व्यस्त रहा दावोस में पहला दिन, गूगल ने साझेदारी में रुचि दिखायी
हैदराबाद तेलंगाना राइजिंग प्रतिनिधिमंडल का दावोस दौरा काफी व्यस्त रहा। वैश्विक प्रौद्योगिकी दिग्गज गूगल ने विभिन्न क्षेत्रों में राज्य सरकार के साथ काम करने के लिए आगे आयी है। गूगल ने कहा कि वह कृषि, जलवायु परिवर्तन और शहरी प्रदूषण के मुद्दों को हल करने में तेलंगाना सरकार के साथ भागीदारी करेगा। इसके अलावा यातायात नियंत्रण, साइबर सुरक्षा, कृषि और स्टार्टअप में साझेदारी करने की इच्छा भी व्यक्त की।
इसके अलावा यूएई ने तेलंगाना के साथ काम करने की प्रतिबद्धता जतायी। यूनीलिवर ने हैदराबाद में जीसीसी के गठन की संभावनाओं पर विचार करने का भरोसा दिया है। सऊदी अरब की औद्योगिक कंपनी एक्सपार्टाइज ने प्रतिष्ठित कौशल विश्वविद्यालय के साथ साझेदारी करने में रुचि दिखाई है। प्रमुख स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी कंपनी रॉयल फिलिप्स ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में तेलंगाना के साथ साझेदारी करने में रुचि व्यक्त की है।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने दावोस विश्व आर्थिक मंच पर गूगल एशिया पैसिफिक क्षेत्र (एपीएसी) के अध्यक्ष संजय गुप्ता से मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्य रूप से जलवायु परिवर्तन, कृषि पर इसके प्रभाव और शहरी क्षेत्रों में बढ़ते प्रदूषण जैसे मुद्दों के समाधान पर व्यापक रूप से चर्चा की गई। बैठक के दौरान रेवंत रेड्डी ने क्षेत्रीय आर्थिक विकास के लिए तेलंगाना सरकार द्वारा कार्यान्वित किए जा रहे क्यूर, फ्यूर व रेर विकास मॉडल की जानकारी दी। उन्होंने हैदराबाद को प्रदूषण मुक्त शहर के रूप में विकसित करने की योजनाओं का भी उल्लेख किया।
साथ ही उन्होंने यातायात नियंत्रण, साइबर सुरक्षा और स्टार्टअप नवाचार के लिए अधिक समर्थन जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग की संभावनाओं का जिक्र किया। संजय गुप्ता ने कहा कि गूगल यातायात नियंत्रण, साइबर सुरक्षा, कृषि, स्टार्टअप और जलवायु परिवर्तन के मुद्दों पर तेलंगाना को पूरा समर्थन देने के लिए तैयार है।
प्रतिनिधिमंडल का भव्य स्वागत
विश्व आर्थिक मंच के वार्षिक सम्मेलन 2026 के तहत मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की नेतृत्व वाले उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने पहले दिन काफी व्यस्तता के साथ बिताया। कई दिग्गज कंपनियों के शीर्ष नेताओं के साथ भेंट कर चर्चा की। विश्व आर्थिक मंच के वार्षिक सम्मेलन 2026 में भाग लेने के लिए तेलंगाना राइजिंग प्रतिनिधिमंडल स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख शहर पहुंचा। ज्यूरिख हवाई अड्डे पर तेलंगाना के प्रवासियों ने तेलंगाना के प्रतिनिधिमंडल का भव्य स्वागत किया। मुख्यमंत्री के साथ राजस्व मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी और कई शीर्ष अधिकारी भी हैं।
आईटी व उद्योग मंत्री श्रीधर बाबू एक दिन पहले दावोस पहुंचे थे। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने ज्यूरिख हवाई अड्डे पर स्विट्जरलैंड में भारतीय राजदूत मृदुल कुमार से शिष्टाचार भेंट की। पहले दिन मुख्यमंत्री के साथ इज्रायल इनोवेशन अथॉरिटी के अध्यक्ष एलोन स्टोपेल से भेंट हुए। बैठक में मंत्री श्रीधर बाबू और पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी भी शामिल हुए। इस बैठक में कृषि और जलवायु परिवर्तन से संबंधित नवाचार स्टार्टअप के सहयोग पर व्यापक चर्चा हुई। इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डीपटेक इनोवेशन, हेल्थ टेक, एग्री-टेक, साइबर सुरक्षा, एयरोस्पेस जैसे तकनीकी क्षेत्रों में इज्रायल तेलंगाना के स्टार्टअप को सहयोग और भागीदारी प्रदान करेगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहित विभिन्न क्षेत्रों में इज्रायली स्टार्टअप के साथ मिलकर तेलंगाना पायलट कार्यक्रमों की शुरुआत करेगी।
