मूसी पुनरुद्धार के लिए 8858 करोड़ की तीन परियोजनाओं का शिलान्यास आज करेंगे सीएम रेवंत

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हैदराबाद, हैदराबाद महानगर की पेयजल आपूर्ति को सुदृढ़ करने और सरकार के लिए प्रतिष्ठा का मुद्दा बनी मूसी नदी के पुनरुद्धार के लिए 8,858 करोड़ रुपये की तीन परियोजनाओं को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया शुरु हो गयी है। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी सोमवार, 8 सितंबर को गंडीपेट में आयोजित होने वाले एक कार्यक्रम में इन परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, उक्त परियोजनाओं के बलबूते गोदावरी के जल से गंडीपेट और हिमायत सागर के पुराने दिन लौट आएंगे।

7,360 करोड़ रुपये की लागत से गोदावरी पेयजल योजना चरण 2 और 3 मल्लन्ना सागर जलाशय से 20 टीएमसी पानी प्राप्त करेगी। इसमें से 2.5 टीएमसी पानी उस्मान सागर और हिमायत सागर के रास्ते मूसी पुनरुद्धार के लिए आवंटित किया जाएगा। इसके मार्ग में सात मध्यवर्ती झीलों को भी भरा जाएगा। शेष 17.5 टीएमसी पानी हैदराबाद की पेयजल आवश्यकताओं के लिए आवंटित किया जाएगा। हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (एचएएम) के तहत इस परियोजना के दो वर्षों में पूरा होने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ओआरआर पेयजल आपूर्ति परियोजना के दूसरे चरण का शिलान्यास करेंगे, जिससे ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) की सीमा के साथ-साथ ओआरआर के साथ नगर पालिकाओं, नगर निगमों और ग्राम पंचायतों को पेयजलापूर्ति सुनिश्चित होगी। इन परियोजनाओं से शहर में 2030 तक की पेयजल की माँग को पूरा किया जा सकेगा।
जल बोर्ड द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि तेलंगाना सरकार द्वारा बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए हैदराबाद शहर को 20 टीएमसी अतिरिक्त जल उपलब्ध कराने और मूसी के पुनरुद्धार हेतु दोनों जलाशयों को गोदावरी जल से भरने के लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित किया गया है।

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हैदराबाद के लिए गोदावरी जल आपूर्ति परियोजना

वर्तमान में हैदराबाद को पेयजल की ज़रूरतों के लिए सभी स्रोतों से 580 एमजीडी से 600 एमजीडी पानी की आपूर्ति की जा रही है। सरकार ने भावी ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए 2030 तक 300 एमजीडी अतिरिक्त पानी की आपूर्ति का लक्ष्य रखा है। चूँकि गोदावरी नदी से कुल 30 टीएमसी पानी उपलब्ध है, इसलिए गोदावरी परियोजना चरण-2 और 3 को अतिरिक्त पानी के लिए तैयार किया गया है। 2027 तक हैदराबाद शहर की पेयजल माँग बढ़कर 835 एमजीडी हो जाने का अनुमान है।

2047 तक यह माँग 1114 एमजीडी हो जाएगी। यह परियोजना उसी माँग के अनुरूप एक भाग के रूप में शुरू की जाएगी।  
गोदावरी पेयजल आपूर्ति योजना चरण-1 के तहत येल्लमपल्ली परियोजना से पहले से ही 10 टीएमसी पानी स्थानांतरित किया जा रहा है। नवीनतम योजना में दो चरणों के माध्यम से मल्लन्ना सागर जलाशय से 20 टीएमसी अतिरिक्त पानी का उपयोग करने की संभावना है।  उल्लेखनीय है कि इस परियोजना से संबंधित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) वैपकोस नामक कंपनी द्वारा तैयार की गई है।

इसमें मल्लन्ना सागर से घनपुर तक पंप हाउस, सब-स्टेशन और 3000 मिमी व्यास की एक विशाल पाइप लाइन का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा घनपुर और शामीरपेट में 1170 एमएलडी क्षमता वाला एक जल उपचार संयंत्र (डब्ल्यूटीपी) बनाया जाएगा। घनपुर से मुतंगी तक पंपिंग मेन लाइन के निर्माण के साथ-साथ अन्य कार्य भी किए जाएँगे। इस परियोजना का निर्माण दो वर्षों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य है।    

सीएम की शरण में दलबदलू विधायक

तेलंगाना में विधायकों के दलबदल को लेकर चल रही कार्रवाई के मामले में रविवार एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया। दल बदलने वाले कुछ विधायकों ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के आवास पर एक आपात बैठक में भाग लिया। उल्लेखनीय है कि विधानसभा अध्यक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हुए दल बदलने वाले दस विधायकों को नोटिस जारी किया है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री की इस संदर्भ में आगे की कार्रवाई पर पैनी नजर है।

बताया जा रहा है कि उप-मुख्यमंत्री भट्टी, मंत्री श्रीधर बाबू और पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी की उपस्थिति में विधायकों ने रेवंत रेड्डी से संभावित परिस्थितियों पर बात की। सूत्रों के अनुसार, बीआरएस से दल-बदल करने के आरोपों का सामना कर रहे लगभग 10 विधायकों को विधानसभा अध्यक्ष गड्डम प्रसाद कुमार द्वारा जारी नोटिस ने चिंता में डाल दिया है। इस बात पर अभी भी असमंजस बना हुआ है कि ये विधायक आधिकारिक रूप से बीआरएस से कांग्रेस में शामिल हुए हैं या नहीं, क्योंकि इनमें से कुछ विधायकों ने कई मौकों पर घोषणा की है कि वे बीआरएस में बने हुए हैं।

सीएम रेवंत से विधायकों की अहम बैठक

विधानसभा के रिकॉर्ड में दस एमएलए अभी भी बीआरएस के विधायक हैं। इस संदर्भ में मुख्यमंत्री रेवंत की बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि विधायकों ने इस बैठक में सीएम रेवंत रेड्डी से अलग-अलग मुलाकात की। कुछ विधायकों ने स्पीकर के नोटिस पर स्पष्टीकरण दे दिया है और बाकी विधायकों ने भी स्पष्टीकरण देने का फैसला किया है।

मुख्यमंत्री से मिलकर लौटने वाले विधायकों ने बताया कि उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए विशेष निधि आवंटित करने की अपील की है। निर्वाचन क्षेत्र में नेताओं के बीच टकराव और मतभेदों को भी सीएम के ध्यान में लाया गया है। सूत्रों के अनुसार, सीएम रेवंत रेड्डी ने विधायकों को आश्वासन दिया है कि वह निर्वाचन क्षेत्र के नेताओं के बीच मतभेदों को सुलझाने की ज़िम्मेदारी पीसीसी प्रमुख महेश कुमार गौड़ को सौंपेंगे।

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