कौशल विकास तथा शैक्षणिक सुधारों पर ध्यान दें विश्वविद्यालय- राज्यपाल

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हैदराबाद, राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने छात्रों के कौशल विकास और निरंतर शैक्षणिक सुधार पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं होना चाहिए, बल्कि उन्हें ऐसे केंद्रों के रूप में उभरना चाहिए, जो छात्रों की रोजगार क्षमता को बढ़ाएँ और वैश्विक मानकों के अनुरूप शिक्षा प्रदान करें।

तेलंगाना उच्च शिक्षा परिषद द्वारा राज्यपाल तथा कुलाधिपति शिव प्रताप शुक्ला की अध्यक्षता में राज्य के विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें उच्च शिक्षा के भविष्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। राज्यपाल ने गुणवत्तापूर्ण संकाय की नियुक्ति और निरंतर प्रशिक्षण की आवश्यकता को उच्च शिक्षा संवर्धन के लिए अनिवार्य बताया।

राज्यपाल ने उच्च शिक्षा में तेलंगाना के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि राज्य ने चालीस प्रतिशत का सकल नामांकन अनुपात हासिल किया है, जो राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक है। उन्होंने कुलपतियों को सुझाव दिया कि विश्वविद्यालय केवल डिग्री बाँटने वाले केंद्र न बनें, बल्कि कौशल विकास, रोजगार और नवाचार पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का उदाहरण देते हुए कुलपतियों को शैक्षणिक नेतृत्व को मजबूत करने के लिए प्रेरित किया।

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आत्मनिर्भर बनाने वाली योजनाओं को मिले प्राथमिकता

राज्यपाल ने उस्मानिया विश्वविद्यालय, काकतीया विश्वविद्यालय तथा जेएनटीयू के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य के शिक्षण संस्थानों को राष्ट्रीय रैंकिंग में शीर्ष स्थान प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करने चाहिए। राज्यपाल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के कार्यान्वयन और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने वाली योजनाओं को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने उद्योग जगत और अकादमिक क्षेत्र के बीच बेहतर समन्वय पर बल दिया, ताकि शोध और नवाचार के माध्यम से व्यावहारिक समाधान निकल सके।केंद्र सरकार की स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया और डिजिटल इंडिया जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह योजनाएँ युवाओं के सशक्तिकरण का आधार बन रही हैं। उन्होंने विज़न टू इम्पैक्ट नामक पुस्तक का विमोचन किया, जो राज्य में हुए हालिया उच्च शिक्षा सुधारों पर केंद्रित है।

तेलंगाना राज्य को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बनाना लक्ष्य

तेलंगाना उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. वी. बालकिस्ता रेड्डी ने राज्यपाल को पिछले एक वर्ष में हुए प्रमुख सुधारों जैसे नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत और अनुसंधान को बढ़ावा देने वाली पहलों से अवगत कराया। अकादमिक उत्कृष्टता और समावेशी विकास के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर परिषद ने पाठ्यक्रमों के पुनर्गठन और संस्थागत क्षमता के निर्माण पर सक्रियता से कार्य किया है। वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग और कौशल विकास को प्राथमिकता दी गई, ताकि शिक्षा को सीधे रोजगार के अवसरों से जोड़ा जा सके। यह पहल न केवल छात्रों के शैक्षणिक अनुभव को समृद्ध करेगी, बल्कि उन्हें आधुनिक उद्योगों की चुनौतियों के लिए तैयार करेगी। इन प्रयासों के माध्यम से हमारा लक्ष्य तेलंगाना को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करना है।

बैठक के दौरान विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने संस्थानों में लागू किए जा रहे नवाचारी कार्यक्रमों और प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों तथा भविष्य की योजनाओं को साझा किया।

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