हैदराबाद : साइबर ठगी के दो मामलों में 5 गिरफ्तार

हैदराबाद, तेलंगाना साइबर सुरक्षा ब्यूरो पुलिस ने साइबर ठगी के दो मामलों में 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तेलंगाना की अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक व तेलंगाना साइबर सुरक्षा ब्यूरो की निदेशक शिखा गोयल ने आज यहाँ जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि केरल से दो साइबर ठगों अरुण श्रीनिवास (41) और सनल वी मेनन (48) को गिरफ्तार किया गया। श्रीनिवास डिजिटल मार्केटिंग का व्यापार करता है और मेनन बैंकिंग और फायनांस के क्षेत्र में कंसल्टेंट के रूप में कार्यरत है।
गत 2 जनवरी को हैदराबाद निवासी वरिष्ठ नागरिक ने शिकायत दर्ज करवाई। उसने अपनी शिकायत में बताया कि सुनील शर्मा के नाम से एक व्यक्ति ने 27 अक्तूबर को उसे व्हॉट्सऐप कॉल कर बताया कि उसके नाम पर ब्लू डॉट कस्टर केयर में एक पार्सल प्राप्त हुआ है, जिसमें कुछ अवैध सामग्री रखी हुई है। इसके बाद उसे एक ओर फोन कॉल किया गया, जिसमें फोन करने वाले ने अपने आपको मुंबई पुलिस अधिकारी बताया।
शिकायतकर्ता को डिजिटल अरेस्ट करने की धमकी दी गई। इस धमकी के आधार पर शिकायतकर्ता के जरिए 29 अक्तूबर को 19.8 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में स्थानांतरित करवाए गए। इसके बाद इसी प्रकार उसे डरा-धमकाकर दो माह की अवधि में 7,12,80,000 रुपये वसूले गए। इसके बाद उसे कहा गया कि वह एनसीआरपी में शिकायत करें। 31 दिसंबर को उसने एनसीआरपी में शिकायत की, तब उसे पता चला कि वह साइबर ठगी का शिकार हो गया है।
अरुण श्रीनिवास ने मणिपुर निवासी से गुवाहाटी में मुलाकात की
गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने दो सेलफोन जब्त किए गए। उन्होंने बताया कि आरोपी सनल मेनन जयपुर निवासी एक व्यक्ति से सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में था और उसने इस व्यक्ति के जरिए कमीशन के आधार पर साइबर ठगी के लिए बैंक खाते प्राप्त किए थे। इसी प्रकार अरुण श्रीनिवास भी सोशल मीडिया के माध्यम से मणिपुर निवासी एक व्यक्ति से संपर्क में था। श्रीनिवास गुवाहाटी के दौरे के समय मणिपुर निवासी व्यक्ति से मुलाकात की।
मुलाकात के दौरान उस व्यक्ति ने श्रीनिवास को बताया कि वह व्यापार में घाटे के कारण आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहा था। श्रीनिवास ने उसकी आर्थिक तंगी दूर करने के लिए बैंक खाता उपलब्ध करवाने पर भारी भरकम कमीशन देने का आश्वासन दिया। इस प्रकार ठगी के लिए बैंक खाते हासिल करने के बाद दोनों आरोपियों ने हैदराबाद निवासी शिकायतकर्ता को साइबर ठगी का शिकार बनाया।
एक अन्य घटना में शिखा गोयल ने बताया कि ऑनलाइन ट्रेडिंग की आड़ में तीन साइबर ठगों ने बेगमपेट निवासी एक व्यापारी को 3,40,96,958 रुपये का चूना लगाया। व्यापारी ने गत 3 जनवरी को शिकायत की और उसने बताया कि उसे 29 अक्तूबर को एक व्हॉट्सऐप कॉल प्राप्त हुई, जिसमें फोन करने वाले ने अपना नाम नदीर वर्मा बताया और अपने आपको स्टॉक मार्केट में शोध करने वाला प्रोफेसर बताया।
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साइबर ठगों ने व्यापारी से पहले एक लाख रुपये का निवेश कराया
उसने शिकायतकर्ता से कहा कि उसे स्टॉक मार्केट का अच्छा-खासा अनुभव है और उसकी सलाह पर ऑनलाइन ट्रेडिंग में पैसा लगाने पर भारी मुनाफा प्राप्त हो सकता है। इसके बाद 4 जनवरी को वर्मा ने शिकायतकर्ता से कहा कि उसे उसकी सहायिका आयशा उसका दिशा-निर्देशन करेगी। इस प्रकार व्यापारी को साइबर ठगों ने अपने जाल में फँसा लिया और शिकायतकर्ता ने 2 दिसंबर को उनके कहने पर एक लाख रुपये का निवेश किया, जिसमें उसे कुछ मुनाफा दिखाया गया। इसके बाद साइबर ठगों ने शिकायतकर्ता से कहा कि बड़े पैमाने पर निवेश करने पर उसे भारी मुनाफा प्राप्त होगा। उनकी बातों में आकर शिकायतकर्ता ने 22 दिन के दौरान कुल 3.40 करोड़ रुपये का निवेश किया।
कुछ दिन बाद उसे पता चला कि वह साइबर ठगी का शिकार हो गया है। प्राप्त शिकायत के आधार पर पुलिस ने जाँच-पड़ताल कर बेंगलुरू निवासी जिप क्लीनिंग सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक वी. जयप्रकाश (43), इसी कंपनी के एक और निदेशक बालराजू (51) और पेशे से व्यापारी हरीश (55) को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से तीन सेलफोन जब्त किए गए। तीनों आरोपी अपना गिरोह बनाकर साइबर ठगी को अंजाम दे रहे थे। तीनों मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस इंस्पेक्टर डी. श्रीनू, डी. आशीष रेड्डी, ई. श्रीनू नायक द्वारा पुलिस उपायुक्त केवीएम प्रसाद के नेतृत्व में की गई। सभी आरोपियों को हैदराबाद लाने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
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