कामारेड्डी में रेस्क्यू ऑपरेशन, 808 लोग और 200 छात्र सुरक्षित
हैदराबाद, तेलंगाना में बाढ़ की स्थिति के दौरान अग्निशमन, आपदा प्रतिक्रिया एवं आपात विभाग की टीमों ने अलग-अलग जिलों में बारिश और बाढ़ के बीच फंसे 808 लोगों को सुरक्षित निकालने में सफलता प्राप्त की। टीमों ने कामारेड्डी, मेदक, निर्मल, राजन्ना सिरसिल्ला और जग्तियाल जिलों में नाव चालक दल, स्टेट डिज़ास्टर रिस्पॉन्स टीम (एसडीआरएफ) और फायर स्टेशन के अधिकारियों ने कामारेड्डी में 200 छात्रों समेत कुल 808 लोगों को बचाया।
बताया गया कि कामारेड्डी के एससी वेलफेयर बॉयज रेजिडेंशियल स्कूल के करीब 200 छात्र बाढ़ के पानी में फँस गए थे। निर्मल बोट क्रू और निजामाबाद एसडीआरएफ ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी छात्रों को बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया।उल्लेखनीय है कि इन क्षेत्रों में भारी बारिश और जलभराव से कई कॉलोनियाँ व गाँवों में हालात बिगड़े हुए हैं। इस बीच आपदा विभाग हर स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है।
मेदक में एनडीआरएफ ने गर्भवती महिला को बचाया, सुरक्षित डिलीवरी

मूसलाधार बारिश और बाढ़ के बीच एनडीआरएफ ने मेदक जिला के वाड़ी गाँव में गर्भवती महिला को सुरक्षित अस्पताल पहुँचाया। जिसके बाद अस्पताल में महिला की सफलतापूर्वक प्रसूति हुई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गर्भवती महिला मलोत राजिता को आज सुबह प्रसव पीड़ा शुरू हुई। राजिता के दर्द से कराहने के बाद आशा कार्यकर्ता ने तुरंत अधिकारियों को सूचना दी। जानकारी मिलते ही ज़िला कलेक्टर राहुल राज ने वाड़ी गाँव में एनडीआरएफ टीम को रवाना करते हुए महिला को अस्पताल पहुंचाया। उल्लेखनीय है कि वाड़ी पिछले दो दिनों से बाढ़ से सबसे ज़्यादा प्रभावित गाँवों में शामिल है। वहां से महिला को बाहर निकालना आसान नहीं था। एनडीआरएफ जवानों ने गाँव तक पहुँचकर राजिता को स्टेचर पर उठाकर उफनते पानी और कीचड़ से गुज़ारते हुए एम्बुलेंस तक पहुँचाया, जो गाँव से कुछ ही दूरी पर इंतज़ार कर रही थी। राजिता ने मेदक के ही मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल (एमसीएच) अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया, माँ और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
ग्रामीणों ने जान जोखिम में डालकर किया अंतिम संस्कार
मेडक जिले के मारपल्ली में ग्रामीणों ने तेज बारिश, बाढ़ के पानी के बीच साहस का परिचत दिखाते हुए एक दिव्यांग युवक का अंतिम संस्कार किया। लगातार बारिश से गोल्लावागु नदी उफान पर थी, लेकिन ग्रामीणों ने जान की परवाह किए बिना जलधारा को पार कर अंतिम संस्कार की क्रिया पूरी कीं।
बताया गया कि बंडी हरिकृष्ण (22) का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। कल परिजन अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे, लेकिन भारी वर्षा से गोल्लावागु नदी में तेज़ बहाव शुरू हो गया, जिससे श्मशान घाट का रास्ता पूरी तरह कट गया। ऐसे में ग्रामीणों ने जोखिम उठाकर शव को जेसीबी में रखकर ट्रैक्टर की मदद से नदी को पार कराया। मृतक के परिजन ट्रैक्टर में बैठकर ही श्मशान घाट पहुंचे। जबकि कुछ युवकों ने रस्सियाँ बाँधकर पानी में उतरकर रास्ता बनाया और ग्रामीणों को सुरक्षित नदी पार कराने में सहयोग किया।
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