सरकार का लक्ष्य हर गरीब परिवार को घर : पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी

हैदराबाद, राजस्व एवं आवास मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने कहा कि हर गरीब को अपना घर उपलब्ध कराना और भूमिधारकों को उनकी भूमि पर स्पष्ट अधिकार दिलाना प्रजा सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि इंदिरम्मा आवास योजना के तहत गरीब परिवारों को उनके स्वयं के भूखंडों पर घर निर्माण के लिए प्रति घर 5 लाख की आर्थिक सहायता दी जा रही है। राज्य में लगभग 4 लाख घर मंजूर किए गए हैं।

मंत्री ने आवास निगम मुख्यालय में आवास एवं राजस्व विषयों पर संयुक्त नलगोंडा और महबूबनगर जिलों के प्रभारी मंत्रियों, मंत्रियों, सांसदों, एमएलसी, विधायकों, जिला कलेक्टरों, आवास, राजस्व और वन विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में विधान परिषद अध्यक्ष गुत्ता सुखेंदर रेड्डी, नलगोंडा प्रभारी मंत्री एवं एससी, एसटी कल्याण मंत्री लक्ष्मण कुमार, मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी, कोमटिरेड्डी वेंकट रेड्डी, श्रीहरि, जूपल्ली कृष्णाराव, योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष जी. चिन्ना रेड्डी, सरकारी सलाहकार जितेंदर रेड्डी व अन्य ने भाग लिया।

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कलेक्टरों को स्थानीय समन्वय से काम करने के निर्देश

अवसर पर पोंगुलेटी ने कहा कि जिला कलेक्टरों को कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में जमीनी स्तर की परिस्थितियों पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय से कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि जिला स्तर पर पूरा प्रशासनिक तंत्र समन्वय के साथ काम करे, तो समस्याओं का तत्काल समाधान हो सकता है। उन्होंने कहा कि इंदिरम्मा आवास योजना के क्रियान्वयन में अधिकतम अधिकार कलेक्टरों को ही दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इंदिरम्मा आवासों के मामले में किसी भी प्रकार की अनियमितताओं को जगह न देते हुए पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम किया जाए।

केवल योग्य लोगों को ही लाभ मिले, यह सुनिश्चित किया जाए। मामले में कहीं भी गलती हुई, तो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि पहले इंदिरम्मा आवासों के लिए अधिग्रहित कर पूरी तरह उपयोग में न लाई गई भूमि पर पात्र लोगों को घरों के पट्टे देने हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएँ। उन्होंने बताया कि पहले इंदिरम्मा आवास योजना के तहत घर स्वीकृत होने के बावजूद विभिन्न कारणों से निर्माण पूरा न कर पाने वालों को भी राहत देने पर विचार किया जा रहा है।

परियोजना निदेशकों को जिम्मेदारी से कार्य करने के निर्देश

विशेष रूप से जिलों में आवास निर्माण विभाग के परियोजना निदेशकों को पूरी जिम्मेदारी के साथ कर्तव्यों का पालन करना चाहिए तथा लाभार्थियों और उच्च अधिकारियों के बीच समन्वयक के रूप में कार्य करते हुए समस्याओं के समाधान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। मामले में लापरवाही बरती गई, तो सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि डबल बेडरूम आवासों के निर्माण कार्य किसी भी स्तर पर हों, इनके आवंटन के लिए आगामी 20 मई तक लाभार्थियों का चयन पूरा किया जाए।

मंत्री ने सुझाव दिया कि मामले में स्थानीय जनप्रतिनिधि भी पहल करें। उन्होंने कहा कि केवल पात्र गरीबों को ही लाभार्थी के रूप में चुना जाए। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी क्षेत्रों में राजस्व एवं पंजीकरण कार्यालयों के लिए नए भवनों के निर्माण हेतु कदम उठाए जा रहे हैं। एक लाख से अधिक जनसंख्या वाले मंडलों में आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त तहसीलदार नियुक्त किए जाएँगे।

मंत्री ने कहा कि राजस्व, वन आदि विभागों के बीच मौजूद भूमि विवादों की समस्या का स्थायी समाधान संबंधित विभागों द्वारा संयुक्त सर्वेक्षण करना ही है। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग में बड़े पैमाने पर सुधार लाये गये हैं और आरडीओ को व्यापक अधिकार दिये गये हैं। यदि इन अधिकारों का उपयोग जन समस्याओं के समाधान के बजाय अन्य उद्देश्यों के लिए किया गया, तो अत्यंत सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार भूमि विवादों के स्थायी समाधान के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। गरीबों को न्याय मिले इसके लिए व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।

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