टीवीके नेता विजय ने अपनी वेलंकन्नी की यात्रा रद्द की
चेन्नई, तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद धार्मिक यात्राओं पर निकले तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के नेता विजय ने शनिवार को नागपट्टिनम जिले के वेलंकन्नी चर्च की अपनी प्रस्तावित यात्रा रद्द कर दी, जिससे उनके हजारों प्रशंसक निराश हो गए।
अभिनेता से नेता बने विजय राज्य में 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव के तुरंत बाद लगातार धार्मिक स्थलों के दौरे पर हैं।इससे पहले उन्होंने तिरुचेंदूर स्थित भगवान मुरुगन मंदिर और शिरडी साईं बाबा मंदिर जाकर पूजा-अर्चना की थी। तय कार्यक्रम के अनुसार, विजय को शनिवार तड़के वेलंकन्नी के प्रसिद्ध ईसाई तीर्थस्थल ‘बेसिलिका ऑफ आवर लेडी ऑफ गुड हेल्थ’ (वेलंकन्नी चर्च) जाना था। अपने पसंदीदा सितारे की एक झलक पाने के लिए चर्च और उसके आसपास हजारों प्रशंसकों की भीड़ उमड़ पड़ी थी।
टीवीके के सूत्रों ने शनिवार को बताया कि विजय ने व्यक्तिगत कारणों से वेलंकन्नी की यात्रा रद्द कर दी है। हालांकि, सूत्रों ने यह भी कहा कि विजय रविवार को वेलंकन्नी जा सकते हैं।
तमिलनाडु की राजनीति में सुपरस्टार विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कज़गम (TVK) का प्रवेश 2026 के विधानसभा चुनाव के लिए एक ‘तीसरी शक्ति’ के रूप में देखा जा रहा है। 2026 की शुरुआत के एग्जिट पोल और राजनीतिक रुझान संकेत देते हैं कि विजय पारंपरिक द्रविड़ राजनीति के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकते हैं।
विजय: तीसरी शक्ति के रूप में चुनौती और प्रभाव (2026 चुनाव संदर्भ):
- बड़ी चुनावी टक्कर: 2026 का चुनाव अब DMK-AIADMK के द्विपक्षीय मुकाबले से बदलकर एक त्रिकोणीय मुकाबला बन चुका है, जिसमें टीवीके एक प्रमुख दावेदार है।
- एग्जिट पोल की भविष्यवाणी: 2026 के एग्जिट पोल के अनुसार, विजय की पार्टी टीवीके 234 में से 98-120 सीटें जीत सकती है, जो इसे सबसे बड़ा या एक मजबूत दावेदार बनाती है।
- वर्चस्व को चुनौती: विजय ने बीजेपी-एआईएडीएमके गठबंधन में शामिल होने के बजाय अलग चुनाव लड़ने का फैसला किया है, जो डीएमके और एआईएडीएमके के 60 साल के एकाधिकार को चुनौती दे रहा है।
- युवा और महिला वोट बैंक: ‘थलपति’ विजय का विशाल प्रशंसक आधार (विशेषकर युवा) और ‘भ्रष्टाचार मुक्त शासन’ का मुद्दा उन्हें एक आकर्षक विकल्प बनाता है।
- एजेंडा: विजय की पार्टी ‘धर्मनिरपेक्ष सामाजिक न्याय’, ‘द्विभाषी नीति’ (हिंदी थोपने का विरोध), और ‘भ्रष्टाचार-मुक्त प्रशासन’ के साथ-साथ लोक-लुभावन वादों (जैसे महिलाओं को 2,500 रुपये प्रति माह) पर केंद्रित है।
- सीएम पद के दावेदार: सर्वेक्षणों के अनुसार, 37% मतदाताओं ने मौजूदा मुख्यमंत्री एमके स्टालिन (35%) के मुकाबले विजय को अगला सीएम बनाने का समर्थन किया है।
क्या द्रविड़ वर्चस्व टूटेगा?
- हालांकि विजय का उदय एक प्रमुख ‘तीसरी शक्ति’ के रूप में हुआ है, लेकिन तमिलनाडु में डीएमके और एआईएडीएमके की जड़ें गहरी हैं।
- विजय का प्रभाव मुख्य रूप से शहरी और चेन्नई बेल्ट में अधिक दिखाई दे रहा है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में उनकी पार्टी का सांगठनिक ढांचा अभी भी विकसित हो रहा है।
- 2026 का परिणाम यह तय करेगा कि क्या वह वास्तव में द्रविड़ियन राजनीति का किला तोड़ सकते हैं या किंगमेकर की भूमिका में रहेंगे।
संक्षेप में, टीवीके (TVK) का उदय तमिलनाडु के राजनीतिक परिदृश्य को “हमेशा के लिए बदलने” की क्षमता रखता है और पारंपरिक पार्टियों को अपनी रणनीतियों पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर कर रहा है। (भाषा)
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