पीएम मोदी ने जापान की नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री साने ताकाइची को बधाई दी


नई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को जापान की प्रधानमंत्री निर्वाचित होने पर साने ताकाइची को बधाई दी तथा कहा कि वह दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हैं। जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री निर्वाचित ताकाइची ने शिगेरु इशिबा का स्थान लिया है।

मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘जापान के प्रधानमंत्री के रूप में आपके निर्वाचन पर हार्दिक बधाई साने ताकाइची।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं भारत-जापान विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करने के वास्ते आपके साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हूं। हमारे गहरे होते संबंध हिंद-प्रशांत और उससे आगे शांति, स्थिरता एवं समृद्धि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।’’

जापान के 104वें प्रधान मंत्री के रूप में शपथ लेंगी

जापान के लिए आज का दिन ऐतिहासिक हैI इसकी वजह है कि जापान को आज अपने इतिहास की पहली महिला प्रधानमंत्री मिलने वाली हैं, जापान की संसद के निचले सदन में साने ताकाइची को 237 वोट मिले हैं, जो 465 सीटों वाले सदन में बहुमत से अधिक है यह लगभग तय है कि उन्हें कम-शक्तिशाली उच्च सदन से भी मंजूरी मिल जाएगी और वह आज शाम जापान के 104वें प्रधान मंत्री के रूप में शपथ लेंगी, जापान में जारी राजनीतिक संकट के बीच उनकी संघर्षरत पार्टी ने एक नए साथी के साथ गठबंधन समझौता किया है, जो उनके सत्तारूढ़ गठबंधन को और अधिक राइट विंग की ओर ले आया हैI

जुलाई में लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी की विनाशकारी चुनाव हार के बाद से तीन महीने की राजनीतिक शून्यता और खींचतान को समाप्त करते हुए, ताकाची ने पूर्व प्रधान मंत्री शिगेरु इशिबा का स्थान लिया है, इशिबा पीएम की कुर्सी पर केवल एक वर्ष तक रहे, उन्होंने बीते मंगलवार को अपने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया, जिससे अगले पीएम के लिए रास्ता साफ हो गयाI

तो कैसे पीएम बन रहीं है साने ताकाची?

64 साल की ताकाइची काफी लंबे समय से एलडीपी के दक्षिणपंथी धड़े से जुड़ी रही हैंI अब उन्होंने दक्षिणपंथी जापान इनोवेशन पार्टी या इशिन नो काई के साथ एलडीपी का सीधा गठबंधन कराया है और यह गठबंधन ही उनके लिए प्रधान मंत्री पद सुनिश्चित करता है क्योंकि विपक्ष एकजुट नहीं है, ताकाइची का यह नया गठबंधन अभी भी संसद के दोनों सदनों में बहुमत के आंकड़े से कम हैI और उन्हें किसी भी कानून को पास करने के लिए अन्य विपक्षी समूहों को अपने पाले में लाने की जरूरत होगा, यह एक जोखिम है जो उनकी सरकार को अस्थिर और अल्पकालिक बना सकता हैI

तो क्या है साने ताकाची की कहानी?

ताकाइची एक हेवी-मेटल ड्रमर और एक बाइकर भी रही हैं साल 1993 में अपने गृहनगर नारा से पहली बार चुने जाने के बाद से, ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, आंतरिक मामलों और लैंगिक समानता सहित कई प्रमुख पदों पर कार्य किया हैI उन्होंने मार्गरेट थैचर को एक राजनीतिक आदर्श बताया है और शिंजो आबे के रूढ़िवादी दृष्टिकोण से पूरी तरह सहमत हैं ताकाइची को बड़े स्‍तर पर विदेशी मामलों में कट्टर माना जाता है, वह जापान के युद्धकालीन इतिहास की समीक्षावादी हैं और यासुकुनी तीर्थस्थल का नियमित रूप से दौरा करती हैंI और उनका यह दौरा पड़ोसी देश चीन को नाराज कर जाता है न्‍यूज एजेंसी एपी के अनुसार उन्हें चीन के प्रति सख्त और दक्षिण कोरिया के प्रति सतर्क माना जाता हैI (भाषा)

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