आप के सात सांसदों का भाजपा के साथ विलय असंवैधानिक : सिब्बल

नई दिल्ली, पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने शनिवार को कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) के सात राज्यसभा सदस्यों का भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ विलय करना असंवैधानिक है और नियमों के तहत उनकी सदस्यता भी जा सकती है।
राज्यसभा सदस्य और वरिष् अधिवक्ता ने संवाददाताओं से बातचीत में यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी से जुड़ा घटनाक्रम संविधान की 10वीं अनुसूची में निर्धारित नियमों के खिलाफ है।

राघव चड्ढा, संदीप पाक और अशोक मित्तल समेत आप के सात राज्यसभा सदस्यों ने शुक्रवार को भाजपा के साथ विलय की घोषणा की थी। सिब्बल ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में विलय करने वाले सातों सांसदों और खुद भाजपा के लोगों को यह पता नहीं होगा कि विलय का क्या मतलब होता है।

शायद उन्हें संविधान की समझ नहीं है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा के लोगों को सिर्फ इतना पता है कि कैसे किसी को खरीदना है। सिब्बल ने कहा कि विलय का मतलब यह होता है कि सबसे पहले एक राजनीतिक दल को फैसला करना होता है कि हम विलय करेंगे।

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यानी यदि आम आदमी पार्टी संगन के स्तर पर बैक बुलाकर यह प्रस्ताव पारित करती कि हम भाजपा के साथ विलय करते हैं, तो यह हो सकता था। एक दूसरे तरह का भी विलय होता है कि दो दल मिलकर एक नया दल बना लें। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राजनीतिक दल के विलय के बाद ही सांसदों का किसी दूसरे दल में विलय हो सकता है। उन्होंने कहा कि आप के सात सांसदों का विलय अंसवैधानिक है। (भाषा)

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