चरित्र मानव धर्म और संस्कृति का प्रतीक : साध्वी जयश्री

हैदराबाद, जयश्रीजी म.सा. ने कहा कि शरीर में रीढ़ की हड्डी का जो स्थान होता है, जीवन में वही स्थान चारित्र व संयम का होता है। चारित्र का संबंध मानव धर्म व मानव संस्कृति से जुड़ा है। संयम और चारित्र शीलता जीवन के विकास के लिए मार्गदर्शन करते हैं। चारित्र निष्ठा से जीवन में गुणात्मक परिवर्तन होता है। जीवन में जितनी भी समस्याएँ आ रही हैं, वह असंयम के कारण आ रही हैं और संयम साधना के बिना कर्म के बंधनों का काटा नहीं जा सकता।
उक्त उद्गार श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ ग्रेटर हैदराबाद के तत्वावधान में काचीगुड़ा स्थित श्री पूनमचंद गांधी जैन स्थानक में चातुर्मासिक धर्म सभा को संबोधित करते हुए साध्वी जयश्री म.सा आदि ठाणा-3 ने व्यक्त किये। संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोकचंद तातेड़ द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जयश्रीजी म.सा. ने पर्युषण पर्व के छठे दिन विशेष प्रवचन सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आश्रव के आधार का अर्जुन ने जीवन में असंयम किया, तो 5 माह 13 दिन में 1141 मनुष्यों का संहार किया, खून की नदियाँ बहाई।
क्रोध का विष और संयम का महत्व
वहीं अर्जुन मुनि 6 माह के संयम काल में सारे कर्मों को खपा कर प्रभु महावीर से पहले मोक्ष पधारे। साध्वी राजश्रीजी म.सा. ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मनुष्य की जो शुद्ध आत्मा है, उसमें स्वाभाविक रूप में कोई विष नही है, किंतु वह आत्मा जब क्रोध आदि जहरीले वातावरण के सम्पर्क में आती और उनमें आसक्त हो जाती है, ईष्ट वियोग अनिष्ट संयोग के समय क्षुब्ध हो जाती है, तब विषाक्त बन जाती है।
इस कारण मुख से वाणी का अमृत झरने के बजाए क्रोध का विष निकलता है अर्थात मुख विष उगलने लगता है, तब यह समझना चाहिए कि वहाँ हमने वचनों में क्रोध का विष घोलकर नरक में जाने की तैयारी कर ली है। क्रोध ऐसा तत्व है, जो स्वयं का व दूसरों का नुकसान करता है। क्रोध के समय इंसान का भीतर का रक्त जहर बन जाता है। क्रोध से व्यक्ति भविष्य को बिगाड़ देता है, रिश्तों को खराब कर देता है। क्रोध में रखा गया धैर्य आपको कई वर्षों की पीड़ा से बचा सकता है।
यह भी पढ़ें… कुशल कारीगर व कुंभकार की तरह शिष्य का जीवन निखारते गुरु : जयश्रीजी
क्रोध त्याग, संयम साधना और जैन धर्म कार्यक्रम
साध्वी समीक्षाश्रीजी म.सा. ने आगम का वाचन करते हुए अर्जुन अणगार के संयम की महिमा, संयम की गरिमा का वर्णन किया। महामंत्री पवन कटारिया ने बताया कि आज की प्रभावना के लाभार्थी मनोहर लाल नयन नमन बागमार परिवार, हिमायतनगर हैं। तेले की कड़ी में आज हेमलता कटारिया का तेला है। आयंबिल की कड़ी में आज बबिता नाहर का आयंबिल है। मंगलवार, 26 अगस्त को एवंता कुमार मोक्ष की नाव पर सवार और आई लव फैमिली विषय पर विशेष प्रवचन रहेगा।
रात्रीकालीन नवकार महामंत्र जाप के आज के आयोजक जैनरत्न युवक परिषद है। 28 अगस्त को 7 बजे से क्षमापना कार्यक्रम एवं गुरुवर्या का मंगल पाठ रहेगा। सामूहिक पारणे का आयोजन संघ की ओर से भोजनशाला में 7.30 बजे से रहेगा। जिनशासन मंडल ने जीव दया की झोली लगाकर प्राप्त राशि संघ को प्रदान की। मंगलवार, 26 अगस्त को तपस्वियों की अनुमोदना में भावों के गीत संघ के तत्वावधान में दोपहर 2 से 3 बजे तक आयोजित किए जाएँगे, जिसकी प्रभावना का लाभ हीराचंद माणकचंद इचरज बाई गौतमचंद चौरड़िया परिवार ने लिया।
पर्युषण पर्व में चोरड़िया परिवार से 3-3 अट्ठाइयाँ हो रही हैं। धर्म सभा में उपस्थित जैन इंटरनेशनल विद्यापीठ (जेआईवी), हनुमान टेकड़ी के सीए विक्रम श्रीश्रीमाल और हितेश लुंकड़ ने भाव रखे। विनय भूरट ने 29 उपवास एवं लगभग 52 तपस्वियों ने आज 6 उपवास के प्रत्याख्यान ग्रहण किये। चंदनबाला महिला मंडल की सदस्यों ने श्रमणोपासक संघ, रामकोट और चंदनबाला बहू मंडल ने कृष्णा नगर संघ में आागमी 5 अक्तूबर को आयोजित होने वाले शालीभद्र लक्ष्मी जाप की जानकारी देते हुए टोकन प्रदान किये।
अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।



