आत्मा को शक्ति प्रदान करता है नवकार मंत्र : सिद्धार्थमुनिजी
हैदराबाद, जब व्यक्ति अपने कार्य में ईमानदारी, लगन, अनुशासन, संयम और सकारात्मक सोच को अपनाता है, तो उसे न केवल व्यावसायिक सफलता मिलती है, बल्कि वह आत्मिक शांति और सच्चे सुख का अनुभव करता है।
उक्त उद्गार आज यहाँ सोमाजीगुड़ा स्थित शिवराज लक्ष्मीचंद जैन ज्वेलर्स में उप प्रवर्तक सिद्धार्थमुनिजी म.सा. ने व्यक्त किए। म.सा. ने समस्त स्टाफ को आध्यात्मिक प्रवचन का लाभ दिया। इस विशेष कार्यक्रम में कुल 65 स्टाफ सदस्य उपस्थित थे। सिद्धार्थमुनिजी म.सा. ने कर्मचारियों को दैनिक जीवन में नैतिक मूल्यों की महत्ता समझाई।
प्रवचन के दौरान कुवेसन की संकल्पना को विस्तार से समझाते हुए मुनिश्री ने कर्मों की शुद्धता, विचारों की निर्मलता एवं व्यवहार की सात्विकता को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने सभी को यह सोचने के लिए प्रेरित किया कि हम अपने कार्यों और आदतों से समाज, संस्था और स्वयं के जीवन को किस दिशा में ले जा रहे हैं।
यह भी पढ़ें… संस्कार एक धारा समिति की बैठक आयोजित
नवकार महामंत्र से कार्यस्थल की शांति और सकारात्मकता
मुनिश्री ने नवकार महामंत्र की विशेष महिमा का वर्णन करते हुए बताया कि यह महामंत्र सभी दुःखों और दोषों को शांत कर आत्मा को शक्ति प्रदान करता है। उन्होंने समस्त स्टाफ से आग्रह किया कि प्रत्येक दिन शोरूम का कार्य आरंभ करने से पूर्व 9 बार नवकार मंत्र का जाप करें।
साथ ही एक छोटी प्रार्थना के साथ दिन की शुरुआत करें, जिससे कार्यक्षेत्र में शांति, सफलता और सौहार्द्र बना रहे। अवसर पर 9 स्टाफ सदस्यों ने गुटखा, सिगरेट जैसी नशा वस्तुओं का त्याग करने का दृढ़ संकल्प लिया और इसे हर्षपूर्वक स्वीकार किया।
यह संकल्प न केवल उनके व्यक्तिगत जीवन के लिए लाभदायक है, बल्कि कार्यस्थल की पवित्रता और सकारात्मकता को भी सुदृढ़ करता है। मुनिश्री ने अन्य कर्मचारियों को भी मांसाहार त्यागने हेतु प्रेरित किया, ताकि जीवन में करुणा, संयम और शुद्धता का समावेश हो। कार्यक्रम के समापन पर शिवराज लक्ष्मीचंद जैन ज्वेलर्स परिवार की ओर से गौतम सेहलोत ने मुनिश्री का आभार व्यक्त किया।
अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।