फ्यूचर सिटी पर साथ काम करेंगा यूएई
यूएई के वित्त और पर्यटन मंत्री एच ई अब्दुल्ला बिन तौक अल मार्री ने कहा कि उनकी सरकार फ्यूचर सिटी के विकास के लिए तेलंगाना के साथ काम करने के लिए तैयार है। उन्होंने दावोस में सीएम रेवंत रेड्डी से भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने तेलंगाना राइजिंग प्रतिनिधिमंडल के साथ राज्य में शुरू किए जा रहे विशाल बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, विशेष रूप से भारत फ्यूचर सिटी पर चर्चा की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने तेलंगाना राइजिंग 2047 के दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार की लक्ष्य वर्ष 2047 तक तेलंगाना को 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है। बैठक के दौरान अब्दुल्ला बिन तौक अल मार्री ने कहा कि उनकी सरकार तेलंगाना के साथ एक रणनीतिक साझेदारी स्थापित करने के लिए उत्सुक है। उन्होंने परियोजना को गति देने के लिए दोनों सरकारों के अधिकारियों का एक संयुक्त कार्य बल का गठित करने का सुझाव दिया। उन्होंने यूएई खाद्य क्लस्टर के साथ मिलकर तेलंगाना के ग्रामीण और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की इच्छा व्यक्त की। इस बैठक में तेलंगाना की ओर से आईटी और उद्योग मंत्री श्रीधर बाबू, राजस्व मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी और अन्य अधिकारियों ने भाग लिया।
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यूनीलिवर जीसीसी के गठन पर विचार करेगा
दिग्गज कंपनी यूनिलीवर ने हैदराबाद में एक वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) स्थापित करने की संभावनाओं में रुचि व्यक्त की है। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने दावोस में यूनिलीवर के मुख्य आपूर्ति श्रृंखला और संचालन अधिकारी विल्लेम उइजेन से मुलाकात की। इस अवसर पर तेलंगाना में जीसीसी की स्थापना के मुद्दे पर व्यापक चर्चा हुई। रेवंत रेड्डी ने कहा कि हैदराबाद तेजी से वैश्विक क्षमता केंद्रों का केंद्र बनेगा। प्रतिक्रिया देते हुए विल्लेम उइजने ने कहा कि उनका संगठन हैदराबाद में जीसीसी के गठन की संभावनाओं पर सकारात्मक रूप से विचार करेगा।
इसके अलावा दोनों पक्षों के बीच जलवायु संरक्षण, जल उपयोग और प्लास्टिक की खपत में कमी जैसे यूनीलीवर के लक्ष्यों को तेलंगाना सरकार द्वारा शुरू की जा रही अक्षय ऊर्जा, जल संरक्षण और अर्थव्यवस्था विकास पहलों के साथ जोड़ने के मुद्दों पर भी चर्चा की गई।
सऊदी के प्रमुख संस्था साझेदारी की इच्छुक
