उस्मानिया मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों ने किया विरोध प्रदर्शन

हैदराबाद, अफजलगंज थाना परिधि के अंतर्गत उस्मानिया मेडिकल कॉलेज के पीजी डॉक्टर कटरावत सुरेश नायक (26) ने आज सुबह नींद की गोलियाँ अधिक मात्रा में खाने के बाद बेहोशी का इंजेक्शन लगाकर खुदकुशी कर ली। इस घटना को लेकर उस्मानिया मेडिकल कॉलेज के जूनियर के डॉक्टरों ने कड़ा विरोध जताया और डॉ. सुरेश के शव को कैजुअल्टी से उस्मानिया अस्पताल के मुर्दाखाने ले जाने से रोक दिया।
घटना की जानकारी मिलने पर पूर्वी जोन के पुलिस उपायुक्त जी. चंद्रमोहन, एसीपी सुदर्शन और अफजलगंज इंस्पेक्टर मोहन राव ने उस्मानिया अस्पताल पहुँचकर विरोध जता रहे डॉक्टरों को समझा-बुझाकर सुरेश के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मुर्दाघर भिजवाया। मुर्दाघर के पास भी इस घटना को लेकर जूनियर डॉक्टरों ने धरना देकर विरोध जताया और स्वास्थ्य मंत्री तथा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जड़चर्ला ज़िले के कोरिगल मंडल, पालागड्डा तांडा निवासी कटरावत सुरेश नायक उस्मानिया मेडिकल कॉलेज में पीजी प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। पिछले तीन माह से वह उस्मानिया अस्पताल परिसर स्थित पीजी हॉस्टल के चौथे माले पर रह रहा था। सुरेश नायक के सहपाठियों के अनुसार पिछले 10 दिन से मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ डॉक्टर सुरेश को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे।
यह भी पढ़ें… बड़े भाई ने कर दी शराबी युवक की हत्या
लंबे ड्यूटी घंटों से प्रताड़ना के आरोप
जान-बूझकर सुरेश को लम्बे समय तक ड्यूटी पर तैनात किया जा रहा था। उसने इस प्रताड़ना के बारे में हाल ही में अपने मामा, जो एक पुलिस अधिकारी है, को फोन कर जानकारी दी थी। जूनियर डॉक्टरों ने आरोप लगाया कि जान-बूझकर प्रताड़ित करने के कारण ही सुरेश ने आत्महत्या की है। जूनियर डॉक्टरों ने इस घटना के लिए जिम्मेदार वरिष्ठ डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करने की माँग की।
पीजी द्वितीय वर्ष की डॉ. अमूल्या के अनुसार, आज सुबह सुरेश ने अपनी माँ नागमणि से फोन कर बातचीत की। इसके बाद सुबह 7.30 बजे सुरेश ने अधिक मात्रा में नींद की गोलियाँ खा लीं और इसके साथ ही भारी मात्रा में बेहोशी का इंजेक्शन लगा लिया। इस कारण वह वहीं कमरे में बेहोश होकर गिर गया। सुरेश को उस्मानिया अस्पताल के कैजुअल्टी वार्ड ले जाया गया, जहाँ सुरेश का परीक्षण कर उसे मृत घोषित कर दिया।
अमूल्या ने ही इस घटना की सुरेश की माँ नागमणि को फोन कर जानकारी दी। जानकारी मिलते ही सुरेश के परिजन तुरन्त अस्पताल पहुँच गए। भारी हंगामे के बीच उस्मानिया अस्पताल के मुर्दाघर में सुरेश के शव का पोस्टमॉर्टम कर उसे भारी सुरक्षा के बीच जड़चर्ला भेज दिया गया। पुलिस प्राप्त शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर छानबीन कर रही है।
अब आपके लिए डेली हिंदी मिलाप द्वारा हर दिन ताज़ा समाचार और सूचनाओं की जानकारी के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल की सेवाएं प्रस्तुत हैं। हमें फॉलो करने के लिए लिए Facebook , Instagram और Twitter पर क्लिक करें।



