मोबाइल फोन मामले में सोशल मीडिया पोस्ट हटाने बीआरएस को आदेश

हैदराबाद, हैदराबाद सिटी सिविल कोर्ट ने अंतरिम आदेश में आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए मोबाइल फोन खरीद में कथित अनियमितताओं को लेकर बीआरएस द्वारा लगाए गए आरोपों को भ्रामक प्रचार मानते हुए गत 10 अप्रैल को बीआरएस के आधिकारिक सोशल मीडिया खातों पर डाली गई विवादास्पद पोस्टों को तुरंत हटाने का निर्देश दिया।
कांग्रेस के आधिकारिक सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर साझा किये गये पोस्ट में बताया गया कि टेंडर नोटिफिकेशन से लेकर भुगतान संबंधी सभी दस्तावेजों की जाँच करने के बाद अदालत ने स्पष्ट किया कि 30 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार के बीआरएस के आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है। अदालत ने कहा कि सरकार ने प्रत्येक मोबाइल फोन 11,650 रुपये की दर से कुल 44.42 करोड़ रुपये में खरीदे थे, जबकि बीआरएस ने यह प्रचार किया कि 8,499 रुपये कीमत वाले फोन को 14,499 रुपये में खरीदा गया, जो तथ्यात्मक रूप से गलत है।
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अदालत ने माना कि ये आरोप मंत्री सीतक्का की छवि को नुकसान पहुँचाने की मंशा से लगाए गए थे। इसी मामले में मंत्री सीतक्का ने बीआरएस प्रमुख के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) और पार्टी के सोशल मीडिया विंग के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया। मामले में मंत्री सीतक्का की ओर से अधिवक्ता नागुलूरी कृष्ण कुमार ने अदालत में पक्ष रखा। सुनवाई के बाद अदालत ने बीआरएस पार्टी और केसीआर को विवादित पोस्ट हटाने के निर्देश जारी किए।
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