ईरान यात्रा पर अमेरिकी चेतावनी : न जाएं, खतरा है!
वॉशिंगटन, अमेरिकी विदेश विभाग ने ईरान की यात्रा को लेकर अमेरिकियों को चेतावनी दी है। विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने कहा कि विशेष रूप से ईरानी मूल के अमेरिकियों के लिए ईरान की यात्रा में गंभीर जोखिम हैं। उन्होंने अमेरिकियों से अपील की कि वे ईरान की यात्रा से बचें।
गुरुवार को एक प्रेस ब्रीफिंग में ब्रूस ने कहा कि ईरानी शासन दोहरी नागरिकता को मान्यता नहीं देता और हिरासत में लिए गए अमेरिकी नागरिकों को वाणिज्य दूतावासीय सहायता नहीं मिलती। उन्होंने बताया कि अमेरिकी विदेश विभाग एक नई वेबसाइट लॉन्च कर रहा है, जो ईरान यात्रा के खतरों के प्रति अमेरिकियों को जागरूक करने के लिए समर्पित होगी।
इससे पहले ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने विश्वास जताया था कि तेहरान अमेरिका के साथ संवाद के ज़रिए विवाद सुलझा सकता है, लेकिन यह भी स्वीकार किया कि अतीत में अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर हुए हमलों के कारण विश्वास बनाना मुश्किल होगा। यह जानकारी अल जज़ीरा की रिपोर्ट में दी गई।
संघर्ष की शुरुआत 13 जून को तब हुई जब इज़राइल ने “ऑपरेशन राइजिंग लायन” के तहत ईरानी भूमि पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए, जिनमें नतांज और फोर्दो में परमाणु ठिकाने, मिसाइल निर्माण केंद्र और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ) के कमांड बेस शामिल थे।
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इस ऑपरेशन में कई शीर्ष इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स कमांडरों और परमाणु वैज्ञानिकों की हत्या की खबर है। इसके बाद अमेरिका ने 22 जून को “ऑपरेशन मिडनाइट हैमर” के तहत ईरानी परमाणु ढांचे को निशाना बनाते हुए हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने इज़राइल पर मिसाइल हमले और कतर में एक अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमला किया। ईरान ने दोनों अभियानों की कड़ी निंदा करते हुए उन्हें अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का स्पष्ट उल्लंघन बताया।
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