क्रूज जहाज पर हंता वायरस का खतरा, WHO ने जताई और मामलों की आशंका

अमेरिका, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने गुरुवार को कहा कि अटलांटिक महासागर में चल रहे क्रूज जहाज एमवी होंडियस पर तीन यात्रियों की मौत के बाद हंता वायरस संक्रमण के और मामले सामने आ सकते हैं। हालांकि, WHO ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि देशों द्वारा उचित सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय लागू किए जाते हैं, तो यह “सीमित प्रकोप” ही रहेगा।
क्रूज जहाज पर हुई मौतों ने वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। WHO के आपातकालीन अलर्ट और प्रतिक्रिया संचालन प्रमुख अब्दिरहमान शेख महमूद ने कहा कि संगठन फिलहाल “सीमित स्थान और करीबी संपर्क वाले संक्रमण समूह” पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। उन्होंने कहा, “हमें बड़े महामारी प्रकोप की आशंका नहीं है। सदस्य देशों के अनुभव और उठाए गए कदमों के आधार पर हमें विश्वास है कि इससे संक्रमण की लंबी श्रृंखला नहीं बनेगी।”
क्या है हंता वायरस?
हंता वायरस एक जूनोटिक बीमारी है, यानी यह जानवरों से इंसानों में फैलती है। यह वायरस मुख्य रूप से कृंतकों यानी चूहों में पाया जाता है और उनके मल, लार या सीधे संपर्क के जरिए इंसानों तक पहुंच सकता है। संक्रमण के बाद बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, पेट दर्द, मतली और उल्टी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। गंभीर मामलों में यह बीमारी जानलेवा भी हो सकती है।
WHO के अनुसार, हंता वायरस के लिए फिलहाल कोई वैक्सीन या विशेष इलाज उपलब्ध नहीं है। हालांकि, शुरुआती चिकित्सकीय निगरानी और श्वसन, हृदय तथा किडनी संबंधी जटिलताओं के इलाज से मरीज के बचने की संभावना बढ़ सकती है। संक्रमण से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका संक्रमित लोगों और कृंतकों के संपर्क को कम करना है।
दक्षिण अमेरिका में पाए जाने वाले एंडीज हंता वायरस की खास बात यह है कि इसके सीमित मानव-से-मानव संक्रमण के मामले भी दर्ज किए गए हैं। WHO प्रमुख टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस ने बताया कि अब तक पांच पुष्ट और तीन संदिग्ध मामले सामने आए हैं, जिनमें तीन मौतें शामिल हैं। उन्होंने कहा कि एंडीज वायरस का ऊष्मायन काल छह सप्ताह तक हो सकता है, इसलिए आने वाले दिनों में और मामले सामने आ सकते हैं।
क्रूज जहाज पर कैसे फैला संक्रमण?
रिपोर्ट के अनुसार, एक यात्री जहाज पर सवार होने से पहले ही वायरस से संक्रमित था और उसी से अन्य लोगों में संक्रमण फैला। अर्जेंटीना के उशुआइया शहर से 1 अप्रैल को रवाना हुए जहाज पर दक्षिण अमेरिका घूमकर आए एक डच दंपति की सबसे पहले मौत हुई। इसके बाद 2 मई को एक जर्मन यात्री की भी मौत हो गई।
बुधवार को जहाज के केप वर्डे पहुंचने पर तीन लोगों को वहां से निकाला गया, जबकि एक अन्य संक्रमित व्यक्ति गुरुवार को एम्स्टर्डम पहुंचा। जहाज संचालक कंपनी ने कहा कि फिलहाल जहाज पर किसी अन्य व्यक्ति में संक्रमण के लक्षण नहीं दिख रहे हैं। जहाज अब स्पेन के कैनरी द्वीप समूह की ओर बढ़ रहा है, जहां इसके रविवार तक पहुंचने की उम्मीद है।

WHO ने 12 देशों को सतर्क किया है, क्योंकि उनके नागरिक सेंट हेलेना द्वीप पर जहाज से उतर चुके हैं। संक्रमित या संदिग्ध मरीजों का इलाज और आइसोलेशन ब्रिटेन, जर्मनी, नीदरलैंड, स्विट्जरलैंड और दक्षिण अफ्रीका में किया जा रहा है। अर्जेंटीना के स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि अभी तक संक्रमण के स्रोत की पुष्टि नहीं हो पाई है। अधिकारियों का कहना है कि उशुआइया शहर में कृंतकों की जांच की जाएगी, ताकि संक्रमण के शुरुआती स्रोत का पता लगाया जा सके।
WHO विशेषज्ञ मारिया वान केरखोवे ने कहा कि हंता वायरस का फैलाव कोविड-19 या इन्फ्लूएंजा से बिल्कुल अलग तरीके से होता है। इसके लिए लंबे और करीबी संपर्क की जरूरत होती है, इसलिए इसके तेजी से वैश्विक महामारी बनने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है।
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