शिक्षा क्रांति के मार्गदर्शक हैं महात्मा फूले : महापौर
हैदराबाद, महापौर गदवाल विजयलक्ष्मी ने कहा कि महात्मा ज्योतिराव फूले शैक्षिक क्रांति के अग्रदूत थे।
शुक्रवार को जीएचएमसी मुख्यालय में ज्योतिराव फूले की जयंती के अवसर पर महापौर गदवाल विजयलक्ष्मी और आयुक्त इलंबर्ती ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। अपने संबोधन में महापौर ने कहा कि गरीब और कमजोर वर्गों को शिक्षा और आत्मसम्मान प्रदान करने के लिए महात्मा ज्योतिराव फूले के प्रयास यादगार हैं। महात्मा फूले शिक्षा क्रांति के मार्गदर्शक थे, जिन्होंने समाज में समानता और न्याय की नींव रखी।
वे एक महान व्यक्ति थे, जिन्होंने रास्ता दिखाया कि शिक्षा के माध्यम से ही सामाजिक परिवर्तन संभव है। समाज को प्रदान की गई उनकी सेवाएं अनुकरणीय हैं। ज्योतिबा फूले ने भारतीय समाज में समानता और शैक्षिक अधिकारों के लिए संघर्ष किया। उन्होंने शोषित वर्गों और महिलाओं को शिक्षा प्रदान करने के दृढ़ संकल्प के साथ लड़कियों का पहला स्कूल स्थापित किया, जो भारतीय समाज के पुनर्निर्माण में मील का पत्थर बना। महापौर ने कहा कि फूले द्वारा दिखाया गया मार्ग सभी के लिए एक उदाहरण है। आज के युवाओं को उनकी आकांक्षाओं के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
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नगर निगम के आयुक्त इलंबर्ती ने अवसर पर कहा कि ज्योतिराव फूले एक महान व्यक्ति थे, जिन्होंने महिला शिक्षा की नींव रखी और उनकी सेवाएं अविस्मरणीय हैं। सभी समुदायों में समानता के लिए फूले ने जो लड़ाई लड़ी, वह आज भी प्रेरणादायक है। फूले भारतीय इतिहास में एक शिक्षाविद्, समाज सुधारक, लेखक और किसानों के अधिकारों के लिए लड़ने वाले योद्धा के रूप में अमर हो गए हैं। कार्यक्रम में अतिरिक्त आयुक्त वेणुगोपाल, गीता राधिका, मुख्य अभियंता रत्नाकर, सीपीआरओ मुहम्मद मुर्तुजा अली तथा अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया।
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