हैदराबाद मेट्रो फेज-2 : रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम के प्रस्ताव पर विचार

हैदराबाद, हैदराबाद मेट्रो रेल को तेलंगाना सरकार द्वारा एल एंड टी से अधिग्रहित करने के बीच खबर है कि केंद्र ने एक नया प्रस्ताव पेश किया है। केंद्र ने दूसरे चरण के लिए रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) के रूप में एक वैकल्पिक मॉडल का प्रस्ताव तैयार किया है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, आरआरटीसीएस हाई-स्पीड रेल प्रणाली होने के कारण हैदराबाद मेट्रो रेल के दूसरे एवं तीसरे चरण के लिए अधिक उपयुक्त माना जा रहा है। केंद्र ने संकेत दिया है कि आरआरटीएस विकल्प के तहत कुल 192.2 किमी का नेटवर्क जिसमें दूसरे चरण के ए और बी भाग के अतिरिक्त 30 किमी का हिस्सा लगभग 48,000 करोड़ की लागत से विकसित किया जा सकता है, जिसमें भूमिगत खंड भी शामिल है। यह राज्य सरकार की 162.5 किमी के एचएमआरपी दूसरे चरण के नेटवर्क की 59,000 करोड़ की योजना से 11,000 करोड़ रुपये कम है।

केंद्रीय आवासीय एवं शहरी मामलों के मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, यूरोपियन ट्रेन कंट्रोल सिस्टम सिग्नलिंग पहले ही दिल्ली से मेरठ के बीच लागू की जा चुकी है, जहां मेट्रो और आरआरटेस सेवाएं साझा अवसंरचना पर चल रही हैं। इसी तरह का ईटीसीएस सिस्टम हैदराबाद में भी लागू किया जा सकता है। हैदराबाद मेट्रो रेल अधिकारियों का मानना है इस विषय पर संभावनाओं का अध्ययन किया जा रहा है।

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हालाँकि इसमें प्रस्तावित  लकड़ी का पुल मेहदीपट्टनम से अरामघर जैसे मार्गों पर भूमि अधिग्रहण को लेकर चिंताएं भी जताईं जा रही हैं।  भूमि अधिग्रहण से बचने के लिए लगभग 6.5 किमी भूमिगत कॉरिडोर सुझाए गए हैं। वास्तविक लागत का आकलन विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के दौरान ही संभव होगा।

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