सत्ता किसी के लिए शास्वत नहीं : कविता
हैदराबाद, तेलंगाना जागृति की संस्थापक व विधान परिषद सदस्य कल्वाकुंट्ला कविता ने पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव का नाम नहीं लेते हुए कहा कि सत्ता कभी किसी के लिए शास्वत नहीं होती है, जो सत्ता को शास्वत समझ रहे थे, उन्हें जनता ने घर में बैठा दिया है।
एमएलसी कविता ने जागृति जनम बाटा के अंतर्गत वरंगल में मीडिया के पूछे प्रश्न के उत्तर में कहा कि उनका बीआरएस से अब कोई संबंध नहीं है। बीआरएस से वे बाहर नहीं आई हैं। सस्पेंड करके बाहर निकाला गया है। फांसी देने से पहले अंतिम इच्छा तो पूछी जाती है परंतु बीआरएस में उन्हें कारण बताओ नोटिस तक नहीं दिया गया। काफी अपमानजनक रूप से निकाला गया है।
कविता ने असमानता और सीमित धन पर उठाए सवाल
पूर्व केसीआर शासन में तेलंगाना को धनवान तेलंगाना बताए जाने की ओर परोक्ष रूप से इशारा करते हुए कविता ने कहा कि तेलंगाना को धनवान तेलंगाना तो बताया गया लेकिन धन हर किसी के पास नहीं है। केवल कुछ लोगों तक सीमित होकर रह गया है। उन्होंने कहा कि तेलंगाना तो हासिल कर लिया गया परंतु असमानता जस की तस है। सामाजिक तेलंगाना हासिल करने के लिए वे जनता के बीच निकली हैं।
उनसे जब पूछा गया कि केसीआर सरकार में जब थीं तब क्यों आवाज नहीं उठाई तो कहा कि जब वे बीआरएस में थीं तब उनके पास मंत्री पद नहीं था। न ही फाइल पर हस्ताक्षर करने का अधिकार था। एक टीचर का ट्रांसफर तक कराने का अधिकार उन्हें नहीं था। फिर भी जनता के लिए पार्टी के भीतर बोलती रही थीं।
कविता ने कहा कि उन्हें प्रोटोकॉल नामक रस्सी से बांधकर रख दिया गया था और केवल निजामाबाद तक सीमित करके सीमा पार नहीं करने के लिए कहा गया था। इसलिए वे निजामाबाद से बाहर नहीं निकली थीं। उन्होंने कहा कि अब बीआरएस से उनका कोई संबंध नहीं है। वे जनता के बीच उनकी समस्याओं को जानने तेलंगाना के दौरे पर निकली हैं। उन्होंने पूर्व केसीआर के शासन में कटाक्षपुरम ब्रिज निर्माण कार्य अभी तक पूरे नहीं होने को लेकर चिंता जताई और मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से तुरंत ही कार्य पूरे करने की मांग की।
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कविता ने पूर्व शासन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए
कविता ने कहा कि जब सत्ता में थे तब केसीआर ने कटाक्षपुरम का दो बार दौरा किया, फिर भी ब्रिज निर्माण नहीं किया। उन्होंने कहा कि गत सरकार ने गलती को तो उसे सजा दें लेकिन समस्या का परिष्कार रेवंत सरकार करे। कविता ने जागृति जनम बाटा के तहत राजनीति किए जाने के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वे राजनीति नहीं कर रही हैं जनता की समस्याओं पर आंदोलन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति के लिए अभी समय है।
कविता ने पूर्व केसीआर शासन में भ्रष्टाचार किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि वरंगल एमजीएम सुपर स्पेशालिटी अस्पताल के नए भवन का निर्माण कार्य पूर्व मंत्री टी. हरीश राव की बेनामी कंपनी को दिया गया है। जो कार्य 1100 करोड रूपये से किये जाने थे, उसे बढाकर 1700 करोड रुपये कैसे कर दिया गया। उन्होंने कहा कि इस पर सरकार ने विजिलेंस कमेटी भी गठित की है, परंतु अब तक रिपोर्ट क्यों सार्वजनिक नहीं की गई।
कविता ने कहा कि आदिलाबाद में चनाका कोराटा प्रॉजेक्ट की लागत 300 करोड़ रुपये थी जिसे बढ़ाकर 2 हजार करोड़ रुपये कैसे कर दिया गया। उन्होंने कहा कि वरंगल को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए 900 करोड रुपये मिले थे हैदराबाद के बाद दूसरे बडे शहर वरंगल में अंडरग्राउंड ड्रेनेज तक नहीं है बल्कि 900 करोड में से 500 करोड रुपये भ्रष्टाचार के हवाले हो गए। उन्होंने तेलंगाना जागृति की हर जिले में जिस प्रकार हर कमेटियां थीं उसी प्रकार अब फिर से एडहॉक कमेटियों का गठन करने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जनम बाटा यात्रा के हर 5 जिले पूरे होने पर ऐक्शन टेकन रिपोर्ट जनता के समक्ष रखी जाएगी।
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