भारतीय डेटा संरक्षण बोर्ड को भी अधिकार दिए गए हैं, जिससे व्यक्तिगत डेटा के दुरुपयोग पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
साइबर सुरक्षा के लिए मजबूत पहल
सरकार ने भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल (CERT-In) और राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा नीति 2013 जैसी पहलों को लागू किया है। गृह मंत्रालय ने भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र की स्थापना की है, जो साइबर अपराधों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई करता है। इसके अतिरिक्त, नागरिकों को साइबर सुरक्षा और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के प्रति जागरूक करने के लिए साइबर सुरक्षा जागरूकता माह और सुरक्षित इंटरनेट दिवस जैसे अभियान चलाए जाते हैं। यह पहल भारत में डिजिटल गोपनीयता और व्यक्तिगत डेटा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।( PIB)
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