हैदराबाद, महापुरुषों की जयंती पर दान देना, तप त्याग करना, जप, आराधना करने से सारे कर्मों का क्षय होता है और मोक्ष का मार्ग मिलता है। बिना दान के मोक्ष नहीं मिलता है। उक्त उद्गार सिख छावनी स्थित श्री आनंद जैन भवन कोरा में श्री जैन श्रावक संघ कोरा के तत्वावधान में आयोजित धर्म सभा को संबोधित करते हुए शासन दीपिका व्याख्यानी राजमतीजी राजुल म सा ने दिये।
संघ के मंत्री अनिल तातेड़ द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पूज्य राजमतीजी म.सा. ने कहा कि प्रभु महावीर की देशना आनंददायी है पर आनंद लेने वाला ही ले सकता है, क्योंकि हर एक के बस की बात नहीं है। व्यक्ति पांच इंद्रियों में से चार को वश में कर सकता है लेकिन सबसे दुर्लभ है रसेन्द्रिय को वश में करना। रसनेन्द्रिय ही सबसे पहले भोजन चखती है। महान लोगों ने जीवन में सबसे पहले अपने रस इन्द्रिय को वश में किया, तभी वे तप, जप, ध्यान, त्याग कर पाये। मंच संचालन करते हुए महामंत्री गौतमचंद मुथा ने बताया कि आज जैन दिवाकर उपाध्याय गुरुदेव श्री केवलमुनिजी म.सा. की जन्म जयंती तप-त्याग एवं 2 सामायिक व एकासन दिवस के रूप में मनाई गई।
अल्पाहार वितरण और बच्चों का ज्ञानवर्धक शिविर
उपलक्ष्य में श्री आनंद युवा मंडल की तरफ से अल्पाहार वितरण किया गया। एकासन करने वालों की व्यवस्था श्री संघ द्वारा की गई। बच्चों के शिविर के लाभार्थी मंगलचंद दिनेश कुमार संजय कुमार कमल कुमार कटारिया परिवार एवं श्री आनन्द युवा मंडल रहे। चेन्नई से पधारे महेन्द्र लोढ़ा एवं संजय खाबिया का संघ द्वारा स्वागत किया गया। इसमें मंगल चंद कटारिया, सुरेश समदड़िया, गौतमचंद श्रीश्रीमाल, आनन्द भंसाली, महावीरचन्द कटारिया, संजय कटारिया, गौतमचंद मुथा, दिलीप सेठिया ने भाग लिया।
प्रभावना का लाभ शांतिलाल गौतमचंद प्रमोद कुमार विनोद कुमार अनिल कुमार श्रीश्रीमाल परिवार बोइनपल्ली एवं श्री आनन्द युवा मंडल ने लिया। लाभार्थी परिवार का संघ द्वारा आभार व्यक्त किया गया। एकासन की व्यवस्था में श्री आनन्द युवा मंडल एवं श्री वर्धमान महिला मण्डल ने सहयोग दिया। शिविर में अध्ययन करवाने में मंत्री अनिल तातेड़, वर्धमान महिला मंडल एवं श्री आनंद जैन युवा मंडल के सदस्यों ने सहयोग किया। आज शिविर में 70 से अधिक बच्चों ने भाग लिया। मंत्री अनिल तातेड़ ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया।
