ईको-टूरिज्म पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश: रेवंत रेड्डी
हैदराबाद, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों को राज्य में ईको-टूरिज्म के विकास पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सिंगापुर जैसे देशों में केवल 30 एकड़ भूमि पर नाइट सफारी की सुविधा उपलब्ध है। हमारे पास विशाल वन क्षेत्र है, इनमें नदियां और झरने भी है। हमें इन प्राकृतिक संसाधनों के सदुपयोग करना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को इस दिशा में आवश्यक योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा उन्होंने वन्य जीवों के हमलों में मारे गए या घायल हुए लोगों और अपने पशुधन व पालतू जानवरों को खोने वालों को तत्काल मुआवजा प्रदान करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के आदेश दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि इसके लिए आवश्यक सीमा तक सीएमआरएफ से धनराशि का उपयोग किया जाए। रेवंत रेड्डी ने आज कमांड कंट्रोल सेंटर में वन विभाग की समीक्षा बैठक की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हमारे आस-पास अमराबाद और कवल टाइगर रिजर्व होने के बावजूद तेलंगाना के लोग बाघ देखने के लिए दूसरे राज्यों को जा रहे हैं।
रेवंत रेड्डी ने अमराबाद और कवल टाइगर रिजर्व के जंगलों में पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के लिए आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने का आदेश दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि भूमि विवादों को सुलझाने के लिए वन और राजस्व विभागों के बीच एक संयुक्त सर्वेक्षण किया जाना चाहिए। उन्होंने जिलाधीशों को इस मामले पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि वरंगल काकतीया चिड़ियाघर के विकास के लिए योजनाएं बनाई जानी चाहिए।
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वरंगल चिड़ियाघर और वन विभाग सुधार योजनाएं
रेवंत रेड्डी ने हैदराबाद के बाद राज्य के सबसे बड़े शहर वरंगल में सार्वजनिक-निजी भागीदारी के माध्यम से चिड़ियाघर विकसित करने की संभावनाओं पर अध्ययन करने का सुझाव दिया। सीएम ने सुझाव दिया कि वन विभाग और संबंधित कार्य करने वाले विभागों के अधिकारियों को वन विभाग के दायरे में बनने वाली सड़कों और अन्य विकास कार्यों के लिए आवश्यक अनुमतियों के मामले में आपस में समन्वय स्थापित करना चाहिए।
रेवंत रेड्डी ने कहा कि केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से जल्द से जल्द अनुमति प्राप्त की जानी चाहिए। सीएम ने आदेश दिया कि वन्यजीवों की सुरक्षा और उनकी गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए जंगलों में लगाए गए सभी कैमरों को कमांड कंट्रोल सेंटर से जोड़ा जाए। उन्होंने वन विभाग में अधिकारियों की कमी के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने मुख्य सचिव को राज्य को उचित संख्या में आईएफएस अधिकारियों के आवंटन पर केंद्र से परामर्श करने की सलाह दी।
रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों को वन विभाग में पदोन्नति और पदों पर नियुक्ति से संबंधित प्रस्ताव तुरंत तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि विभाग में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को पुरस्कार देने की प्रक्रिया बहाल की जानी चाहिए। इस समीक्षा बैठक में वन एवं पर्यावरण मंत्री कोंडा सुरेखा, वन प्रधान सचिव अहमद नदीम, सीएम के ओएसडी वेमुला श्रीनिवासुलु, पीसीसीएफ डॉ. सी. सुवर्णा, पीसीसीएफ (वन्यजीव) एलु सिंह मेरु और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
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