गंडीपेट-हिमायत सागर से बापूघाट तक विकास कार्य शीघ्र
हैदराबाद, मूसी पुनरुद्धार पर तेलंगाना सरकार मंत्रिमंडल की उप-समिति ने संकेत दिये कि उस्मान सागर (गंडीपेट) और हिमायत सागर से बापूघाट तक 21 किलोमीटर इलाके में विकास और निर्माण कार्य शीघ्र शुरू होंगे। समिति ने स्पष्ट किया कि तेलंगाना सरकार द्वारा अत्यंत महत्वाकांक्षा के साथ शुरू की गयी मूसी नदी पुनरुद्धार परियोजना केवल नदी की सफाई नहीं, बल्कि एक व्यापक सामाजिक जिम्मेदारी है। समिति ने इस बात पर जोर दिया कि विकास लोगों को विस्थापित करने वाला नहीं, बल्कि उन्हें भागीदार बनाने वाला होना चाहिए। इसी दिशा में अधिकारियों को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए।
मूसी पुनरुद्धार परियोजना पर कैबिनेट उप-समिति की बैठक प्रजा भवन में उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्का की अध्यक्षता में आयोजित की गयी। मंत्री डी. श्रीधर बाबू, पोन्नम प्रभाकर सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने समीक्षा बैठक में भाग लिया। इस दौरान परियोजना की प्रगति, वित्तीय संसाधनों की व्यवस्था तथा निर्माण समय-सीमा से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में बताया गया कि सरकार ने इस परियोजना को पारदर्शी और लोकतांत्रिक तरीके से लागू करने का निर्णय लिया है।
अधिकारियों को जनता की सभी चिंताओं का समाधान करने और नागरिकों में पूर्ण विश्वास स्थापित करने के निर्देश दिए गए। उप-समिति ने दोहराया कि जनहित की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए सरकार का उद्देश्य लोगों की संपत्तियों और आवासों पर न्यूनतम प्रभाव सुनिश्चित करना है। समिति ने मौजूदा संरचनाओं पर प्रभाव कम करने के लिए परियोजना की रूपरेखा में आवश्यक संशोधन करने का सुझाव दिया। अधिकारियों को सावधानीपूर्वक योजना बनाकर बिना किसी असुविधा के परियोजना को लागू करने के निर्देश दिए गए।
विकास के साथ जनकल्याण पर भी रहेगा जोर
समिति के अनुसार, मूसी परियोजना न केवल शहर के स्वरूप को बदल देगी, बल्कि नदी तट क्षेत्र में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाएगी। समिति ने अधिकारियों से कहा कि विकास और जनकल्याण साथ-साथ चलने चाहिए। इस परियोजना की सफलता सक्रिय जनभागीदारी पर निर्भर करेगी। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि परियोजना को 55 किलोमीटर क्षेत्र में पाँच चरणों में लागू किया जाएगा।
लगभग 7,055 करोड़ की अनुमानित लागत वाले प्रथम चरण के लिए एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के साथ तकनीकी और वित्तीय चर्चाएँ सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी हैं। मंत्रियों ने निर्देश दिया कि हिमायत सागर से बापूघाट तथा उस्मान सागर से बापूघाट तक के 21 किलोमीटर क्षेत्र में, विशेषकर न्यूनतम प्रभाव वाले पहले 5 किलोमीटर हिस्से में, प्रारंभिक निर्माण कार्य तुरंत शुरू किया जाएँगे।
मूसी परियोजना के प्रबंध निदेशक ई.वी. नरसिम्हा रेड्डी द्वारा प्रस्तुत डीपीआर में ठोस कचरे और नदी की सफाई, जलविज्ञान के आधार पर नदी तल की पुनर्संरचना, बाढ़ नियंत्रण हेतु रिटेनिंग वॉल का निर्माण, नदी के दोनों किनारों पर सड़कें, दोनों तटों के साथ प्रमुख सीवेज ड्रेनेज लाइनें, वर्षा जल निकासी नालियाँ, जल भंडारण हेतु बैराज, रिवरफ्रंट विकास का विवरण शामिल हैं। ईस्ट-टू-वेस्ट कॉरिडोर के अंतर्गत नारसिंगी से गौरेल्ली तक 55 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर प्रस्तावित है। उप्पल बागायत से गौरेल्ली तक विस्तार के लिए डीपीआर तैयार करने का कार्य जारी है।
भट्टी ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सभी स्वीकृतियाँ पूरी होने के बाद अगस्त 2026 तक कार्य प्रारंभ कर दिसंबर 2027 तक परियोजना पूर्ण कर ली जानी चाहिए। अधिकारियों को विस्तृत कार्यान्वयन कैलेंडर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
मूसी परियोजना का होगा व्यापक प्रचार
मंत्रियों ने मीरआलम टैंक की प्रगति की भी समीक्षा की। इस दौरान गांधी सरोवर परियोजना के लिए रक्षा विभाग से भूमि अधिग्रहण पर भी चर्चा हुई। भट्टी विक्रमार्का ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आगे बढ़ने से पहले सभी पर्यावरणीय स्वीकृतियाँ प्राप्त की जाएँ तथा शहर में होर्डिंग्स, बस स्टैंड, मुख्य सड़कों और यहाँ तक कि सिनेमा स्क्रीनिंग के माध्यम से मूसी परियोजना के लाभ का व्यापक प्रचार किया जाए। उन्होंने बताया कि वित्त, स्वीकृतियों और विभिन्न विभागों के समन्वय के लिए विशेष समितियाँ गठित की जाएँगी।
भट्टी विक्रमार्का ने विश्वास जताया कि यह परियोजना राजधानी के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। मंत्री श्रीधर बाबू ने स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित करने और परियोजना की प्रगति को दृश्य रूप से प्रदर्शित करने पर जोर दिया। उन्होंने निर्माण कार्य में तेजी लाने के साथ जनता की प्रतिक्रिया को शामिल करने और असुविधा को न्यूनतम रखने की सलाह दी। मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए एहतियाती उपायों पर जोर देते हुए कड़ी गुणवत्ता मानकों और निरंतर निगरानी की आवश्यकता बताई।
यह भी पढ़ें… सरकार का लक्ष्य हर गरीब परिवार को घर : पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी
मूसी परियोजना में रबर डैम लगाने की तैयारी
मंत्रियों ने मूसी परियोजना के अंतर्गत पर्यटन विकास के हिस्से के रूप में नदी के विभिन्न स्थानों पर चेक डैम की तर्ज पर रबर डैम स्थापित करने के प्रस्तावों की समीक्षा की। बैठक में बताया गया इससे जल भंडारण क्षमता बढ़ेगी तथा जल क्रीड़ा और बोटिंग को प्रोत्साहन मिलेगा। मंत्रियों ने प्रजा भवन में ओबरमेयर स्पिलवे गेट टेक्नोलॉजी आधारित रबर डैम मॉडल की समीक्षा की। अधिकारियों को नासिक और मुंबई में स्थापित समान परियोजनाओं का अध्ययन कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में महानगरीय क्षेत्र विकास के विशेष मुख्य सचिव जयेश रंजन, उपमुख्यमंत्री के सचिव कृष्णा भास्कर, जल बोर्ड के एमडी अशोक रेड्डी, संयुक्त एमडी गौतमी, अतिरिक्त कलेक्टर चंदर रेड्डी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। समीक्षा बैठक के बाद मधु पार्क रिज बी-ब्लॉक असोसिएशन के प्रतिनिधियों ने मंत्रियों से मुलाकात की। भट्टी ने आश्वासन दिया कि उनकी समस्याएँ सुनी जाएँगी।
अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।