सऊदी अरब की एक प्रमुख औद्योगिक कंपनी, एक्सपार्टाइज ने प्रतिष्ठित कौशल विश्वविद्यालय के साथ साझेदारी करने में रुचि दिखाई है। कंपनी के अध्यक्ष और सीईओ मोहम्मद आसिफ ने दाओस में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के नेतृत्व में तेलंगाना राइजिंग के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस अवसर पर रेवंत रेड्डी ने कहा कि यंग इंडिया स्किल्स यूनिवर्सिटी की स्थापना शिक्षा प्रणाली और नौकरी के अवसरों के बीच की खाई को पूरा के उद्देश्य से की गई है। कौशल विश्वविद्यालय का मुख्य उद्देश्य उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना है। आईटी और उद्योग मंत्री श्रीधर बाबू ने कहा कि तेलंगाना को 2047 के दृष्टिकोण के अनुरूप भविष्य के लिए तैयार प्रतिभा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।
मोहम्मद आसिफ ने कहा कि उन्हें हर साल लगभग 5 हजार कुशल कर्मचारियों की आवश्यकता है। उन्होंने इस आवश्यकता को पूरा करने के लिए यंग इंडिया स्किल्स यूनिवर्सिटी के साथ साझेदारी करने का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने यह भी कहा कि वे विश्वविद्यालय के साथ मिलकर सभी आवश्यक क्षेत्रों में प्रशिक्षण शुरू करना चाहते हैं। यह कंपनी मध्य पूर्व में पेट्रोकेमिकल्स, तेल और गैस, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट, जल उपचार और बिजली उत्पादन जैसे विशेषज्ञता वाले क्षेत्रों में संयंत्र संचालन सेवाएं प्रदान करती है।
रॉयल फिलिप्स ने एआई में साझेदारी में रुचि जताई
प्रमुख स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी कंपनी रॉयल फिलिप्स ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में तेलंगाना के साथ साझेदारी करने में रुचि व्यक्त की है। कंपनी ने हैदराबाद में एक नॉलेज हब स्थापित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा करने का प्रस्ताव रखा है। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने दावोस में फिलिप्स की ग्लोबल लीडरशिप से मुलाकात की।
बैठक के दौरान रॉयल फिलिप्स के उपाध्यक्ष जॉन विल्लेम स्कीज ने कहा कि वे एआई के क्षेत्र में तेलंगाना द्वारा किए जा रहे पहलों से काफी प्रभावित हैं। उन्होंने विशेष रूप से स्वास्थ्य के क्षेत्र में एआई-आधारित सेवाओं के लिए तेलंगाना की सराहना की। इस अवसर पर तेलंगाना के प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य 2030 तक 250 अरब डॉलर की जीवन विज्ञान अर्थव्यवस्था का निर्माण करना है।
हैदराबाद में एआई शहर और नॉलेज हब के निर्माण की योजना
राज्य में मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स सहित संबद्ध क्षेत्रों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। रेवंत रेड्डी ने कहा कि तेलंगाना में दवा निर्माण और अनुसंधान विकास के क्षेत्र में एक विश्व स्तरीय और स्थिर औद्योगिक समूह का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आउटर रिंग रोड और क्षेत्रीय रिंग रोड के बीच के क्षेत्र को तेलंगाना राइजिंग 2047 के दृष्टिकोण के तहत विनिर्माण और लॉजिस्टिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।
आईटी और उद्योग मंत्री श्रीधर बाबू ने कहा कि हैदराबाद शहर ने चिकित्सा पर्यटन के लिए दुनिया भर में मान्यता प्राप्त की है। शहर के अस्पताल पहले से ही क्रिटिकल केयर और एम्बुलेंस सेवाओं जैसे क्षेत्रों में एआई का प्रभावी ढंग से उपयोग कर रहे हैं। सरकार विशेष रूप से हैदराबाद को भविष्य में एआई का केंद्र बनाने के लिए एक एआई शहर का निर्माण भी कर रही है। उन्होंने कहा कि हैदराबाद में नालेज हब स्थापित करने का यह सही समय है और यह सबसे अच्छा अवसर है। मंत्री ने फिलिप्स नेतृत्व को तेलंगाना आने और जीनोम वैली का दौरा करने के लिए आमंत्रित किया।
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