मंचीरियाल के मृत किसानों के परिजनों को मुआवजा दे सरकार : केटीआर

हैदराबाद, भारत राष्ट्र समिति (भारास) कार्यकारी अध्यक्ष व पूर्व मंत्री कल्वाकुंट्ला तारक रामाराव ने मंचीरियाल जिले में अलग-अलग घटनाओं में भारी वर्षा व तेज हवाओं के चलते दीवार ढहने के कारण हुई 4 किसानों की मौत पर दुःख जताया और उनके परिजनों को प्रति परिवार 25 लाख रुपये मुआवजा देने की राज्य सरकार से माँग की।

केटीआर ने वरंगल में रैतु संग्राम सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जो घायल हुए हैं उन किसानों को सरकार बेहतर उपचार उपलब्ध कराए। उन्होंने चिंता जताई और आरोप लगाया कि कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद से ढाई वर्षों में करीब 1 हजार से अधिक किसानों की जान चली गई। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि किसानों की मौत से सड़क पर आ चुके उनके परिवारों को प्रति परिवार 10 लाख रुपये मुआवजा देकर सरकार सहारा दे। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि धान खरीद केंद्रों के पास ही पिछले 48 घंटों में करीब 8 किसानों की जान चली गई है।

यह अवश्य ही सरकारी हत्याएँ हैं। उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए कांग्रेस को कोरोना से भी खतरनाक बताया और कहा कि वरंगल डिक्लेरेशन में कांग्रेस ने किसानों से विशेषकर 34 वादे किए थे, लेकिन एक भी पूरा नहीं किया गया। उन्होंने सरकार से डिक्लेरेशन में किए सभी वादे तुरंत अमल करने की मांग की।

केटीआर ने आगे कहा कि धान खरीद केंद्रों के पास किसान इंतजार में हैं लेकिन सरकार धान नहीं खरीद रही है। उन्होंने प्रति क्विंटल 500 रुपये बोनस देने संबंधी कांग्रेस के वादे की याद दिलाई और तुरंत बोनस देने की मांग की। साथ ही कहा कि बोनस देने से बचने के लिए सरकार धान खरीदने से कदम पीछे हटा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में कृषि और किसान भयंकर संकट में हैं।

धान बोनस, फसल खरीद और कर्जमाफी की मांग तेज

किसानों की मौतें हो रही हैं लेकिन मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को समीक्षा करने तक का समय नहीं है। उन्होंने सभा में 4 प्रस्ताव पारित किए, जिसमें किसानों की सारी फसलें बिना शर्त खरीदने, धान पर प्रति क्विंटल 500 रुपये बोनस देने, रैतु भरोसा योजना के सारे बकाए अदा करने, जिन किसानों को 2 लाख रुपये तक के कर्ज माफ नहीं किए गए हैं, तुरंत माफ करने की मांग की।उन्होंने कहा कि चुनाव के पहले किसानों के 50 हजार करोड़ रुपये तक के कर्ज माफ करने का वादा करने वाली कांग्रेस ने सत्ता में आने के बाद केवल 12 हजार करोड़ रुपये के कर्ज माफ करके हाथ झटककर धोखा दिया है।

केटीआर ने प्रश्न किया कि तेलंगाना में किसान आत्महत्याएँ कर रहे हैं, तो राहुल गांधी कहां हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री की आलोचना करते हुए कहा कि वरंगल में भद्रकाली मंदिर में शपथ लेकर रेवंत रेड्डी ने सभी किसानों के 2 लाख रुपये तक के कर्ज माफ करने का वादा किया था लेकिन नहीं पूरे किए। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि दम हो तो रेवंत रेड्डी साथ आएं। जो गांव कहेंगे, वे साथ जाएंगे। सभी किसानों के कर्ज माफ कर दिए हैं, यदि यह साबित कर दिया गया तो तुरंत पद से वे (केटीआर) इस्तीफा दे देंगे।

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केटीआर ने आगे कहा कि पूर्व केसीआर सरकार ने 10 साल के शासन में किसानों पर 5 लाख करोड़ रुपये खर्च किए। उन्होंने कहा कि किसानों को यूरिया तक उपलब्ध कराने में कांग्रेस सरकार असमर्थ है इसलिए मोबाइल ऐप लेकर आई है। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि ऐप बंद करके दुकानों पर यूरिया उपलब्ध कराएं। नोटों की बोरियां ढोने वाले मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के पास किसानों को यूरिया की बोरियाँ उपलब्ध कराने तक की समझ नहीं है।

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